: अग्निवीरों की नियुक्ति सशस्त्र बलों में युवा भागीदारी को पक्का करेगी – मनोज पांडे
Fri, Dec 8, 2023
पुणे
भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने 'अग्निपथ' योजना को ''एक उल्लेखनीय'' मानव संसाधन पद्धति बताते हुए कहा कि इससे सशस्त्र बलों की युवा फौज सुनिश्चित होगी।
अग्निपथ योजना को 2022 में शुरू किया गया था। इसके तहत सैनिकों को चार साल के लिए सशस्त्र बलों द्वारा अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। सेवा के बाद वे अपने समाज में वापस जा सकते हैं और अपनी पसंद का करियर बनाने के लिए अन्य क्षेत्रों में नौकरियां हासिल कर सकते हैं।
सेना प्रमुख ने कहा, ''मानव संसाधन प्रबंधन क्षेत्र में अग्निवीर (अग्निपथ) योजना की शुरूआत एक पथ-प्रदर्शक मानव संसाधन भर्ती एवं प्रबंधन पद्धति रही है। यह युवा फौज सुनिश्चित करेगी और तकनीकी रूप से अधिक कुशल एवं पारंगत सैनिकों को विभिन्न पद प्रदान करेगी।''
जनरल पांडे ने पुणे में कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग में दीक्षांत समारोह और स्क्रॉल प्रेजेंटेशन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि योजना सुनिश्चित करती है कि ''श्रेष्ठ में से सर्वश्रेष्ठ'' को सशस्त्र बलों की मुख्य जनशक्ति के रूप में बरकरार रखा जाए।
जनरल पांडे ने कहा कि इकाइयों और उप-इकाइयों में अग्निवीरों का एकीकरण महत्वपूर्ण है क्योंकि उनका मूल्यांकन और सेवा में बनाए रखना पूरी तरह से योग्यता पर आधारित है।
उन्होंने स्नातक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ''आप सभी अपनी इकाइयों में जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण हितधारक बनने जा रहे हैं। मैं चाहता हूं कि आप एक अच्छे सब-यूनिट कमांडर से अपेक्षित पेशेवर नेतृत्व और मार्गदर्शन दोनों प्रदान करें।'' शीर्ष रक्षा अधिकारी ने कहा कि भारतीय सेना पिछले एक साल से बदलाव की राह पर है।
: दिल्ली एम्स में आपात बेड बढ़ाने की मांग
Fri, Dec 8, 2023
‘उड़ान’ योजना से बढ़ी विमान यात्रियों की संख्या : सिंधिया
नई दिल्ली
सरकार ने लोकसभा को बताया कि विमान यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी में ‘उड़ान’ योजना कारगर साबित हो रही है।नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि 2014 के बाद नौ साल में विमान यात्रियों की संख्या छह करोड़ से बढ़कर 14 करोड़ हो गयी है जो 2030 तक तीन गुना बढ़ोतरी के साथ 42 करोड़ पहुंच जाने की संभावना है। विमान यात्रियों की संख्या में इस बढ़ोतरी में ‘उड़ान’ योजना भी कारगर साबित हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 76 हवाई अड्डों से उड़ानें शुरू की गयी हैं और आंकड़े बताते हैं कि छोटी सी अवधि में एक करोड़ 30 लाख लोग ‘उड़ान’ योजना के तहत हवाई यात्रा कर चुके हैं।
उन्होंने एक अन्य पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि सरकार ने देश को नये नागर विमानन युग में ले जाने के संकल्प के साथ एयर इंडिया का विनिवेश किया है और इसके साथ ही यह देखने को मिला है कि एयर इंडिया में पहले 400 विमानों का बेड़ा था लेकिन विनिवेश होने के साथ इस विमानन कंपनी ने एक साथ 470 विमानों की खरीद के लिए करार किया है। इसका फायदा देश के विमान यात्रियों को निश्चित ही मिलेगा।
आईयूएमएल के सांसद ई. टी. बशीर मोहम्मद ने सरकार से पूछा कि क्या वह छुट्टियों और त्योहारों के मौसम में विमान किरायों में बेतहाशा बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने के लिए हस्तक्षेप करेगी? इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हमें नागरिक उड्डयन क्षेत्र की स्थिति को समझना होगा। यह ‘सीजनल सेक्टर’ है। किराया बढ़ना केवल भारत के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक घटना है और इसकी एक वजह यह भी यह है कि विमानन कंपनियां गैर-मौसमी अवधि में घाटे में चलती हैं।’’
दिल्ली एम्स में आपात बेड बढ़ाने की मांग
नई दिल्ली
कांग्रेस के विवेक तन्खा ने राज्यसभा में दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान- एम्स के आपात कालीन विभाग में बिस्तर बढ़ाने की मांग की।
तन्खा ने सदन में शून्य काल के दौरान ‘सभापति की अनुमति से उठायें गये मामले’ में कहा कि दिल्ली एम्स में आपात स्थिति में आने वाले रोगियों की भारी भीड़ है। प्रतिदिन लगभग ढाई सौ लोग आपात स्थिति में पहुंचते हैं लेकिन एम्स में केवल 82 आपात बिस्तर है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आपात बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एम्स के डॉक्टरों की निजी अस्पतालों में बहुत मांग है। सेवानिवृत्ति के बाद ये डॉक्टर मोटे वेतन पर निजी अस्पतालों में चले जाते हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को एम्स के डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष से बढ़कर 70 वर्ष कर देना चाहिए। इस संबंध में एक प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय में लंबित है। इस पर शीघ्र फैसला लेना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी के ईरण्ण कडाडी ने कित्तूर की रानी चेन्नम्मा पर राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। उन्होंने अपना वक्तव्य कन्नड़ भाषा में दिया। उन्होंने कहा कि चेन्नम्मा रानी राष्ट्र का गौरव है।
केसी- एम के जोस के मणि ने तटीय क्षेत्रों में भू - क्षरण का मामला उठाया और कहा कि इसका आकलन किया जाना चाहिए और इसे बचाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम तैयार किए जाने चाहिए। सरकार को इसके लिए वित्तीय आवंटन करना चाहिए।
जम्मू कश्मीर में 11 महीने में रिकार्ड दो करोड़ पर्यटक पहुंचे
नई दिल्ली
सरकार ने कहा है कि उसकी नीतियों से जम्मू कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र मजबूत हुआ है और इस वर्ष केवल 11 महीने में रिकार्ड दो करोड़ पर्यटकों ने केन्द्र शासित प्रदेश की यात्रा की है।
पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा में पूरक प्रश्नों के जवाब में बताया कि अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद मौजूदा वर्ष के पिछले 11 महीनों में जम्मू कश्मीर में दो करोड़ पर्यटक गये जो जम्मू कश्मीर के इतिहास में एक रिकार्ड है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सदन में मौजूदगी के दौरान रेड्डी ने कहा कि मोदी दुनिया भर में भारत के पर्यटन एम्बेसडर हैं। वह जिस भी देश की यात्रा पर जाते हैं वहां भारत में पर्यटन की असीम संभावनाओं के बारे में विशेष रूप से बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि देश में हाल ही में संपन्न हुए जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी भारत में पर्यटन की संभावनाओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। सम्मेलन की बैठकों का देश भर में आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के सकारात्मक परिणामों में से एक यह भी है कि देश के पर्यटन क्षेत्र को भी इसका फायदा मिला।
एक अन्य प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से अब देश में होटल नहीं खोले जा रहे हैं बल्कि युवा पर्यटन क्लबों को बढावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक देश में विभिन्न संस्थानों में 35 हजार युवा पर्यटन क्लब खोले गये हैं।
: पुरी मंदिर के भक्तों के लिए जल्द ही एसी कॉरिडोर, प्रक्रिया शुरू
Fri, Dec 8, 2023
भुवनेश्वर
ओडिशा सरकार ने जगन्नाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कतार प्रबंधन प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के वास्ते पुरी स्थित ग्रैंड रोड पर वातानुकूलित लचीली फैब्रिक संरचना स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
‘ओडिशा ब्रिज एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (ओबीसीसी) के एक वरिष्ठ अभियंता प्रभात कुमार पाणिग्रही ने कहा कि कपड़े की यह लचीली संरचना तीन तरफ से ढकी होगी और यह एक सुरंग की तरह दिखेगी। यह 12 मीटर चौड़ी और 84 मीटर लंबा होगी।
ओबीसीसी, पुरी में विरासत गलियारा परियोजना के तहत विभिन्न बुनियादी ढांचे का कार्यान्वयन कर रहा है।
पाणिग्रही ने कहा कि यह संरचना ग्रैंड रोड पर मंदिर से पहले धर्मज्योति लॉज से मंदिर कार्यालय तक नाले से लगभग दो मीटर की दूरी पर स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि समर्पित गलियारे का उपयोग केवल मंदिर में प्रवेश के लिए किया जाएगा।
वर्तमान में 12वीं शताब्दी के मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए मंदिर के सामने एक अस्थायी संरचना स्थापित की गई है।
अभियंता ने कहा कि बुजुर्ग श्रद्धालुओं और बच्चों को मंदिर में प्रवेश करने से पहले घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है, जिससे उन्हें कठिनाई होती है।
पाणिग्रही ने कहा कि मंदिर में भक्तों की सुचारू यात्रा सुनिश्चित करने के लिए वातानुकूलित संरचना स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि ढांचा स्थापित करने के लिए बुधवार को माप लेने की प्रक्रिया शुरू की गई तथा इसे 25 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।