: मुख्यमंत्री चौहान ने बरगद, कदम्ब और जामुन के पौधे रोपे
Mon, Sep 18, 2023
भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्यामला ही स्थित उद्यान में बरगद, कदम्ब और जामुन के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री चौहान के साथभोपाल के एमआईसी सदस्य राजेश हिंगोरानी और मुख्यमंत्री प्रेस प्रकोष्ठ के वरिष्ठ फोटोग्राफर विजय शर्मा ने अपने जन्म दिवस पर पौधे रोपे। मुख्यमंत्री चौहान के साथ ग्वालियर के नि:स्वार्थ रक्त सेवक सुधीर त्रिपाठी तथा सुधीर राव दुरापे ने पौध रोपण किया। पौध रोपण में श्रीमती मालती द्विवेदी, श्रीमती मंजू मिश्रा, सर्वप्रियम, दीपक गुप्ता, डॉ. अक्षय छारी, आकाश प्रजापति, अनिल कुमार गुप्ता, ध्रुव छारी भी शामिल हुए।
: मुख्यमंत्री चौहान ने भारतीय क्रिकेट टीम को एशिया कप जीतने पर बधाई दी
Mon, Sep 18, 2023
भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय क्रिकेट टीम को सबसे बड़ी विजय प्राप्त कर एशिया कप जीतने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। खेलो इंडिया कार्यक्रम से भारत के युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल रहा है।
: मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी तीजा तिहार की बधाई
Mon, Sep 18, 2023
रायपुर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक तिहार तीजा के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों के लिए सुख, समृद्धि की कामना की है। बघेल ने सभी तीजहारिन माताओं और बहनों के प्रति अपनी शुभकामनाएं प्रकट करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में तीजा पर्व का अपना विशेष महत्व है। महिलाओं द्वारा हरतालिका तीजा पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। माताएं-बहनें तीजा मनाने ससुराल से मायके आती हैं। महिलाएं पति की दीघार्यु के लिए तीजा पर्व के एक दिन पहले करूभात ग्रहण कर निर्जला व्रत रखती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सुहागिन स्त्रियों को शिव-पार्वती अखंड सौभाग्य का वरदान देते हैं, वहीं कुंवारी लड़कियों को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तीज, त्यौहारों की एक समृद्ध परम्परा है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति के संरक्षण और संर्वधन के लिए प्रदेश में हरेली, तीजा, भक्त माता कर्मा जयंती, छठ पूजा और विश्व आदिवासी दिवस के दिन न केवल सार्वजनिक अवकाश की शुरूआत की है, बल्कि इन लोक पर्वों के महत्व से आने वाली पीढ़ी को जोड?े के लिए जन सहभागिता से पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।