: छत्तीसगढ़ में 25 प्रतिशत से ज्यादा महिला प्रत्याशी उतारेगी कांग्रेस
Sat, Oct 14, 2023
रायपुर.
महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का बिल पारित होने के बाद कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में इस बार 25 प्रतिशत से अधिक महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारने का लक्ष्य रखा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक 15 अक्टूबर से जारी होने वाली कांग्रेस की सूची में इस बार 22 से अधिक महिलाओं को टिकट दिया जा सकता है। पिछली बार कांग्रेस ने 13 महिलाओं को टिकट दिया था, जिनमें से 10 जीती थीं। जबकि 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 14 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया था, जिसमें सिर्फ एक प्रत्याशी को जीत मिली थी।
कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा संकेत दी है कि प्रदेश की सभी 11 लोकसभा सीटों पर दो-दो महिलाओं को टिकट मिलेगी। इसी चुनाव में भाजपा ने कुल 90 विधानसभा सीटों में 85 सीटों पर 14 महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है। यह लगभग 13 प्रतिशत
है। यानि भाजपा की तुलना में कांग्रेस दोगुनी महिला प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। प्रदेश में महिलाओं के अगर मुद्दों की बात करें तो यहां शराबबंदी को लेकर महिलाएं मुखर रही हैं। इस चुनाव में भी इसका असर दिख रहा है। विपक्षी दल भाजपा की नेत्रियां शराबबंदी की मांग को लेकर लगातार मोर्चा खोल रखी है।
हर साल बढ़ी महिला विधायक बनने की होड़
छत्तीसगढ़ में 2003 से 62 महिला प्रत्याशी मैदान पर थीं। 2008 में यह बढ़कर 94 हुईं। 2018 के विधानसभा चुनाव में 115 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। 2023 में यह संख्या 120 से पार होने की संभावना है।
मप्र, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना से ज्यादा छत्तीसगढ़ में महिला वोटर
छत्तीसगढ़ में महिला मतदाताओं ने लिंगानुपात में मध्यप्रदेश, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना को पीछे छोड़ दिया है। छत्तीसगढ़ में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है। अन्य राज्यों की स्थिति पर गौर करें तो राजस्थान, मध्यप्रदेश, मिजोरम और तेलंगाना के कुल मतदाताओं में पुरुषों की संख्या अधिक है। छत्तीसगढ़ में 2.03 करोड़ कुल मतदाताओं में महिला मतदाताओं की संख्या 1.02 करोड़ महिला और पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.01 करोड़ हैं।
सीटों के अनुपात में देशभर में सबसे ज्यादा विधायक छत्तीसगढ़ में
एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट-2022 की रिपोर्ट पर गौर करें तो कुल सीटों के मुकाबले छत्तीसगढ़ में वर्तमान में महिला विधायकों की हिस्सेदारी देश के अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे अधिक है। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल ऐसे राज्य हैं, जहां महिला विधायकों का प्रतिशत 10 से 14 फीसदी के बीच है, वहीं छत्तीसगढ़ की 90 सीटों पर वर्तमान में 16 महिला विधायक यानि कुल सीटों के मुकाबले हिस्सेदारी 18 प्रतिशत है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, महिला आरक्षण विधेयक कांग्रेस की सोच की उपज थी। छत्तीसगढ़ के उपचुनाव में भी हमने महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया था। 2018 के विधानसभा में महिला उम्मीदवारों ने रिकार्ड बनाया। इस विधानसभा चुनाव में हम भाजपा से ज्यादा महिला उम्मीदवार मैदान में उतारेंगे और सभी प्रत्याशी जीत कर आएंगी।
फैक्ट फाइल
90 विधानसभा सीटों पर पिछले चुनावों की स्थिति
चुनावी वर्ष महिला प्रत्याशी विजयी प्रत्याशी
2003 62 06
2008 94 12
2013 83 10
2018 115 16
प्रदेश में अभी ये हैं महिला विधायक -
अंबिका सिंहदेव (बैकुंठपुर)-कांग्रेस
उत्तरी गणपत जांगड़े (सारंगढ़)-कांग्रेस
रेणु जोगी (कोटा)-जकांछ
डा. रश्मि सिंह (तखतपुर)-कांग्रेस
इंदू बंजारे (पामगढ़)-बसपा
शकुंतला साहू (कसडोल)-कांग्रेस
अनिता शर्मा (धरसींवा)-कांग्रेस
डा. लक्ष्मी ध्रुव (सिहावा)-कांग्रेस
रंजना साहू (धमतरी)-भाजपा
संगीता सिन्हा (संजारी बालोद)-कांग्रेस
अनिला भेड़िया (डौंडीलोहारा)-कांग्रेस
ममता चंद्राकर (पंडरिया)-कांग्रेस
छन्नी साहू (खुज्जी)-कांग्रेस
देवती कर्मा (दंतेवाड़ा)-कांग्रेस
यशोदा वर्मा (खैरागढ़)-कांग्रेस
सावित्री मंडावी (भानुप्रतापपुर)-कांग्रेस
: टिकट नहीं मिलने पर BJP से बागी हुए राजेश श्यामकर
Sat, Oct 14, 2023
रायगढ़.
प्रदेश में 2023 विधानसभा चुनाव को लेकर बिगुल बज चुका है। भारतीय जनता पार्टी ने 85 विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशियों की घोषणा भी कर दी है। बीजेपी ने डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विनोद खांडेकर को प्रत्याशी बनाया है जिससे नाराज होकर भाजपा नेता राजेश श्यामकर ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। शुक्रवार को राजेश श्यामकर ने शहर के स्टेट हाई स्कूल मैदान से नामांकन रैली निकाली और कलेक्ट्रेटपहुंच कर नामांकन प्रक्रिया में भाग लिया।
प्रदेश में प्रत्याशियों की घोषणा होने के बाद भाजपा को पहला झटका लगा है। राजेश श्यामकर वर्तमान में क्षेत्र क्रमांक नौ से जिला पंचायत सदस्य हैं।राजेश श्यामकर सैकड़ों की संख्या में समर्थकों के साथ स्टेट हाई स्कूल मैदान से रैली निकाली और कलेक्ट्रेट में जाकर नामांकन प्रक्रिया में हिस्सा लेते हुए नामांकन फॉर्म खरीदा। इस दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि- मेरे कार्यकर्ताओं की वजह से मुझे यह कदम उठाना पड़ रहा है। बहुत दुखी मन से यह कदम उठाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मजबूर किया है। कोई भी भाजपा का कार्यकर्ता पार्टी के खिलाफ जाना नहीं चाहता था लेकिन बीजेपी के नेताओं ने पार्टी के खिलाफ जाने के लिए हमें मजबूर किया है।
राजेश श्यामकर ने डोंगरगढ़ विधानसभा से बीजेपी के प्रत्याशी को लेकर कहा कि डोंगरगढ़ से जिसको प्रत्याशी बनाया गया है उसका पुतला दहन भी किया गया है। ऐसी जानकारी मुझे मिली है। भारतीय जनता पार्टी की आईडियोलॉजी हिंदू आईडियोलॉजी है, उसके बाद भी भारतीय जनता पार्टी ने हिंदुओं की भावना को ठेस पहुंचाया है उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा।
: पुलिस ने लगाई अब गुंडे-बदमाशों की परेड
Sat, Oct 14, 2023
रायपुर.
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होना है इसलिए अपराधिक मामलों और बढ़ते क्राइम को रोकने के लिए गुंडे-बदमाशों के ऊपर पुलिस की पैनी नजर है। इसके साथ ही बदमाशों पर कार्रवाई की जा रही है। बदमाशों के ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। इस दौरान पुलिस ने डेढ़ सौ से अधिक गुंडे-बदमाशों को पुलिस थाना ने लाकर उनकी परेड ली है। इसके साथ ही शांति व्यवस्था बनाए रखने की समझाइश दी है।
छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपराधों की रोकथाम, अपराधियों पर नकेल कसने समेत सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रायपुर पुलिस कार्रवाई कर रही है। एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने थाना क्षेत्रों के गुंडा और निगरानी बदमाशों और अपराधिक तत्वों की चेकिंग कर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्र के डेढ़ सौ से अधिक गुंडे-निगरानी बदमाशों और अपराधिक तत्वों को थानों में लाकर उनकी परेड़ ली गई है। इसके साथ ही उनको समझाया गया कि वे अपराधों से दूर रहकर शांति पूर्वक अपने परिवार के साथ जीवन यापन करें। पुलिस जब भी उन्हें उपस्थित होने कहा जाता है, तो वे तत्काल पुलिस स्टेशन पर उपस्थित होवें। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र में सुरक्षा, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। कुछ सक्रिय गुदा बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।