: 5 सटोरिए गिरफ्तार, दो लाख रुपए जब्त
Sat, Oct 14, 2023
रायपुर.
छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन सट्टा को लेकर राजनीतिक सियासत गरमाई हुई है। ऐसे में ऑनलाइन सट्टा को लेकर पुलिस भी कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में वुड 777 और जेम्स 777 ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट की आईडी लेकर सट्टा खेलाने वाले 4 और आईडी खरीदी-बिक्री करने वाले आरोपी समेत 5 जुवाड़ियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से जब्त किए गए सामान की कीमत लगभग दो लाख रुपए आंकी गई है।
यह मामला गुढ़ियारी थाने क्षेत्र का है। भारत माता चौक पास एक व्यक्ति ऑनलाइन सट्टा आईडी लेकर मोबाइल से सट्टा खेला रहा था। इसकी सूचना गुढ़ियारी थाने पुलिस की मिली। इस दौरान एंटी क्राइम एंड सायबर यूनिट और थाना गुढ़ियारी पुलिस ने मुखबिर के बताए जगह पर पहुंची। बताए गए हुलिए पर चिन्हांकित कर सटोरिया को सट्टा खेलाते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम पराधन साहू निवासी कबीर नगर रायपुर में होना बताया। मोबाइल को चेक करने पर उसमें ऑनलाइन सट्टा आईडी लेकर सट्टा संचालित करना पाया गया। आईडी के संबंध में पूछताछ करने पर उसने गोगांव स्थित महामाया ट्रेडर्स के संचालक आकाश अग्रवाल से ऑनलाइन सट्टा संचालन करने के लिए आईडी लेना बताया।
इसके साथ ही अन्य 2 व्यक्ति रामगोपाल जैन और रूपेश वर्मा ने भी आकाश अग्रवाल से आईडी लेना बताया। इस पर पुलिस ने आकाश अग्रवाल, रामगोपाल जैन और रूपेश शर्मा गिरफ्तार किया। उनके मोबाइल में भी ऑनलाइन सट्टा का वुड 777 और जेम्स 777 ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट मिला। इसी क्रम में आरोपी आकाश अग्रवाल से ऑनलाइन सट्टा आईडी के संबध में पूछताछ करने पर उसने गुढ़ियारी निवासी आशीष वासवानी से लेना बताया। आईडी का भुगतान उसके कर्मचारी देवेन्द्र नगर निवासी आकाश खटवानी नाम के व्यक्ति को करना बताया गया। इस दौरान पुलिस ने उसे भी खोजबीन कर पकड़ा।
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 नग मोबाइल और नगदी रकम 50 हजार रुपए जब्त किया गया है। जब्त सामान की कीमत दो लाख रुपए आंकी गई है। इसके साथ ही आरोपियों के खिलाफ थाना गुढ़ियारी में अपराध क्रमांक 460/23 छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 07 का अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में आरोपी आशीष वासवानी फरार है, इसकी खोजबीन जारी है।
गिरफ्तार आरोपी -
- पराधन साह 38 साल, निवासी थाना कबीर नगर, रायपुर
- रूपेश कुमार वर्मा 29 साल, निवासी थाना गुढ़ियारी, रायपुर
- रामगोपाल जैन, निवासी थाना सरस्वती नगर, रायपुर।
- आकाश अग्रवाल, 24 साल निवासी गोकुल टावर रोड गोगांव थाना , गुढ़ियारी रायपुर
- आकाश खटवानी 24 साल, निवासी थाना देवेन्द्र नगर, रायपुर
- थाना तिल्दा नेवरा के प्रकरण में मनोज सोनी, निवासी थाना तिल्दा नेवरा, रायपुर
: रैप सॉन्ग में लोगों को बता रहे मतदान का महत्त्व
Sat, Oct 14, 2023
रायपुर.
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव तारीखों का एलान हो चुका है। जिला प्रशासन की ओर से शत-प्रतिशत मतदान के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। हैप्पी वोटिंग थीम पर बनाया रैप सॉन्ग काफी वायरल हो रहा है। इससे पहले भी रायपुर जिला प्रशासन की ओर से मतदान के लिए कई तरह के कार्यक्रम कर मतदाताओं को जागरूक किया गया था। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में एक रैप सॉन्ग तेजी से वायरल हो रहा है, जो कि मतदान से जुड़ा हुआ है।
प्रदेशभर में रैप सॉन्ग तेजी से वायरल हो रहा है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड कर रहा है। इस रैप सॉन्ग से लोगों जागरूक हो रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक करने के लिए कई मुहिम चलाई जा रही है। इसके साथ ही यू-टयूबर्स को वीडियो बनाने के लिए भी कहा गया था। इसके लिए प्रोत्साहन राशि भी दिया गया था।
मतदान जागरुकता के लिए वाकेथॉन कार्यक्रम
बीते अगस्त महीने में मतदान जागरुकता के लिए तेलीबांधा में वाकेथॉन का आयोजन किया गया था। ये कार्यक्रम सुबह तेलीबांधा तालाब मरीन ड्राइव से शुरू हुआ था। यहां से होकर घड़ी चौक, कलेक्टोरेट होकर वापस होकर मरीन ड्राइव में खत्म हुआ। दौड़ेगा रायपुर, वोट करेगा रायपुर की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में सभी वर्ग के लोग शामिल हुए थे। इसके तहत शत-प्रतिशत मतदान करने के संदेश दिया गया था। 18 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए भी जागरूक किया गया था।
मानव श्रृंखला से मतदान जागरुकता
जिला प्रशासन की मतदाता जागरुकता के दौरान रायपुर के 134 स्कूलों में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने क्विज में भी हिस्सा लिया। मानव श्रृंखला से मतदान का संदेश बनाया। छात्रों ने अपने माता-पिता को चिट्ठी लिखी थी। उन्होंने इसमें लिखा था कि सब कम छोड़ दो, सबसे पहले वोट दो। 50 हजार स्कूली बच्चों ने शपथ ली थी। विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला से अलग-अलग आकृतियां भी बनाई थी।
: भाजपा ने 18 साल के विधायक का काटा टिकट
Sat, Oct 14, 2023
जशपुर.
