: सऊदी अरब ने किया बेइज्जत- 90% भिखारी व जेबकतरे पाकिस्तान से आए
Sun, Oct 1, 2023
इस्लामाबाद
दुनिया के कई बड़े देशों में भीख मांगने वाले 90 फीसदी लोग पाकिस्तान के ही हैं। पाकिस्तान के विदेश मामलों की संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है। समिति ने माना है कि बड़ी संख्या में पाकिस्तान के भिखारी दूसरे देशों में जा रहे हैं और इसकी वजह मानव तस्करी भी हो सकती है। ओवरसीज मिनिस्ट्री के सचिव जुल्फिकार हैदर ने संसदीय समिति की मीटिंग के दौरान इस बात का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि इसके पीछे पूरा रैकेट काम कर रहा है और बड़ी संख्या में इन लोगों को सऊदी अरब, ईरान और इराक ले जाया जाता है। यही नहीं मक्का और मदीना जैसे पवित्र स्थलों पर जो जेबकतरे पकड़े गए हैं, वे भी पाकिस्तानी मूल के ही निकले हैं। हालांकि इस दौरान यह बात भी सामने आई कि अब पाकिस्तान के भिखारियों और जेब काटने वालों की पसंदीदा जगह जापान बनता जा रहा है। बड़ी संख्या में पाकिस्तानी अब वहां जा रहे हैं। यही नहीं संसदीय समिति की मीटिंग में सऊदी अरब का भी जिक्र हुआ। सऊदी अरब ने पाकिस्तान के अधिकारियों से कहा है कि वे हज कोटा के लिए लोगों को मंजूरी देने में सावधानी बरतें। इसकी बड़ी वजह यह है कि हज कोटे के नाम बड़ी संख्या में भिखारी सऊदी अरब आ रहे हैं। सऊदी अरब का कहना है कि भीख मांगने वाले जिन लोगों को अरेस्ट किया गया है, उनमें से 90 फीसदी पाकिस्तान के ही निकले हैं। ये सभी लोग हज कोटा पर सऊदी अरब पहुंचे थे और तीर्थ यात्रा के बहाने वहां पर भीख लगाने लगे। यही नहीं सऊदी अरब ने पाकिस्तान को शर्मिंदा करने वाली एक और बात कही है। सऊदी अरब सरकार ने पाकिस्तान को बताया कि हमारे यहां की जेलें पाकिस्तानी मूल के कैदियों से भरी हुई हैं। इसके अलावा मक्का की पवित्र मस्जिद-अल-हरम के पास जो जेबकतरे भी पकड़े गए हैं, वे सभी पाकिस्तान के ही हैं। सूत्रों के मुताबिक ये लोग उमरा के नाम पर सऊदी अब जाते थे और फिर वहां पर भीख मांगने, जेब काटने जैसे कामों में लग जाते थे।
क्यों सऊदी अरब जा रहे हैं पाकिस्तान के भिखारी और जेबकतरे
पाकिस्तान की संसदीय समिति ने कहा कि ऐसे लोगों में वे ज्यादा हैं, जो अकुशल श्रमिक हैं। कोई काम न आने की वजह से ऐसे लोगों को सऊदी अरब का वीजा नहीं मिल पाता। ऐसे में ये लोग उमरा करने के बहाने वहां पहुंचते हैं और फिर इस तरह के कामों में लग जाते हैं। इसके पीछे एक बड़े रैकेट भी होने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि सऊदी अरब समेत अन्य अरब देशों में कुशल कारीगरों और श्रमिकों की बड़ी संख्या भारतीय और बांग्लादेशी मूल के लोगों की है।
: भारत के दुश्मन हाफिज के करीबी को पाकिस्तान में गोलिओं से भूना
Sun, Oct 1, 2023
नई दिल्ली
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि यह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के मोस्ट वांटेड आतंकवादी कैसर फारूक की हत्या का सीसीटीवी फुटेज है। हालांकि वीडियो की सटीक तारीख और समय ज्ञात नहीं है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति को पीछे से गोली मारी गई है, जो अन्य लोगों के साथ कराची की एक सड़क पर चल रहा है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह आतंकी और कोई नहीं हाफिज सईद का करीबी है। यह घटना तब की बताई जा रही है, जब हाफिज सईद के बेटे का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था।
