तिल्दा-नेवरा में प्रशासन का बड़ा एक्शन : एसडीएम की अध्यक्षता में दुकानों पर दी दबिश, नशा मुक्त ब्लॉक बनाने की कवायद शुरू
Ramesh Batra
Fri, Mar 6, 2026
तिल्दा-नेवरा |
विकासखण्ड तिल्दा को पूर्णतः नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ आज प्रशासनिक टीम ने शहर के विभिन्न पान ठेलों और किराना दुकानों पर औचक छापेमारी की। अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) की अध्यक्षता में 'राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम' के तहत की गई इस कार्रवाई में प्रतिबंधित तम्बाकू युक्त गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों का विक्रय करने वाले दुकानदारों पर भारी जुर्माना लगाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी को रोकना और कोटपा (COTPA) एक्ट का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।
प्रशासनिक सख्ती और निगरानी: क्षेत्र को व्यसन मुक्त करने के लिए प्रशासन अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है। आज की यह बड़ी कार्रवाई मुख्य रूप से खण्ड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. आशीष कुमार सिन्हा की प्रत्यक्ष निगरानी में संपन्न हुई। टीम ने तिल्दा-नेवरा के व्यस्ततम चौक-चौराहों और गलियों में संचालित पान ठेलों की जांच की। इस दौरान कई दुकानों में तम्बाकू युक्त प्रतिबंधित गुटखा और सिगरेट के अवैध भंडार पाए गए, जिन्हें तत्काल जप्त कर चालानी कार्यवाही की गई।
विशेषज्ञों की मौजूदगी: कार्यवाही के दौरान स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी मुस्तैद रही। टीम में आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज तिवारी एवं डॉ. आशीष खरसन के साथ ब्लॉक एजुकेटर प्रभारी (बी ई टी ओ) श्री एस. के. साहू शामिल थे। अधिकारियों ने न केवल चालान काटे, बल्कि दुकानदारों को चेतावनी भी दी कि यदि भविष्य में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचते पाया गया या शिक्षण संस्थानों के निर्धारित दायरे में बिक्री की गई, तो कड़ी कानूनी कार्यवाही के साथ दुकान का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।
नशा मुक्त विकासखण्ड का लक्ष्य: डॉ. आशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य तिल्दा विकासखण्ड के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना है। टीम ने सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान न करने और 'नो स्मोकिंग' बोर्ड लगाने के निर्देश भी जारी किए हैं।

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