: शिक्षक जान जोखिम में डालकर बना रहे बच्चों का भविष्य!
Thu, Aug 8, 2024
रामानुजनगर |
बारिश होने पर या नदी में पानी ज्यादा होने पर स्कूली बच्चे अक्सर पढ़ने नहीं जा पाते और महीनो के लिए उनका स्कूल प्रभावित रहता है, स्कूली शिक्षक भी नदी पार करते हुए बच्चों को लेकर चिंतित रहते हैं।
गौरतलब है कि जिले का गठन हुए 12 साल बीत चुके हैं लेकिन ग्रामीण बाहुल्य इस जिले में कई इलाके आज भी पहुंचविहीनता के श्राप से मुक्त नहीं हो सके हैं। शासन सत्ता के बदलते दौर में भी हालात जस के तस बने हुए हैं। ताजा मामला सामने आया है सूरजपुर जिले के विकासखण्ड रामानुजनगर के विद्यालय प्राथमिक शाला कटेलपारा का को पतरापाली संकुल के अंतर्गत आता है। यहाँ से सामने आई तस्वीर विकास के तमाम दावों की पोल खोलती है। एक ओर हर विभाग के अधिकारी जहाँ शिक्षको के जांच में लगे रहते है वही इन शिक्षकों की कर्तव्य निष्ठा किसी को नजर नही आती।
यहां गांव की नदी पर पुल न होने की वजह से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालात ऐसे हैं कि अभिभावक और शिक्षक हर रोज नदी पार करते बच्चों को लेकर चिंता में रहते हैं। नाला पार कर आने के अलावा एक रास्ता और भी जो जंगल से होकर जाता है और अत्यधिक कीचड़ एवं जंगली जानवरों का भय बना रहता है। रास्ता न होने के चलते अभिभावक बच्चों को गांव में पढ़ाना नहीं चाहते क्योंकि नदी पार करने के दौरान उन्हें किसी अप्रिय घटना का डर बना रहता है।
कई दिनों तक बंद रहती है पढ़ाई
ग्राम दवना के प्राथमिक शाला दवना में शिक्षक तो प्रतिदिन पहुच जाते है पर नाले के उस पर के लगभग 10 बच्चे रहते हैं। कटेलपारा में आज भी सड़क के अभाव में नाला पार कर आवागमन करने को मजबूर हैं। यहां स्कूली बच्चे भी नाला पार कर पढ़ने जाते हैं, ऐसे में बारिश होने पर या नदी में पानी ज्यादा होने पर स्कूली बच्चे अक्सर पढ़ने नहीं जा पाते और कई दिनों के लिए उनका स्कूल प्रभावित रहता है।
शिक्षक सर पर साइकिल रख कर जाते हैं। स्कूल में पदस्थ शिक्षक रामनरेश गुप्ता कंधे पर अपना साइकिल उठाकर प्रतिदिन स्कूल जाते हैं। वही विद्यालय में पढ़ती का मनीषा कंवर विद्यालय से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर अपनी स्कूटी खड़ी कर पैदल नदी को पार कर स्कूल में अध्यापन कार्य कर रही हैं।
टीचरों को भी रहती है टेंशन
स्कूली शिक्षक भी नदी पार करते हुए बच्चों को लेकर चिंतित रहते हैं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस मामले से अवगत भी करवा चुके हैं।
: पहाड़गांव और कुमेली जलप्रपात पर्यटन क्षेत्र का होगा विकास
Thu, Aug 8, 2024
सूरजपुर | कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आज जिले में पर्यटन विकास की दृष्टि से रामानुजनगर जनपद अंतर्गत कुमेली जलप्रपात और सूरजपुर जनपद अंतर्गत पहाड़ गांव क्षेत्र का दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने इन क्षेत्रों में हुए पूर्व के निर्माण कार्यों का अवलोकन करते हुए अन्य विकास कार्य करने के निर्देश दिए।गौरतलब है कि पहाड़गांव सूरजपुर जनपद में अंबिकापुर रोड, सिलफिली के समीप स्थित क्षेत्र है जहां खोखनिया बांध निर्माण से झील का निर्माण हुआ है। पहाड़ों के बीच स्थित झील शांत वातावरण में मनोरम एवं आकर्षक दृश्य निर्मित करता है। स्थल में पर्यटन विकास के संभावना का देखते हुए कलेक्टर ने यहां पहुंच मार्ग के विकास के साथ अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्र के विकास को लेकर उन्हांेने यहां पर्यटकों के सुरक्षा, खाद्य पदार्थों और पेयजल की उपलब्धता, हट पैगोडा निर्माण, अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने झील में बोटिंग की सुविधा शुरू करने के संबंध में भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर द्वारा कुमेली जलप्रपात क्षेत्र के विकास के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है। कलेक्टर द्वारा यहां अपशिष्ट प्रबंधन, चेतावनी बोर्ड सहित सुरक्षा के इंतजाम, पेयजल की सुविधा, हट पैगोडा निर्माण के निर्देश दिए साथ ही उन्होंने यहां लगे सोलर लाइट एवं निर्मित शौचालय के मरम्मत के लिए भी निर्देशित किया। कुमेली जलप्रपात सूरजपुर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। सूरजपुर जिला मुख्यालय से यहां केतका रोड एवं राजापुर रोड होते हुए पहुंचा जा सकता है। कुमेली जलप्रपात घने वन के मध्य स्थित है जो लगभग 50 फीट ऊंचा जलप्रपात है जो वर्षा काल में और भी ज्यादा आकर्षक एवं मनमोहक दृश्य का निर्माण करता है।
इस दौरान गांव के सरपंच, जनपद सीईओ, ग्रामीण अभियांत्रिकी विभाग समेत अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
: पैरी में डायरिया से 42 पीड़ित, 12 लोगों को किया गया रेफर
Tue, Aug 6, 2024
बालोद
जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम पैरी में सोमवार रात से डायरिया का प्रकोप हो गया है। रात में ही यहां पर 10 मैरिज स्थानीय अस्पताल पहुंचे। जहां से पांच लोगों को जिला अस्पताल बालोद और गुंडरदेही रेफर किया गया। वहीं मंगलवार को दोपहर तक 32 लोग इलाज के लिए पहुंचे जिनमें से सात लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। डायरिया फैलने का कारण प्रदूषित पानी को माना जा रहा है। हालांकि इसकी अभी जांच चल रही है। इस संबंध में पीएससी सांकरी के आरएमए प्रकाश जोशी, सेक्टर सुपरवाइजर विनोद जायसवाल ने बताया कि आवास पारा और सड़क पारा पैरी में इसका ज्यादा प्रकोप है। दोनों ही जगह पर जितने भी घर हैं सभी घरों में इसके रोकथाम के लिए दवाइयां दे दी गई है। मितानिनों के पास स्टॉक रख दिया गया है। मेट्रो इंडोजोल, जिंक टेबलेट भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। ओआरएस के पेकेट भी पर्याप्त संख्या में हैं। सरपंच रूपम देशमुख ने बताया कि रात में जानकारी मिलते ही तत्काल अस्पताल फोन लगाकर इलाज की व्यवस्था की गई। पानी जहां से लीकेज हो रहा है वहां पर पीएचई विभाग के अधिकारी कर्मचारी पहुंच कर जांच कर रहे हैं। फिलहाल सभी ठीक हैं। कुछ लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।