,हथबंद और टंडवा से शराब आने की सूत्रों की जानकारी : तिल्दा-नेवरा में अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश की दरकार
Ramesh Batra
Mon, Aug 24, 2026
सुबह से ही कई इलाकों में शराब मिलने की चर्चा, हथबंद और टंडवा से शराब आने की सूत्रों की जानकारी; युवा वर्ग पर पड़ रहा असर
तिल्दा-नेवरा। तिल्दा-नेवरा शहर में अवैध शराब की बिक्री को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों एवं सूत्रों के अनुसार शहर के अलग-अलग इलाकों में कथित रूप से अवैध शराब की बिक्री हो रही है। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर सुबह करीब 5 बजे से ही शराब उपलब्ध होने की चर्चा है, जिससे शराब के आदी लोगों के साथ-साथ युवा वर्ग को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
सूत्रों के अनुसार हथबंद और टंडवा क्षेत्र से शराब तिल्दा-नेवरा की ओर आने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शराब की अवैध आपूर्ति बाहर से शहर तक पहुंच रही है तो इसके स्रोत और बिक्री के ठिकानों की जांच किए जाने की आवश्यकता है।
कई इलाकों में बिक्री की चर्चा
शहर के विभिन्न हिस्सों में कथित रूप से शराब की अवैध बिक्री को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि यदि सुबह से ही शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है तो इसका असर खासकर उन युवाओं पर पड़ सकता है जो कम उम्र में नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं।
शराब की लत से परिवारों पर आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाव पड़ने के साथ ही युवाओं के भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। अभिभावकों का कहना है कि नशे की उपलब्धता पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हुआ तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है।
कार्रवाई के बावजूद सवाल
अवैध शराब के खिलाफ समय-समय पर पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि कार्रवाई लगातार हो रही है तो शहर में कथित रूप से अवैध शराब की उपलब्धता कैसे बनी हुई है?
लोगों का कहना है कि केवल छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई करने के बजाय शराब की आपूर्ति के स्रोत तक पहुंचना जरूरी है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि शराब शहर में कहां से आ रही है और किन माध्यमों से अलग-अलग इलाकों तक पहुंच रही है।
प्रशासन से जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस एवं आबकारी विभाग से मांग की है कि शहर में अवैध शराब की बिक्री के संबंध में गोपनीय स्तर पर जांच अभियान चलाया जाए, विशेषकर सुबह के समय संदिग्ध स्थानों की निगरानी की जाए और यदि हथबंद या टंडवा क्षेत्र से अवैध रूप से शराब आने की शिकायत सही पाई जाती है तो सप्लाई चैन पर कार्रवाई की जाए।
साथ ही नागरिकों का कहना है कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाना चाहिए। स्कूल-कॉलेजों एवं सामाजिक संगठनों के माध्यम से नशामुक्ति को लेकर अभियान चलाने की आवश्यकता है।
अब देखना यह है कि तिल्दा-नेवरा में अवैध शराब की कथित बिक्री को लेकर सामने आ रही शिकायतों पर पुलिस और आबकारी विभाग क्या कदम उठाता है। 
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