कैसर फारूक प्रतिबंधित और नामित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक सदस्यों में से एक है। उसे मुंबई पर 26/11 के आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर प्रमुख कैसर फारूक का करीबी सहयोगी माना जाता है। कैसर फारूक प्रतिबंधित और नामित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक सदस्यों में से एक है। उसे मुंबई पर 26/11 के आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर प्रमुख हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा पाकिस्तान के कराची शहर का बताया जा रहा है। जैसे ही गोली चलाई जाती है, अन्य लोग छिपने के लिए भागते हैं, जबकि जिस व्यक्ति को गोली लगती है, वह नीचे गिर जाता है। इस शख्स के बारे में कई लोगों का दावा है कि वह कैसर फारूक नाम का मोस्ट वांटेड आतंकवादी है।
हाफिज के बेटे का किडनैप और अब करीबी की हत्या
कराची में लश्कर के आतंकवादी कैसर फारूक की गोली मारकर हत्या की खबर और वीडियो के दावे तब आए हैं, जब कुछ दिन पहले हाफ़िज़ सईद का बेटा लापता हो गया है और आईएसआई उसका पता लगाने में असमर्थ है। मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद के बेटों में से एक कमालुद्दीन सईद मंगलवार (26 सितंबर) से लापता है। कथित तौर पर कमालुद्दीन सईद का पेशावर में एक कार में आए बदमाशों ने अपहरण कर लिया था।
: मालदीव के नए राष्ट्रपति का चीनी कनेक्शन; भारत की गहरी टेंशन?
Sun, Oct 1, 2023
माले
मालदीव में शनिवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में मोहम्मद मुइज्जू ने जीत हासिल की है। मालदीव के ये चुनाव परिणाम भारत को टेंशन में डाल सकते हैं। क्योंकि मुइज्जू चीन समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने निवर्तमान राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को करारी शिकस्त दी। इससे पहले 2018 में सोलिह ने मुइज्जू की पार्टी के नेता और पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल यामीन को हराकर सत्ता हासिल की थी। अब्दुल यामीन पर बड़े पैमाने पर चीनी ऋण लेने और भारत की उपेक्षा करने के आरोप थे। भ्रष्टाचार के आरोप में वह पहले से जेल में बंद हैं। मुइज्जू ने राष्ट्रपति बनने के बाद पहली प्रतिक्रिया में यामीन की रिहाई के आदेश दिए। मुइज्जू वही नेता हैं, जिन्होंने पिछले साल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारियों के साथ एक बैठक में कहा था कि उनकी वापसी "दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का एक नया अध्याय लिखेगी"। चीन को मालदीव के इलेक्शन परिणामों की प्रतिक्षा थी। मोहम्मद मुइज्जू की जीत ने चीन को मालदीव पर कूटनीतिक सफलता दिलाई है। उन्होंने अंतिम मुकाबले में 54.06 प्रतिशत वोट हासिल किए, जिससे निवर्तमान राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को आधी रात से कुछ देर पहले हार स्वीकार करनी पड़ी।
मुइज्जू का जीतना चिंता कैसे
राष्ट्रपति का चुनाव जीतने से पहले मुइज्जू मालदीव के माले शहर के मेयर हैं। इस दौरान वह चीन के साथ गहरे संबंधों की कई बार वकालत कर चुके हैं। पिछले साल चीनी नेताओं के साथ एक बैठक में उन्होंने कहा था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में वापसी करती है तो वे दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का नया अध्याय लिखेंगे। मुइज्जू की पार्टी, पीपुल्स नेशनल कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान सोलिह पर भारतीय हितों को जोर देने आरोप लगाया था। वह अपने गुरु और पूर्व राष्ट्रपति यामीन की तरह चीनी हितों को बढ़ावा देने और भारत के साथ संबंधों को सीमित करने के पक्षधर रहे हैं। जबकि, सोलिह के मुताबिक, मालदीव में भारतीय सेना की मौजूदगी केवल दोनों सरकारों के बीच डॉकयार्ड निर्माण का समझौता भर है। इससे मालदीव की समप्रभुता पर कुछ प्रभाव नहीं पड़ेगा।
भारत की बढ़ाएंगे टेंशन?
