: ओंकारेश्वर में सीवरेज परियोजना का कार्य पूर्णता की ओर
Sat, Sep 16, 2023
16.30 करोड रूपये की सीवरेज परियोजना से ओंकारेश्वर बनेगा निर्मल नगर
भोपाल
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा मध्यप्रदेश की जीवन रेखा माँ नर्मदा नदी के किनारे बसे ओंकारेश्वर में सीवरेज परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है। मल जल के उचित निस्तारण के उद्देश्य से ओंकारेश्वर में लगभग 23 किलोमीटर सीवरेज नेटवर्क बिछाया गया है। मलजल के शोधन के लिए यहॉ 0.45 और 0.55 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं।ओंकारेश्वर में चार पम्पिंग स्टेशन का निर्माण भी किया गया है। उल्लेखनीय है विशेष निधि के माध्यम से प्रगतिरत इस परियोजना की लागत लगभग 16 करोड़ 30 लाख रूपये है। परियोजना का कार्य लगभग 82 प्रतिशत पूरा हो चुका है। आम नागरिकों को सीवरेज कनेक्शन के लिए जागरूक करने यहॉ अखिल भारतीय स्थानीय स्वशासन संस्थान द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। संस्थान के प्रतिनिधियों द्वारा नागरिकों को बतलाया जा रहा है, कि घर को सीवरेज नेटवर्क से जोडने के बाद स्वास्थ्यगत समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। आसपास का वातावरण स्वच्छ व निर्मल होगा। नागरिकों को यह भी समझाया जा रहा है कि ओंकारेश्वर में शत-प्रतिशत घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोडने पर माँ नर्मदा की पवित्रता को अक्षुण्ण रखा जा सकेगा। गौरतलब है कि ओंकारेश्वर में 2400 घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जायेगा, जिससे 12 हजार से अधिक की आबादी लाभान्वित होगी।
: घर-घर जाएंगे BLO, मतदाता का करेंगे सत्यापन
Sat, Sep 16, 2023
भोपाल
विधानसभा निर्वाचन-2023
प्रदेश में 20 सितंबर से मतदाता सत्यापन का कार्य शुरू होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने समस्त कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किए है। भोपाल: मतदाता सूची पूरी तरह से शुद्ध हो इसके लिए प्रदेश के सभी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि प्रदेश में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर फोटो निर्वाचक नामावली के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2023 का कार्य चल रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी 64 हजार 523 बीएलओ द्वारा 10 दिन तक घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन का कार्य किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 20 सितंबर से होगी और यह कार्रवाई लगातार 30 सितंबर तक चलेगी।इस दौरान बीएलओ द्वारा बीएलओ एप के माध्यम से प्रत्येक मतदाता का उसके घर जाकर सत्यापन किया जाएगा। मृत मतदाता और दोहरी प्रवृष्टि वाले मतदाताओं की जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि कोई मतदाता मृत या डुप्टीलकेट पाया जाता है तो मतदाता सूची से उसका नाम हटाने की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
: मुख्यमंत्री चौहान ने ओंकारेश्वर में वैदिक रीति-रिवाज से पूजा अर्चना की
Sat, Sep 16, 2023
आदिगुरु शंकराचार्य जी की मूर्ति के अनावरण के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान आरंभ
मुख्यमंत्री चौहान 18 सितम्बर को 108 फीट ऊंची आदिगुरु शंकराचार्य जी की प्रतिमा का करेंगे अनावरण
भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एकात्म धाम, ओंकारेश्वर में आदिगुरु शकराचार्य जी की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम के लिए वैदिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना की और संतों के साथ यज्ञ शाला में आहुति अर्पित कर विशेष धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री चौहान 18 सितंबर को ओंकारेश्वर में 108 फीट ऊंची आदि गुरु शंकराचार्य जी की बहु धातु की प्रतिमा का अनवारण करेंगे।उल्लेखनीय है कि चिन्मय मिशन के स्वामी मित्रानंद ने शंकर संदेश वाहिनी के रूप में एक विशेष बस बनवाई, जिसमें आचार्य शंकर की कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई इस बस को 29 दिसम्बर 2017 को वैलियानाड, केरल से मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वामी परमात्मानंद जी, चिन्मय मिशन के स्वामी अयानन्द जी और संस्कृति सचिव मनोज श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाई। यह यात्रा भारत की चारों दिशाओं में स्थित उन चारों मठों में भी गई, जिन्हें आचार्य शंकर ने ही स्थापित किया। इस तरह समाज के बीच कण-कण में शंकर जाग्रत करते हुए, 'एकात्मता की मूर्ति का निर्माण प्रगति पथ पर था। इस तरह आदि गुरु शंकराचार्य की इस 108 फीट ऊंची मूर्ति में उन्हीं का दिया संदेश सर्वं खल्विदं ब्रह्म समाहित हुआ।मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य जी महाराज को यही ज्ञान प्राप्त हुआ था यही उन्हें गुरु मिले। भारत का मूल संदेश है कि सब में एक ही चेतना है, दो कहीं है ही नहीं, इसलिए हम एक हैं, यह एकात्मता का संदेश पूरे जगत को यहां से जाएगा। अद्वैत वेदांत ही है जो दुनिया को संघर्षों से बचा सकता है और शांति, स्नेह, प्रेम, आत्मीयता का संदेश दे सकता है। मेरा विश्वास है कि एकात्म धाम संघर्ष नहीं शांति, घृणा नहीं प्रेम और समन्वय के संदेश के साथ संपूर्ण विश्व को एक नई प्रेरणा देगा। सब सुखी हो, सबका मंगल हो, सबका कल्याण हो, सब निरोगी रहें यही संदेश यहां जाएगा। एकात्म धाम के रूप में अद्भुत रचना ओंकारेश्वर में हो रही है। पहले चरण में आचार्य भगवन की प्रतिमा का अनावरण होगा, उसके बाद बाकी के कार्य प्रारंभ होंगे।
एकात्मता की मूर्ति की शिल्प विशेषता
यह प्रतिमा 12 वर्ष के किशोर शंकर की 108 फीट ऊंची बहु धातु प्रतिमा है, जिसमें 16 फीट ऊंचे पत्थर से बना कमल का आधार है, 75 फीट ऊंचा पेंडिस्टल का निर्माण है। वहीं प्रतिमा में 45 फीट ऊंचा शंकर स्तम्भ पत्थर पर उकेरे गए आचार्य शंकर की जीवन यात्रा को दर्शाता है। इस मूर्ति के निर्माण में 250 टन से 31GL ग्रेड की स्टेनलेस स्टील का उपयोग हुआ है. साथ 100 टन मिश्रधातु कांस्य में 88 टन तांबा, 4 टन जस्ता और 8 टन टिन का मिश्रण है। इस प्रतिमा में कान्क्रीट के पेडिस्टल को 500 वर्षों का जीवन दर्शाने के उद्देश्य से निर्मित किया गया है। इस मूर्ति में 12 वर्षीय किशोर आचार्य शंकर के भाव भंगिमाएं जीवंत रूप से दिखाई पड़ेंगी, जो जन मानस में एकात्म भाव का संचार करते हुए लोगों के जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देगी।
क्या है एकात्मता की मूर्ति की परिकल्पना
आदि गुरु शंकर की प्रतिमा एकात्मता की मूर्ति की कल्पना ने 9 फरवरी 2017 को तब जन्म लिया, जब ओंकारेश्वर में नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान साध्वी ऋतंभरा स्वामी अवधेशानन्द गिरि, स्वामी तेजोमयानंद जैसे अनेक महान संतों के मध्य आदि शंकर की स्मृति का संचार हुआ। इसी दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संतों की उपस्थिति में जनता के सामने शंकर की विशाल प्रतिमा की स्थापना का संकल्प लिया और एकात्मता की मूर्ति की घोषणा की। आचार्य शंकर की अमर स्मृति को धरातल पर उतारने के लिए एक बार फिर मुख्यमंत्री के साथ संतों और विद्वानों की बैठक हुई जिसमें शंकर के विचारों के प्रचार-प्रसार पर केंद्रित सभी गतिविधियों और आयोजनों के लिए 1 मई 2017 को आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के गठन की बात रखी गई।