BREAKING NEWS

देवरी पंचायत में फर्जीवाड़े और शासकीय रिकॉर्ड नष्ट करने का मामला

नारी शक्ति का हुंकार: गुलाबी साफे और जयकारों से गूंजी तिल्दा-नेवरा की सड़कें

तिल्दा-नेवरा में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनेगा बाबा गेलाराम जी का 96वां जन्मोत्सव

एसडीएम की अध्यक्षता में दुकानों पर दी दबिश, नशा मुक्त ब्लॉक बनाने की कवायद शुरू

चिचोली में उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब: दो सरोवरों के मध्य विराजे भूतेश्वर महादेव का होगा विशेष अभिषेक

Advertisment

: यात्रियों के लिए खुशखबरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पहली 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को उत्तर प्रदेश के अयोध्या से हरी झंडी दिखाएंगे

Admin

Sat, Dec 30, 2023

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को पहली 2 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को उत्तर प्रदेश के अयोध्या से हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेनें आधुनिकतम तकनीक से लैस हैं और यह सुनिश्चित किया गया है कि यात्रा के दौरान लोगों को किसी भी तरह का झटका महसूस नहीं हो। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि एक ट्रेन बिहार में दरभंगा से अयोध्या के रास्ते दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन तक चलेगी। दूसरी अमृत भारत पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से बेंगलुरु के सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल के बीच फर्राटा भरेगी।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 'सेमी-कपलर' तकनीक की मदद से अमृत भारत ट्रेन 130 किलोमीटर की अधिकतम गति से चलेगी। साथ ही इसमें विभिन्न गंतव्यों तक आरामदायक यात्रा की सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक 2 डिब्बों को इस तरह से जोड़ने में मदद करती है कि ट्रेन चलने और रुकने पर लगने वाले झटके का असर यात्रियों पर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि कई मौजूदा रेलगाड़ियों में इस्तेमाल की जाने वाली पुरानी तकनीक में डिब्बों को 'कपलर' की मदद से जोड़ा जाता है, जिससे ट्रेन के रुकने या चलने पर यात्रियों को झटका महसूस होता है।

अमृत भारत ट्रेन में विशेष प्रकार का कपलर: अश्विनी वैष्णव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत ट्रेन का जायजा लिया था। इस मौके पर उन्होंने कहा था, 'अमृत भारत ट्रेन में एक विशेष प्रकार का कपलर होता है जिसे सेमी-परमानेंट कपलर कहा जाता है। यह झटके के प्रभाव को कम करता है। इसे ट्रेन के संचालन के लिहाज से भी सुरक्षित माना गया है।' इसके अलावा नी ट्रेन 'पुश-पुल' तकनीक से भी लैस है जिसमें आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन होते हैं। आगे वाला इंजन ट्रेन को खींचता है, वहीं पीछे वाला इंजन उसे आगे धकेलता है। इससे ट्रेन को स्पीड हासिल करने में मदद मिलती है।

 

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें