: शिव महापुराण कथा : श्रद्धालुओं ने पंडित प्रदीप मिश्रा को नम आंखों से दी विदाई
Admin
Mon, Aug 7, 2023
रमेश बत्रा
तिल्दा नेवरा | अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा आध्यात्मिक आयोजन श्री कावड़ शिव महापुराण कथा सोमवार को भव्य तरीके से संपन्न हुई | जिसमें अभूतपूर्व भीड़ उमड़ी | यह आयोजन पिछले 7 दिनों से बीएनबी हाई स्कूल स्थित दशहरा मैदान पर आयोजित किया गया था | कथा के अंतिम दिन प्रवचन सुनने लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी | भीड़ की विशालता इतनी अधिक थी कि दशहरा मैदान का क्षेत्र भी उन सभी को समायोजित करने के लिए अपर्याप्त साबित हुआ | जब पंडित प्रदीप मिश्रा को ले जा रहा काफिला बीएनबी हाई स्कूल से स्टेशन रोड की तरह गुजर रहा था, तो लोगों की भारी भीड़ के कारण कठिनाइयों का सामना करते हुए, भारी प्रतिक्रिया स्पष्ट थी | अपने वाहन में खड़े होकर पंडित जी ने भक्तों का अभिवादन और विदाई विनम्रता पूर्वक स्वीकार की, श्रद्धालुओं ने उन्हें विदाई देते समय उत्साह पूर्वक श्री शिवाय नमस्तुभयम का जाप किया | कई भक्त भावविभोर हो गए और विदाई देते समय उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े |
https://youtu.be/NGGUMQrUBgg
पंडित मिश्रा ने आज सातवें दिन की कथा जनमानस को श्रवण कराते हुए कहा कि शिव महापुराण की कथा संपूर्ण विश्व के कल्याण हेतु आप सभी को सुनने का अवसर प्राप्त हुआ है | पंगत और संगत में यह दो चीजों में खाने का पंगत भले ही छूट जाए पर अच्छे लोगों का संगत नहीं छूटना चाहिए | शिव महापुराण की कथा कहती है गुरु, माता - पिता और परमात्मा से बढ़कर दुनिया में कोई और मित्र नहीं होता | जो मनुष्य शिव महापुराण की कथा भाव आनंद के साथ सुनता है वह अपने जीवन के आनंद को पाकर सुख का अनुभव करता है, शिव भक्ति को प्राप्त करता है |
https://youtu.be/B0DAmEMo-x8
मन्नत पूरी होने पर कथा सुनने 40 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंची महिला
सातवें दिन की कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने एक महिला के द्वारा भेजे गए पत्र को पढा जिसमें लिखा था की मै चमेली वर्मा पति प्रेम लाल वर्मा ग्राम खोरसी निवासी हूं , जो कि 40 किलोमीटर पैदल चलकर कथा सुनने आई हू | 22 वर्ष पहले मेरा बेटा गुम हो गया था | लोग कहते थे वह मर गया, वह अब नहीं आएगा | तब मैंने टीवी के सामने शिव महापुराण कथा सुनते हुए संकल्प किया कि हे महादेव आप मेरे बेटे को लौटा देंगे तो मैं पैदल चलकर पंडाल में शिव की कथा सुनूंगी | 22 साल के बाद मेरा बेटा 3 जनवरी 2023 को मिल गया | इसलिए मैं अपने संकल्प को पूरा करने पैदल चलकर कथा सुनने आई हूं | जिसके बाद पंडित प्रदीप मिश्रा ने उस महिला को मंच में बुलाकर आशीर्वाद प्रदान किया |
मुख्य आयोजक घनश्याम अग्रवाल ने किया आभार व्यक्त
शिव महापुराण कथा के मुख्य आयोजक घनश्याम अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 1 अगस्त से 7 अगस्त तक आयोजित श्री कांवड़ शिव महापुराण कथा का आज विराम दिवस है | उन्होंने कहा कि सभी समाज, शासन प्रशासन , नगर पालिका परिषद एवं नगर वासियों के द्वारा अभूतपूर्व सहयोग रहा है | मैं उन सभी कार्यकर्ताओ का हमेशा ऋणी रहूंगा |, जो आयोजन को सफल बनाने दिन रात सेवा करते रहे | सफल आयोजन के लिए मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं |
https://youtu.be/rpHRAy0KJcM
मुख्य आयोजक घनश्याम अग्रवाल ने किया आभार व्यक्त
शिव महापुराण कथा के मुख्य आयोजक घनश्याम अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 1 अगस्त से 7 अगस्त तक आयोजित श्री कांवड़ शिव महापुराण कथा का आज विराम दिवस है | उन्होंने कहा कि सभी समाज, शासन प्रशासन , नगर पालिका परिषद एवं नगर वासियों के द्वारा अभूतपूर्व सहयोग रहा है | मैं उन सभी कार्यकर्ताओ का हमेशा ऋणी रहूंगा |, जो आयोजन को सफल बनाने दिन रात सेवा करते रहे | सफल आयोजन के लिए मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं |
https://youtu.be/rpHRAy0KJcM
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