: जिंदल और राज्य शासन के बीच हुआ अनुबंध
Wed, Sep 13, 2023
जिंदल रिन्यूएबल पावर लिमिटेड पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट निर्माण हेतु रायगढ़ व बिलासपुर में 11,730 करोड़ रुपए का करेगा निवेश
रायपुर।
जिंदल रिन्यूएबल पावर प्राइवेट लिमिटेड (JRPPL)ने जिला रायगढ़ व बिलासपुर में लगभग 11,730 करोड़ रुपए निवेश के साथ पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट निर्माण हेतु प्लांट लगाने के लिए छत्तीसगढ शासन के साथ किया एम,ओ यू .
इसकी कुल छमता 2160 M/W होगी, नए संयंत्र लगाने के लिए छत्तीसगढ सरकार के साथ हुए एम ओ यू पर शासन की ओर से भुवनेश यादव सचिव वाणिज्य एवम उद्योग विभाग और कंपनी की ओर से अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता प्रदीप टंडन ने हस्ताक्षर किये। प्रदीप टंडन ने बताया कि पंप-भंडारण पनबिजली ( पीएसएच ), या पंप पनबिजली ऊर्जा भंडारण ( पीएचईएस ), एक प्रकार का जलविद्युत ऊर्जा भंडारण है जिसका उपयोग विद्युत ऊर्जा प्रणालियों द्वारा लोड संतुलन के लिए किया जाता है । यह विधि पानी की गुरुत्वाकर्षण संभावित ऊर्जा के रूप में ऊर्जा को संग्रहीत करती है जिसे कम ऊंचाई वाले जलाशय से उच्च ऊंचाई तक पंप किया जाता है। कम विद्युत मांग के समय, ऊपरी जलाशय में पानी पंप करने के लिए अतिरिक्त उत्पादन क्षमता का उपयोग किया जाता है। जब अधिक मांग होती है, तो टरबाइन के माध्यम से पानी को निचले जलाशय में वापस छोड़ दिया जाता है , जिससे बिजली पैदा होती है।पंप-भंडारण पनबिजली आंतरायिक स्रोतों (जैसे सौर , पवन ) और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा, या निरंतर बेस-लोड स्रोतों (जैसे कोयला या परमाणु) से अतिरिक्त बिजली को उच्च मांग की अवधि के लिए बचाने की अनुमति देती है । पंप भंडारण के साथ उपयोग किए जाने वाले जलाशय समान बिजली क्षमता के पारंपरिक जलविद्युत बांधों की तुलना में काफी छोटे होते हैं, और उत्पादन अवधि अक्सर आधे दिन से भी कम होती है । टंडन ने कहा की पीएसपी दो प्रकार के होते हैं।ओपन-लूप सिस्टम जिसमें, शुद्ध पंप-भंडारण संयंत्र बिना किसी प्राकृतिक प्रवाह के ऊपरी जलाशय में पानी जमा करते हैं, जबकि पंप-बैक संयंत्र एक ऊपरी जलाशय के साथ पंप किए गए भंडारण और पारंपरिक जलविद्युत संयंत्रों के संयोजन का उपयोग करते हैं जो आंशिक रूप से प्राकृतिक प्रवाह से भर जाता है । दूसरी बंद लूप प्रडाली होती है जिसमे अपेक्षाकृत निकट स्थित होती है, लेकिन जितना संभव हो उतना ऊपर, पानी का एक दूसरा भंडार भी होता है। कुछ स्थानों पर यह प्राकृतिक रूप से होता है, अन्य स्थानों पर एक या दोनों जल निकाय मानव निर्मित होते हैं। ऐसी परियोजनाएँ जिनमें दोनों जलाशय कृत्रिम हैं और जिनमें किसी भी जलाशय से कोई प्राकृतिक प्रवाह शामिल नहीं है, उन्हें "बंद लूप" प्रणाली कहा जाता है।भारत सरकार ने सेल्फ आइडेंटिफाइड बंद लूप प्रोजैक्ट्स को प्रोत्साहन देने के लिए उनको भी नेशनल और स्टेट पालिसी में समायोजित कर लिया है और यह MoU उसी के लिए किया गया है ।पीएसपीएस के अधिकांश इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल हिस्से भारत में भी बनाए जाते हैं जो की आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।इस प्रॉजेक्ट के आने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा एवम क्षेत्र का संपूर्ण विकास भी होगा।
: गरियाबंद में छात्राओं से छेड़छाड़, हॉस्टल संचालक गिरफ्तार
Wed, Sep 13, 2023
गरियाबंद
