: थाना प्रभारी का खौफ सटोरिये हुए गायब...
Fri, Feb 10, 2023
रमेश बत्रा
तिल्दा नेवरा। वैसे तो थाना तिल्दा नेवरा में कई थाना प्रभारी आ चुके है लेकिन थाना प्रभारियों का काम करने का तरीका अलग अलग रहा है। वर्तमान समय में थाना प्रभारी सुदर्शन ध्रुव की अलग ही मिसाल देखने को मिली है। वही तिल्दा नेवरा क्षेत्र के लोग उनकी तारीफ करने में कोई भी संकोच नहीं कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने बताया की ऐसे थाना प्रभारियों की हमारे क्षेत्र में जरूरत है। इनके कठोर नियम के चलते सटोरियों में इतना खौफ है कि वे दुम दबाकर भूमिगत हो चुके है। तिल्दा नेवरा क्षेत्र के थाना प्रभारी का भय सट्टोरियों में इस कदर हावी है की वे सभी अपने इस काले धंधे से तौबा कर भूमिगत हो चुके है। एक समय था की तिल्दा नेवरा क्षेत्र के सटोरियों के हौंसले इतने बुलंद थे ये किसी से छिपा नहीं था लेकिन तिल्दा नेवरा क्षेत्र के थाना प्रभारी का खौफ कुछ इस कदर इन सटोरियों पर छाया हुआ है कि वो भूमिगत हो गए है।
सटोरियों पर होगी सख्त कार्रवाई
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थाना प्रभारी सुदर्शन ध्रुव ने सटोरियों के खिलाफ सख्त रवैया दिखाया है उनके मुताबिक अपराध करने वाले को बख्शा नही जाएगा ।कानून के तहत मुकदमा दर्ज कर उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी । थानाप्रभारी के सख्त रवैये को देखकर कहा जाता सकता है कि इस क्षेत्र में अब सटोरियों की खैर नहीं ।
: केंद्र 1 किलो धान नहीं खरीदता -कांग्रेस
Fri, Feb 10, 2023
रायपुर
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा धान खरीदी पर लगातार झूठ बोल रही है। भाजपा अध्यक्ष अरुण साव झूठा दावा कर रहे है कि केंद्र सरकार धान खरीदी का बारदाना, सुतली और ट्रांसपोर्टिंग तक का पैसा देती है। जबकि हकीकत यह है कि केंद्र सरकार 1 किलो भी धान की खरीदी नहीं करती है, राज्य सरकार अपने दम पर मार्कफेड के माध्यम से धान की खरीदी करती है। केंद्र का इसके एक रू. का भी योगदान नहीं है। केंद्र अपनी आवश्यकताओं के लिये राज्य से चावल खरीदता है। छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों के कारण किसानों को देश में सबसे ज्यादा धान की कीमत 2640 और 2660 रू. मिल रही है। केंद्र सरकार के अडंगेबाजी के कारण किसानों को धान की पूरी कीमत एक साथ नहीं मिल पाता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि किसानों को धान की कीमत 2640 और 2660 रू. जो मिला उसके पीछे कांग्रेस की राजीव गांधी किसान न्याय योजना है। जिसके कारण किसानों को 9000 रू. प्रति एकड़ की इन्पुट सब्सिडी मिल रही है। इन्पुट सब्सिडी प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान खरीदी के हिसाब से 600 रू. प्रति एकड़ होती है। 600 रू. और समर्थन मूल्य के 2040 तथा 2060 रू. का जोड़ मिलाकर किसानों को 2640 और 2660 रू. मिला है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की यह सहायता भाजपा के किसान विरोधी निर्णय के कारण ही शुरू की गयी। केंद्र सरकार रोक नहीं लगाती तो किसानों को कांग्रेस सरकार एकमुश्त भुगतान करती। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा की कथनी करनी का अंतर हमेशा से अलग रही। छत्तीसगढ़ में सरकार में रहते भाजपा ने वायदा किया कि धान का 2100 रूपये समर्थन मूल्य देंगे, नहीं दिया। 5 साल तक 300 रूपये बोनस देंगे, 5 साल नही दिया। धान का एक-एक दाना खरीदेंगे, नहीं खरीदा। 10 क्विंटल खरीद रहे थे कांग्रेस के विरोध के बाद बढ़ाया। 2014 के चुनाव के पहले मोदी ने वायदा किया था स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों लागू करेंगे लागत मूल्य पर 50 प्रतिशत जोंडकर समर्थन मूल्य देंगे, नहीं दिया। 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करेंगे। 2022 बीत गया किसानों की आय बढ़ने के बजाये घट गयी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि 2014 लोकसभा चुनाव में किसानों से केंद्र में भाजपा की सरकार बनने पर स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने,महंगाई कम करने, किसानों की आय दुगुनी करने का वादा किया था। लेकिन 2013 में बनी रमन सिंह की सरकार और 2014 में बनी मोदी की सरकार ने किसानों से वादाखिलाफी कर किसानों के साथ अन्याय किया। मोदी सरकार ने रासायनिक खादों के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर, सस्ती डीजल को महंगे दामों में बेचकर मुनाफाखोरी कर महंगाई की मार झेल रहे कर्ज से दबे हताश परेशान मजबूर देशभर के किसानों को लगातार नुकसान पहुंचाया है।
: कारोबारी के ठिकानों पर आयकर विभाग की दबिश......
Fri, Feb 10, 2023
रायपुर
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छत्तीसगढ़ के लेमिनेट्स कारोबारी के तीन अलग-अलग ठिकानों पर आईटी की टीम ने आयकर सर्वे किया | आयकर विभाग की टीम ने लैमिनेट्स कारोबारी के फैक्ट्री, ऑफिस समेत तीन ठिकानों पर सर्वे किया है | जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग के 7 अफसरों ने सर्वे किया है | इस दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज समेत अन्य कागजातों की जांच की गई है | आयकर विभाग जल्द ही कुछ बड़ा खुलासा कर सकती है |आयकर की टीम ने उरला, हीरापुर और राजबंधा मैदान स्थित ठिकानों पर सर्वे किया | आयकर अफसरों ने लहरी लेमिनेट्स के ठिकानों पर दबिश दी, जिसकी जांच अल सुबह तक जारी रही , इस सर्वे में बीते कुछ सालों के रिटर्न के खुलासे किए गए | कर चोरी के संकेत पर आयकर विभाग जल्द ही कुछ बड़ा खुलासा कर सकती है |