बुजुर्गों के स्वास्थ्य और सम्मान पर जोर : तिल्दा-नेवरा में "दाई बबा दिवस" का आयोजन
Tue, Jun 3, 2025
तिल्दा-नेवरा।
तिल्दा-नेवरा में हेल्थ मेला के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में "दाई बबा दिवस" का आयोजन किया गया है। इसकी जानकारी नगर पालिका की सभापति
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शिक्षा
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स्वास्थ्य
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चिकित्सा विभाग की रानी सोरभ जैन ने दी। उन्होंने सभी से अपील की है कि वे अपने और आस-पास के बुजुर्गों को इस आयोजन की जानकारी दें और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आएं।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य:
समुदाय में बुजुर्गों का सम्मान और सहभागिता को बढ़ावा देना:
इस दिवस का मुख्य लक्ष्य समाज में बुजुर्गों के महत्व को रेखांकित करना और उन्हें विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना है।
बुजुर्गों के स्वास्थ्य की समग्र जांच एवं स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना:
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दाई बबा दिवस" के माध्यम से बुजुर्गों को व्यापक स्वास्थ्य जाँच और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी
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जिससे वे स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकें।
पीढ़ियों के बीच संवाद और भावनात्मक जुड़ाव को सशक्त करना:
यह आयोजन युवा पीढ़ी और बुजुर्गों के बीच संवाद और आपसी समझ को बढ़ावा देने का एक मंच भी प्रदान करेगा
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जिससे भावनात्मक संबंध मजबूत होंगे।
युवाओं को बुजुर्गों की देखभाल एवं सेवा के प्रति संवेदनशील बनाना:
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को बुजुर्गों की देखभाल और सेवा के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाना है
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ताकि वे अपने बड़ों के प्रति अपने कर्तव्यों को समझें।
रानी सोरभ जैन ने बताया कि यह आयोजन बुजुर्गों के कल्याण और उनके सम्मान को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस नेक पहल में सहयोग करने और अपने बुजुर्गों को इस स्वास्थ्य मेले का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया है।
: तिल्दा नेवरा में रक्तदान शिविर का आयोजन
Sun, Feb 4, 2024
रमेश बत्रा
9584198700
तिल्दा नेवरा | पूज्य सिन्धी पंचायत में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। नगर पालिका उपाध्यक्ष विकास सुखवानी के नेतृत्व और आशीर्वाद ब्लड बैंक के सानिध्य में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ करते हुए उपाध्यक्ष सुखवानी ने ने दीप प्रज्वलित करके स्वयं रक्तदान किया| और लोगों को इस महान कार्य में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को रक्तदान के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक महादान है, जिससे हम दूसरों की जान बचा सकते हैं। सिन्धी पंचायत के अध्यक्ष शमनदास खुबचंदानी ने सभी समाज के लोगों को समझाया की रक्त दान से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती। वही ख़ुशी हॉस्पिटल के निखिल पोपटानी ने बताया के रक्तदान करने से हार्डअटेक की संभावना कम हो जाती है शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया। शिविर में 84 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। रक्तदान करने वालों में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल थे।आशीर्वाद ब्लड बैंक के प्रतिनिधियों ने रक्तदान शिविर के आयोजन के लिए नगर पालिका उपाध्यक्ष और तिल्दा नेवरा के नागरिकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर सफल रहा और इससे जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। शिविर में रमेश सेतपाल , मोहित विधानी, अजय कलानी, पियुस विधानी, रोशन वाधवानी, व् विकास मित्र मंडल के महिला मंडल की सीमा विधानी निकिता वाधवानी रंजना रिझवानी साक्षी आहूजा प्राची पिंजानी आदि उपस्थित थे
: जेपी और हमीदिया की ओपीडी में लगी कतारें, बेड फुल
Fri, Jan 19, 2024
भोपाल
वातावरण में निरंतर ठंडक बढ़ती जा रही है। तापमान में निरंतर होती गिरावट बच्चों को बीमार कर रही है। देखा जा रहा है कि मौसम का बदलता मिजाज बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रहा है, जिसके कारण जेपी और हमीदिया अस्पतालों की ओपीडी में बीमार बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। बेड भी फुल हो चुके हैं। दरअसल बच्चों में इन दिनों खांसी, जुखाम, अस्थमा रोग (श्वांस रोग) और हृदय की बामारी की शिकायत बढ़ी है। सर्दी की दस्तक से मौसम में मौजूद वायरस इन बीमारियों का कारण बन रहा है।
जेपी और हमीदिया में बच्चा वार्ड फुल
ओपीडी में परामर्श के बाद बच्चे की स्थिति ज्यादा खराब रहने पर अस्पताल के शिशु विभाग में भर्ती तक कराना पड़ रहा है। आलम यह है कि जेपी और हमीदिया के बच्चा वार्ड फुल हो चुके हैं।
निमोनिया भी जकड़ने लगा
ठंड के बढ़ते प्रकोप के कारण बच्चों को निमोनिया जकड़ने लगा है। हमीदिया से लेकर निजी अस्पतालों तक मरीजों की भीड़ लग रही है। हमीदिया अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 130 बच्चों का उपचार हुआ। इसमें 17 बच्चे निमोनिया व ठंड जनित बीमारी से पीड़ित रहे। इनका उपचार कर आवश्यक परामर्श दिया गया। गंभीर मरीजों को भर्ती किया गया। इधर, निजी अस्पतालों में भी बीमार बच्चों की भीड़ रही।
शिशु विभाग में भी बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी
इन दिनों अस्पताल में जिन बच्चों को उनके अभिभावक इलाज के लिए लेकर आ रहे हैं, उनमें से ज्यादातर बच्चे मौसमी बीमारियों से ही पीड़ित हैं। किसी को खांसी, किसी को जुखाम तो किसी को श्वांस की परेशानी हो रही है। मौसमी बीमारी से पीड़ित 8 से 12 साल तक के बच्चे हैं, वहीं हमीदिया के शिशु विभाग में भी बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है।
इस मौसम में दें विशेष ध्यान
इस मौसम में विशेष ध्यान और सावधानी रखने की जरूरत है। इस बढ़ती ठंड में ठंडा पानी पीने के बजाय उबालकर पीयें, बाहरी खाना न खाएं, घर के आसपास साफ-सफाई रखने के साथ-साथ गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ढंककर रखें।
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डॉ. राकेश भार्गव,
शिशु रोग विशेषज्ञ