: बारिश ने नगर निगम की खोली पोल, किया था 80 % नालों की सफाई का दावा
Mon, Jul 10, 2023
भोपाल
राजधानी में सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखने के लिए दिल्ली से स्वच्छता सर्वे की टीम जल्द ही आने की उम्मीद है। इधर, शहर में सफाई व्यवस्था अभी तक बेहतर नहीं हो सकी है। एक जुलाई से सिटीजन फीडबैक का सिलसिला भी शुरू हो चुका है, आम लोग सोशल मीडिया पर मोहल्ले, कॉलोनियों और बस्तियों में गंदगी और चोक पड़े नालों की तस्वीरें पोस्ट कर सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।शहर में छोटे-बड़े मिलकर कुल 789 नाले हैं। नगर निगम का दावा है कि 80 फीसदी नालों की सफाई करा दी गई है, लेकिन हाल ही में हुई बारिश ने इसकी पोल खोल दी। नाले ओवरफ्लो होने के कारण अल्पना टॉकीज चौराहा, भोपाल टॉकीज, चुना भट्टी आदि क्षेत्रों में सड़क पर पानी भर गया था। निचली बस्तियों में पानी भरने से हालत बिगड़ गए थे। चूंकि सर्वे टीम के जल्द ही आने की उम्मीद है, ऐसे में बाकी 20 प्रतिशत नालों की सफाई मुश्किल नजर आ रही है। निगम के सामने यह भी चुनौती है कि इसी अवधि में उसे सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और कचरा सेग्रीगेशन को भी बेहतर बनाना है।
एक सप्ताह से सड़क पर पड़ी है पेड़ की कटी हु
ई
शाखाएं
राजधानी की सबसे ज्यादा चलने वाली सड़क में से एक शाहपुरा से बिट्ठल मार्केट जाने वाले मुख्य मार्ग पर बीते एक सप्ताह से पेड़ों की कटी हुई डालियां (शाखाएं) सड़क पर पड़ी हैं। दरअसल, बिजली कंपनी ने बिजली लाइनों के आसपास आ रहे पेड़ की शाखाओं को कुछ दिनों पहले काटा था। इसके बाद न तो बिजली कंपनी ने इन शाखाओं को वहां से हटाया और न शाहपुरा क्षेत्र में साफ सफाई का काम देख रहे नगर निगम प्रशासन के कर्मचारियों ने इस ओर ध्यान दिया। हालात यह है पेड़ की शाखाएं सड़क पर पड़े-पड़े सूख गई हैं और उनके पत्ते सड़क पर बिखर रहे हैं।नगर निगम भोपाल स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 की तैयारी पूरी कर चुका है। नालों की सफाई लगभग पूरी हो चुकी है। डोर टू डोर कचरा भी नियमित उठ रहा है।
एमपी सिंह,
अपर आयुक्त, बीएमसी
: आर्ट ऑफ़ लिविंग का 3 दिवसीय शिविर हुआ आयोजित
Mon, Jul 10, 2023
मंदसौर
बच्चों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से वे स्वस्थ हो, इसके लिए बचपन से ही बच्चों में संस्कार, के साथ योग, प्राणायाम, ध्यान का होना आवश्यक है। बचपन से ही बच्चे अगर अच्छे संस्कार के अलावा अपने शारीरिक ,मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए नियमित योग, ध्यान प्राणायाम करेंगे तो वे अपना पढ़ाई में भी अच्छा ध्यान लगा पाएंगे। बच्चों के इसी प्रकार के सर्वांगीण विकास हेतु मध्य प्रदेश सरकार और आध्यात्मिक गुरु रविशंकर जी की संस्था आर्ट आफ लिविंग पूरे प्रदेश में सीएम राइज स्कूलों में बच्चों के लिए विशेष शिविर का आयोजन कर रही है।इसी कड़ी में मंदसौर जिले में सीएम राइस स्कूल साबाखेड़ा के बाद सीएम राइज स्कूल मल्हारगढ़ के बच्चों ने भी मेधा योगा लेवल वन कोर्स के माध्यम से आर्ट आफ लिविंग यानी जीवन जीने की कला सीखी।
तीन दिवसीय इस शिविर में आर्ट आफ लिविंग के प्रशिक्षक आदित्य धनोतिया और हनी गोकलानी ने बच्चों को श्वास के चक्र ,भस्त्रिका ओम प्राणायाम, सुदर्शन क्रिया सीखी।खेल खेल में ही बच्चों को तनाव मुक्त रहकर किस तरह से पढ़ाई में अपना ध्यान केंद्रित किया जा सकता है और अपने लक्ष्य को साधा जा सकता है, बच्चों ने इस शिविर के माध्यम से सीखा।
मेधा योगा शिविर के माध्यम से बच्चों में फोकस ,कॉन्फिडेंस, एनर्जी लेवल, इमोशनल, स्टेबिलिटी, हैप्पीनेस जैसे महत्वपूर्ण आवश्यक गुणों में वृद्धि हुई।सीएम राइज स्कूल मल्हारगढ़ में मध्य प्रदेश सरकार और आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था द्वारा तीन दिवसीय मेधा योगा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर मे 100 बच्चों ने भाग लिया।