चुनाव प्रचार और मेयर रहने के दौरान हालांकि मुइज्जू भारत के खिलाफ बयानबाजी जरूर देते रहे हैं लेकिन, हकीकत यह है कि अब सत्ता संभालने के दौरान वह भारत की अनदेखी नहीं कर सकते। भारत को नजरअंदाज कर अपनी विदेश नीति पर आगे बढ़ना उन्हें नुकसान दे सकता है। हालांकि यह संभावना ज्यादा है कि वह भारत की अपेक्षा चीनी परियोजनाओं को ज्यादा हित और तवज्जो दें। बता दें कि मालदीव पूर्व और पश्चिम के बीच मुख्य शिपिंग मार्ग पर स्थित हिंद महासागर में 1,200 मूंगा द्वीपों से बना देश है।
चीन की दोस्त मुइज्जू की पार्टी
45 वर्षीय मुइज्जू उस पार्टी का नेतृत्व करते हैं, जिसने मालदीव में सत्ता संभालने के दौरान चीनी ऋणों की आमद की अध्यक्षता की थी। 2023 का मालदीव चुनाव भारत और चीन दोनों देशों के लिए काफी अहम था। अल जजीरा के मुताबिक, मौजूदा राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को 46% वोट मिले थे और मुइज्जू ने 18,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी।
पीएम मोदी ने दी बधाई
पीएम नरेंद्र मोदी ने मालदीव के नए राष्ट्रपति बनने पर मोहम्मद मुइज्जू को बधाई दी है। X पर अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा, "मोहम्मद मुइज्जू को मालदीव का राष्ट्रपति बनने पर बधाई एवं शुभकामनाएं। भारत मालदीव के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और हिंद महासागर क्षेत्र में हमारे समग्र सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जेल में मुइज्जू के गुरु और पूर्व राष्ट्रपति
मुइ्जजू के पहले उनकी पार्टी के नेता अब्दुला यामीन ने 2013 में सत्ता संभाली थी। अपने कार्यकाल के दौरान उन पर व्यापक भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों के उल्लंघन के ढेरों आरोप लगे। एक अन्य मुद्दा सड़कों, पुलों और हवाई अड्डों जैसे सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण का था, जिसमें उन्होंने भारत के ऑफर को ठुकराकर चीनी निवेश की तरफ रुख किया। जिसके परिणामस्वरूप मालदीव चीनी ऋण में दबता चला गया। साल 2018 में यही मु्द्दे उनकी हार का कारण भी बने और इब्राहिम सोलिह ने बड़ी जीत हासिल की थी।
राष्ट्रपति बनते ही यामीन की आजादी का आह्वान
प्रचंड जीत के बाद, मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने अपनी पार्टी के मुख्यालय में एक संक्षिप्त बयान दिया। जिसमें उन सभी को धन्यवाद दिया और पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को रिहा करने का आह्वान किया, जो भ्रष्टाचार के आरोप में 11 साल की जेल की सजा काट रहे हैं। अल जज़ीरा ने उनके बयान के हवाले से कहा, "आज का यह परिणाम हमारे देश के लिए बेहतर भविष्य बनाने और हमारे राष्ट्र की संप्रभुता सुनिश्चित करने के हमारे प्रयास में एक बड़ा प्रोत्साहन है।" मुइज्जू ने कहा, "हमारे नेता यामीन को रिहा किया जाना चाहिए।" “राष्ट्रपति के पास यामीन को गृह कारावास में स्थानांतरित करने की शक्ति है। और मेरा मानना है कि ऐसा करना, हमारे देश के हित में उठाया जा सकने वाला सबसे अच्छा कदम है।''