: AAP ने छत्तीसगढ़ में दो अजा और दो अजजा को दिया
Tue, Oct 3, 2023
रायपुर.
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोमवार को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की। आप ने मध्य प्रदेश के लिए 29 और छत्तीसगढ़ के लिए 12 उम्मीदवारों की सूची जारी की। आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर दोनों राज्यों की अलग-अलग सूची पोस्ट की। AAP ने लिखा- प्रमुख घोषणा। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए हमारे उम्मीदवारों की दूसरी सूची आ गई है। सभी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं। इस बार चलेगी झाड़ू।
छत्तीसगढ़ में किसे मिला मौका
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव डॉ. संदीप पाठक, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी और प्रदेश प्रभारी संजीव झा की ओर से जारी लिस्ट में छत्तीसगढ विधानसभा की 12 सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। सूची में पार्टी की राज्य इकाई के कोषाध्यक्ष जसबीर सिंह और रायपुर के पार्षद तरुण वैध को शामिल किया गया है। पार्टी ने जिन 12 सीटों पर उम्मीदवारों की सूची जारी की है उनमें से चार सीटें एसटी उम्मीदवारों के लिए और दो अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
रायपुर और बिलासपुर से किसे चुना
रायपुर ग्रामीण से तरूण वैद्य और रायपुर पश्चिम से नंदन सिंह दो-दो हाथ करेंगे। बिलासपुर से डॉ. उज्जवला कराडे चुनाव मैदान में होंगी। वहीं प्रतापपुर से राजा राम श्याम, सारंगढ़ से देव प्रसाद कोसले, खरसिया से विजय जायसवाल, कोटा से पंकज जेम्स, बिल्हा से जसबीर सिंह, मस्तूरी से धर्मदास भार्गव, अंटागढ़ से संत राम सलाम, केसकाल से जुगलकिशोर बोध और चित्रकोट से बोम्दा राम मंडावी को चुनावी मैदान में उतारा गया है।
छत्तीसगढ़ में AAP का चुनावी रिकॉर्ड
समाचार एजेंसी पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, AAP ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में पहली बार अपनी किस्मत आजमाई थी और कुल 90 सीटों में से 85 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। 2018 के चुनावों में आप का कोई भी उम्मीदवार अपनी जमानत बचाने में भी सफल नहीं हुआ था। 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा अभी चुनाव आयोग द्वारा नहीं की गई है। पार्टी ने पिछले महीने दस उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा की थी।
विकल्प के रूप में उभरने का मकसद
छत्तीसगढ़ में दो दलों कांग्रेस और भाजपा के बीच ही मुख्य मुकाबला होता आया है। राज्य में 2018 के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) और बसपा ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। गठबंधन को सात सीटें मिली थी। 2018 के चुनाव में कांग्रेस को 68 और भाजपा को 15 सीटें मिली थी। राज्य में वर्तमान में कांग्रेस के 71 विधायक हैं। इस साल होने वाले चुनाव में आप बेहतर स्थान हासिल की करने की कोशिश में है क्योंकि 2020 में अजीत जोगी की मृत्यु के बाद जेसीसी (जे) हाशिये पर है।
मध्य प्रदेश से किसे कहां से मिला मौका
आम आदमी पार्टी ने मध्य प्रदेश चुनाव के लिए सोमवार को देर रात अपनी दूसरी लिस्ट जारी की। इसमें 29 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। भोपाल उत्तर से मोहम्मद सऊद, इंदौर-1 सीट से अनुराग यादव, इंदौर-4 सीट से पीयूष जोशी को मौका दिया गया है। वहीं भांडेर सीट से रामानी देवी जाटव, भिंड से राहुल कुशवाहा और मेहगांव से सतेंद्र भदौरिया को चुनाव मैदान में उतारा गया है। रीवा सीट से इंजीनियर दीपक सिंह पटेल, पाटन सीट से विजय मोहन पाला और शिवपुरी सीट से अनूप गोयल को मौका दिया गया है।
कांग्रेस के रुख पर नजरें
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने अपनी दूसरी लिस्ट ऐसे वक्त में जारी की है जब विपक्षी INDIA गठबंधन को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे थे। ऐसा कहा जा रहा था कि विपक्षी दल एकजुट होकर विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। सनद रहे अभी तक दोनों ही राज्यों में कांग्रेस की ओर से कोई सूची जारी नहीं हुई है। ऐसे में नजरें कांग्रेस के रुख पर नजरें टिकी है। देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस विधानसभा चुनावों को लेकर गठबंधन के साथ आती है या अपने बलबूते चुनाव लड़ने का फैसला करती है।
: कांग्रेस का बस्तर बंद आज, पीएम के फैन ने दिल की बात के लगाए पोस्टर
Tue, Oct 3, 2023
जगदलपुर.