पूजनीय गुरुदेव रविशंकर द्वारा स्थापित संस्था आर्ट ऑफ लिविंग और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आयोजित इस शिविर का प्रशिक्षण आर्ट ऑफ़ लिविंग प्रशिक्षक हनी गोकलानी और आदित्य धनोतिया ने किया।इस प्रकार के शिविर से बच्चे पढ़ाई में भी बिना किसी दबाव और तनाव के आगे बढ़ने की योग्यता हासिल कर लेते हे।
तीन दिवसीय मेधा योगा शिविर के समापन पर सीएम राइस स्कूल मल्हारगढ़ के प्राचार्य अशोक कुमार वाघेला ने बताया कि आर्ट आफ लिविंग शिविर के माध्यम से बच्चों को अपनी पढ़ाई और शारीरिक मानसिक और बौद्धिक विकास में बहुत मदद मिलेगी, उन्होंने इस प्रकार के शिविर प्रदेश के सभी सीएम राइज स्कूलों में आयोजित करने के लिए प्रदेश सरकार और आर्ट आफ लिविंग संस्था को धन्यवाद दिया। प्राचार्य अशोक कुमार वाघेला ने कहा कि सीएम राइज स्कूल मल्हारगढ़ में अभी 800 बच्चे हैं 100 बच्चों का परीक्षण हुआ है आने वाले समय में बाकी बच्चों का भी प्रशिक्षण करवाएंगे।इस अवसर पर सीएम राइज स्कूल के उप प्राचार्य मनीष कुमार गौड़, शिक्षक ललित कुमार कुमावत, प्रितिबाला सोनी, मंगला धनोतिया मौजूद थे।
आर्ट ऑफ़ लिविंग के मीडिया को-ऑर्डिनेटर नरेन्द्र धनोतिया ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार और आर्ट ऑफ़ लिविंग के द्वारा पूरे मध्य प्रदेश के सीएम राइज सरकारी स्कूलों में शिविर आयोजित किए जा रहें हैं। इसके प्रथम चरण में मंदसौर ज़िले के कुछ स्कूलों का चयन हुआ है। जिसमे साबाखेड़ा, मल्हारगढ़ के बाद गुर्जर बार्डिया, लदूना, भानपुरा, गरोठ, चंदवासा के स्कूलों में इस प्रकार के शिविर आयोजित किए जाएंगे।योजना के अंतर्गत शिविर के बाद बच्चों के नियमित अभ्यास की भी व्यवस्था की जाएगी जिस से बच्चे अपने जीवन में योगा और ध्यान के माध्यम से बदलाव ला सकें।
: "फिट डॉक्टर्स फॉर फिट इंडिया" थीम के साथ स्थापना दिवस होगा आयोजित
Mon, Jul 10, 2023
भोपाल
फिजियोलॉजी विभाग, एम्स भोपाल 10 जुलाई से 12 जुलाई 2023 तक फिजियोलॉजी स्थापना दिवस का आयोजन करेगा । इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वस्थ और फिट भारत के लिए डॉक्टरों के बीच फिटनेस के महत्व पर जोर देना है । "फिट डॉक्टर्स फॉर फिट इंडिया" थीम के साथ, फिजियोलॉजी विभाग स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के बीच कल्याण और शारीरिक फिटनेस की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है । इस कार्यक्रम का उद्देश्य शरीर विज्ञान और स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान और नेटवर्किंग के लिए एक गतिशील मंच बनाना है । फिजियोलॉजी फाउंडेशन दिवस के लिए नियोजित प्रमुख कार्यक्रमों में मॉडल यूनाइटेड नेशंस, मिस्टर एंड मिस एंड्योरेंस प्रतियोगिता, फिटनेस मूल्यांकन कार्यशाला, लाइफस्टाइल इंटरवेंशन पर अतिथि व्याख्यान और वर्किंग मॉडल प्रस्तुति शामिल हैं ।एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे । प्रोफेसर (डॉ.) राजेश मलिक, डीन (अकादमिक) कर्नल (डॉ.) अजीत कुमार, उप निदेशक (प्रशासन), एवं प्रोफेसर (डॉ.) शशांक पुरवार, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक सम्मानित अतिथि होंगे । प्रोफेसर (डॉ.) संतोष वाकोडे, विभागाध्यक्ष, फिजियोलॉजी, आयोजन अध्यक्ष हैं । डॉ. ज्योत्सना गुमाश्ता, अतिरिक्त प्रोफेसर, फिजियोलॉजी, एम्स, नागपुर अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित हैं । यह कार्यक्रम विचारों का आदान-प्रदान करने और शरीर विज्ञान के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति पर चर्चा करने के लिए स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों, शोधकर्ताओं और छात्रों को एक साथ लाएगा ।