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से आने वाले कद्दावर आदिवासी नेता गणेशराम भगत को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया। टिकट न मिलने से आहत गणेशराम भगत का रोते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। गणेशराम भगत अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के संस्थापक बालासाहेब देशपांडे के शिष्य रहे हैं। उराँव जनजाति से आने वाले 73 साल के नेता 1985 से विधायक बनते हुए 2003 तक विधायक रहे। फिर 2003 से 2007 तक रमन सरकार में मिनिस्टर रहे।
2008 में दिलीप सिंह जूदेव के बेटे युध्दवीर सिंह जूदेव से सम्बन्ध खराब होने के बाद टिकट नहीं मिला। बीजेपी ने सीतापुर सीट से अमरजीत भगत के सामने प्रत्याशी बनाया जिसमें 1771 वोट के अंतर से गणेशराम हार गए। इस दौरान इन्होंने हिन्दू धर्म छोड़कर अन्य धर्म अपनाने वाले आदिवासी लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया। 2013 के विधानसभा चुनाव में जशपुर से फिर टिकट नहीं मिला जिससे नाराज होकर बागी हो गए और चुनाव हार गए। इधर कल्याण आश्रम से जुड़े होने के कारण संघ ने इनके डिलिस्टिंग के मुद्दे को समर्थन दिया। जिससे देश के कई आदिवासी आबादी वाले क्षेत्रों में बड़ी रैलियां की।
भाजपा में उनके विरोधी गणेशराम का राजनैतिक कद भले कम करने में सफल होते दिख रहे हैं लेकिन जनजातीय समाज में अभी भी इनकी रैलियों में पांच हजार से ज्यादा की भीड़ एक आवाज में जमा हो जाती है। यही कारण है कि हजारों समर्थकों के बीच टिकट नहीं मिलने पर चर्चा के दौरान वो रोने लगे। उन्होंने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि मैं भाजपा का सिपाही हूँ और आगे भी रहूँगा। मुझे टिकट नहीं मिला है। रायमुनी भगत को मैंने शुभकामनाएं दी हैं। जनजातीय सुरक्षा मंच के हजारों -हजार वनवासी भाई-बहन भाजपा को वोट करते हैं। मुझसे पूछ रहे हैं मैने उन्हें उनके निर्णय पर छोड़ दिया है। रही बात मेरी तो मैं भाजपा की सरकार बनने की उम्मीद कर रहा हूँ और इसके लिए शीर्ष नेतृत्व जो आदेश देगा पालन करूँगा। गणेशराम ने तल्खी भरे लहजे में यह भी कहा कि डिलिस्टिंग का मुद्दा जनजातीय सुरक्षा मंच का मुद्दा है और राष्ट्रीय संयोजक होने के नाते ईसाई हो चुके आदिवासियों का आरक्षण खत्म करने के लिए अंतिम सांस तक लड़ूँगा। इसके लिए अगले साल पांच लाख जनजाति लोगों के साथ संसद तक जाने का कार्यक्रम बन गया है।
आपको बता दें कि प्रदेश के कद्दावर आदिवासी नेता गणेशराम डिलिस्टिंग का मुद्दा उछालने के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर 12 करोड़ जनजातीय समाजों में जाने जा रहे हैं।वहीं इनके मुद्दे को बीजेपी ने सरगुजा जिले की लुंड्रा सीट से ईसाई नेता प्रबोध मिंज को टिकट देकर इनकी नाराजगी झेलनी शुरू कर दी है। उस पर जशपुर से टिकट नहीं देकर आग में घी का काम कर दिया है। जनजातीय सुरक्षा मंच के विधिक सलाहकार रामप्रकाश पांडे कहते हैं कि प्रदेश की नौ सीटों में केवल उराँव जनजाति के वोट प्रत्याशी की जीत-हार का फैसला करते हैं। इसके अलावा हमारे मंच से सभी जनजातीय समाज गोंड, कंवर, कोरवा, पंडो, बैगा जैसे वनवासी भी बीजेपी के फैसले से दुःखी हैं।