बस्तर के लालबाग मैदान में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा बस्तरवासियों को जहां करोड़ों की सौगात देने की बात सामने आ रही है। वहीं नगरनार एनएमडीसी प्लांट को बेचने के विरोध में कांग्रेस के द्वारा नगर बंद का आव्हान भी किया है। व्यापारियों ने बंद का समर्थन करने के साथ ही अपने प्रतिष्ठानों में पोस्टर चिपकाए हैं, जहां मोदी की सभा में जाने की बात लिखी है।
पोस्टर पर स्वेच्छा से अपनी दुकान बंद करने की बात कही है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण का विरोध कांग्रेस द्वारा लगातार कर रही है। प्रदेश सरकार तो संयंत्र खरीदने के लिए भी तैयार है। लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार इसे निजी हाथों में देने पर तुली हुई है।
पीसीसी चीफ की इस घोषणा के बाद कांग्रेसी मंगलवार को नगर बंद करने के लिए एक दिन पहले ही घोषणा कर चुकी है। जिसके चलते मंगलवार को बस्तर को दोपहर 2 बजे तक बंद रखने का व्यापारियों ने समर्थन दिया है।
कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष सुशील मौर्य ने नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण के विरोध में बस्तर बंद को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि स्टील प्लांट को बेचने के लिए केंद्र सरकार ने टेंडर जारी कर दिया है, साथ ही इसका डिमार्जर की प्रक्रिया भी की जा रही है। पीएम मोदी और भाजपा बस्तरवासियों के साथ धोखा कर रहे है।
स्तर वासियों की उम्मीद को टूटने से बचाने के लिए बंद का आयोजन किया जा रहा है। इसका पूर्ण समर्थन कांग्रेस कर रही है। एक ओर जहां व्यापारियों ने कांग्रेस का समर्थन करने के साथ ही प्रधानमंत्री के आम सभा में जाने के लिए स्वेच्छा से अपने दुकानों को बंद करने की बात कहते हुए पोस्टर दीवारों के साथ ही दुकान के शटर पर भी लगा दिए हैं।
: छत्तीसगढ़-राजस्थान चुनाव में बीजेपी की सांसद उतारने की खास रणनीति
Tue, Oct 3, 2023
नई दिल्ली.
इस साल मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं। हिन्दी भाषी राज्यों में भले ही बीजेपी की पकड़ मजबूत हो लेकिन, पार्टी आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। सूत्रों का कहना है कि सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों को मैदान में उतारने की अपनी मध्य प्रदेश की रणनीति के समान बीजेपी इस मॉडल को राजस्थान में भी दोहराने की कोशिश कर रही है। वह यहां कई सांसदों को उन निर्वाचन क्षेत्रों में मैदान में उतार सकती है जहां उनकी जाति का प्रभुत्व है।
बीजेपी राजस्थान चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची के लिए नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से बहुत पहले उम्मीदवारों की घोषणा करने की अपनी नवीनतम रणनीति को जारी रखते हुए, बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) ने रविवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी प्रमुख जेपी नड्डा से मुलाकात की। बैठक में छत्तीसगढ़ के संभावित उम्मीदवारों पर भी चर्चा की गई। पार्टी छत्तीसगढ़ में अपने राज्य इकाई प्रमुख अरुण साव सहित कई सांसदों को मैदान में उतार सकती है। रविवार देर शाम सीईसी की बैठक से पहले पिछले दो दिनों में दिल्ली में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेताओं के साथ कई बैठकें हुईं हैं। दोनों राज्यों के नेताओं ने नड्डा के आवास पर मुलाकात की थी, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए थे।
नवरात्रि में उम्मीदवारों की घोषणा संभव
भाजपा नवरात्रि के दौरान राजस्थान के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा कर सकती है जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, विपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़, पूर्व राज्य इकाई प्रमुख सतीश पूनिया और कई अन्य लोगों सहित 30 से अधिक नाम शामिल हो सकते हैं। पार्टी किरोड़ी लाल मीणा, सुखबीर सिंह जौनपुरिया, दीया कुमारी और बाबा बालक नाथ सहित कई सांसदों को मैदान में उतार सकती है। ऐसी भी संभावना है कि सामूहिक नेतृत्व पर संदेश देने के लिए कुछ केंद्रीय मंत्रियों को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ में बीजेपी का फॉर्मूला
पार्टी इसी समय के आसपास छत्तीसगढ़ के लिए भी उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है। वह पहले ही 21 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। दोनों राज्यों में भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि उम्मीदवारों का चयन जमीनी रिपोर्ट और सर्वेक्षणों के आधार पर किया जाएगा। एक परिवार के लिए एक ही टिकट दिया जाएगा।