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक छात्रावास में रहने वाली छात्राओं से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने के आरोप में निजी छात्रावास के संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, एक विद्यालय के प्राचार्य पर भी छेड़छाड़ का आरोप लगा है।पहले हम बात करते हैं गरियाबंद जिले के छुरा थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी छात्रावास की, इस छात्रावास में पहली से दसवीं तक की पढ़ाई करने वाली 31 छात्राएं रहती हैं। इन छात्राओं का आरोप है कि उनसे छात्रावास संचालक अश्लील हरकत करता है।इस छात्रावास में रहने वाली छात्राएं बाजार सामान खरीदने के लिए निकली और उन्होंने वास्तविकता से अपने परिजनों को अवगत कराया।इस मामले की जैसे ही जानकारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को हुई तो वह सड़कों पर उतर आए और उन्होंने छात्राओं के यौन शोषण का आरोप लगाते हुए थाने के सामने प्रदर्शन किया। उसके बाद ही पुलिस व प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने छात्राओं की शिकायत के आधार पर छात्रावास संचालक नारायण चौधरी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।दूसरा मामला इसी जिले के मरदाकला ग्राम पंचायत के शासकीय हाई स्कूल से सामने आया है। जहां के प्राचार्य पर छात्राओं से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। इसको लेकर छात्राओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की मांग की है और नहीं तो आंदोलन की चेतावनी दी है।
: CG में मतदाताओं की संख्या दो करोड़ पार, चार अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम सूची
Wed, Sep 13, 2023
रायपुर
छत्तीसगढ़ में पहली बार मतदाताओं की संख्या दो करोड़ पार हो चुकी है। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के बाद छत्तीसगढ़ में मतदाताओं ने नया रिकार्ड बनाया है। निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 24 अगस्त तक प्रदेश में 1.97 करोड़ मतदाता थे, जिसके बाद निर्वाचन कार्यालय में आठ लाख से अधिक आवेदनों पर कार्यवाही जारी थी।इनमें से चार लाख से अधिक आवेदन नए मतदाता बनने के लिए किया गया था, बाकी नाम संशोधन, स्थान परिवर्तन आदि आवेदन थे। अब प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 2.02 करोड़ हो चुकी है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन चार अक्टूबर को किया जाएगा।निर्वाचन कार्यालय की ओर से प्रदेशभर में मतदाता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। छत्तीसगढ़ में मतदाताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए अब बीएलओ के माध्यम से नहीं, बल्कि आनलाइन आवेदन करना होगा।उल्लेखनीय है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की गई थी। राजनीतिक दलों की मांग के बाद इसे 11 सितंबर तक आगे बढ़ाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि अभी भी चार अक्टूबर के पहले मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
100 वर्ष से अधिक 2,948 मतदाता
प्रदेश में 100 वर्ष से अधिक मतदाताओं की संख्या 2,948 हैं। वहीं, विधानसभा के इस चुनावी महासमर में 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले दो लाख से अधिक मतदाता, मतदान करेगे। सर्विस मतदाताओं की संख्या 19,854 है। वरिष्ठ नागरिकों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश निर्वाचन कार्यालय ने दिए हैं। उन्हें घर बैठे मतदान की भी सुविधा दी गई है।
पुरुषों से ज्यादा महिला मतदाता
प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, लिंगानुपात 1,003 से बढ़कर 1,005 हो चुका है। भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में महिला मतदाताओं की जागरूकता की प्रशंसा कर चुके हैं। बस्तर सहित आदिवासी जिलों की स्थिति पर गौर करें तो यहां भी नए मतदाताओं की संख्या में रिकार्ड वृद्धि हुई है।