BREAKING NEWS

तिल्दा-नेवरा में व्यापारियों के लिए जीएसटी और इनकम टैक्स पर मार्गदर्शन शिविर आज

खाद-बीज की उपलब्धता की होगी समीक्षा

बेबी डू डाई डू का टीजर जारी, एक्शन-रोमांच से है भरपूर

देवरी पंचायत में फर्जीवाड़े और शासकीय रिकॉर्ड नष्ट करने का मामला

नारी शक्ति का हुंकार: गुलाबी साफे और जयकारों से गूंजी तिल्दा-नेवरा की सड़कें

Advertisment

: मनरेगा से अनंतराम का सपना हुआ साकार, निजी डबरी खनन से मछली पालन और साग-भाजी उत्पादन कर बने खुशहाल किसान

Admin

Mon, Jul 24, 2023
महासमुंद सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम नवापारा कोटद्वारी के कृषक श्री अनंतराम का जीवनोपार्जन का माध्यम कृषि पर आधारित था। अनंतराम पेशे से लघु कृषक है, इनके पास कुल जमीन 4 एकड़ है। वह वर्षा की पानी के भरोसे धान की खेती करता था परन्तु कुछ वर्षों से बारिश की अनियमितता होने के कारण कृषि कार्य हेतु सिंचाई सुविधा ना होने के कारण दूर से पानी लाना पड़ता था जिससे उसे अधिक परिश्रम एवं अधिक पैसा खर्च करना पड़ता था और उत्पादन भी अपेक्षाकृत कम होता था एवं वर्ष में केवल एक ही फसल (खरीफ) ले पाता था। अनंतराम अन्य ग्रामीण कृषकों की तरह खेती के लिए वर्षा के जल पर ही निर्भर था और वर्षा पर्याप्त नहीं होने पर परिवार को गांव के ही अन्य जगह मे मजदूरी करनी पड़ती थी। हमेशा से ही उसके स्वयं के खेत में सिंचाई सुविधा की कमी होती थी और वह हमेशा से चाहते थे की उनके खेत या खेत के आसपास सिचाई सुविधा उपलब्ध हो जाएं। जिससे अल्पवर्षा के समय कृषि हेतु सिचाई सुविधा मिल सके तथा पैदावार अधिक हो सके। अनंतराम ने इस स्वप्न को पूरा करने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अधिनियम के तहत निजी डबरी निर्माण हेतु ग्राम पंचायत में अर्जी दी। इसके लिए ग्राम पंचायत में ग्राम सभा में अनंतराम के निजी भूमि में डबरी निर्माण का प्रस्ताव किया गया। तत्पश्चात जिला पंचायत महासमुंद द्वारा 15 जनवरी 2022 को 9.99 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी। यह सूचना मिलते ही अनंतराम एवं उसके परिवार में खुशियों ने दस्तक दी। डबरी निर्माण के पश्चात् इस बरसात में सिंचाई हेतु पानी की उपलब्धता होने से अब अनंतराम खुशहाल किसान कहलाने लगे हैं। अनंतराम बताते है कि खेत में निजी डबरी निर्माण होने के पश्चात खरीफ सीजन में धान फसल की बहुत अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। साथ ही मछली पालन का उनका सपना भी पूरा होगा। डबरी निर्माण के पश्चात वह फसल उत्पादन के अतिरिक्त मछली एवं साग-सब्जी का उत्पादन करना प्रारम्भ कर दिया है। जिसे वह पास ही के ग्राम पंचायत बलौदा एवं टेमरी में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में बेचता है, जिससे उसके मासिक आय में 12 से 15 हजार रुपए की वृद्धि हुई है। इस प्रकार कृषक अनंतराम के भूमि में डबरी निर्माण के पश्चात उसके परिवार का आय का स्त्रोत बढ़ गया है। जिससे अनंतराम और उसके परिवार के आर्थिक स्थिति एवं जीवन स्तर में बहुत सुधार आया है एवं अनंतराम का परिवार संपन्नता की ओर अग्रसर है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें