: तीर्थयात्रियों से भरी बस पलटने से 13 लोग घायल...
Tue, Feb 21, 2023
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही |
जिले में आज सुबह तीर्थयात्रियों से भरी बस पलट गई, इस हादसे में 13 यात्री घायल हो गए | वहीं एक तीन साल के बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है | वहीं कुछ यात्रियों को मामलूी चोटें आई है | घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची | घायलों करो जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां सभी का इलाज चल रहा | बताया जा रहा कि सुंदर ट्रेवल्स की बस अयोध्या से रायपुर जा रही थी | इस दौरान गौरेला, लालपुर के पास बस अनियंत्रित होकर पलट गई | घटना की सूचना मिलते ही गौरेला पुलिस मौके पर पहुंची | घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है | बस में 60 से 70 यात्री सवार थे, सभी यात्री सुरक्षित हैं | बताया जा रहा कि सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रक को बचाने के कारण यह हादसा हुआ है | पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से ही बस का ड्राइवर मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश की जा रही है | बस में क्षमता से अधिक यात्रियों का परिवहन किया जा रहा था | बता दे छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली अधिकांश बड़ी स्लीपर बसें इसी मार्ग से उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार के लिए चलती है | अधिक सवारी ढोने के चक्कर में और बस आपरेटरों के आपसी कॉम्पिटिशन के चलते भी ये वाहन दुर्घटना के शिकार होते हैं, जिन पर रोक लगाए जाना अतिआवश्यक हो गया है |
: राज्यपाल अनुसुइया उइके को दी गई विदाई...
Tue, Feb 21, 2023
रायपुर।
राज्यपाल अनुसुईया उइके को आज छत्तीसगढ़ के माना स्थित स्टेट हैंगर पर भावभीनी विदाई दी गई। उन्हें विमानतल पर गार्ड आफ आनर दिया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्यपाल उइके को पुष्प गुच्छ भेंट कर विदाई दी। इसके साथ ही साथ विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, शिक्षा मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम, कोरबा की सांसद ज्योत्सना महंत, विधायक सत्यनारायण शर्मा, विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने भी राज्यपाल उइके को विदाई दी। उल्लेखनीय है कि अनुसूइया उइके को मणिपुर का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ के नए राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन बनाएं गए। जो बुधवार सुबह 9:45 बजे माना विमान पहुंचेंगे। इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, रायपुर संभाग के आयुक्त यशवंत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, राज्यपाल के सचिव अमृत खलखो, अजय यादव, कलेक्टर रायपुर सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार अग्रवाल भी उपस्थित थे।
: ईडी की कार्यवाही सुनियोजित राजनैतिक षड़यंत्र-कांग्रेस
Tue, Feb 21, 2023
रायपुर ।
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने ईडी की छापामार कार्रवाई को सुनियोजित राजनैतिक षड़यंत्र बताया है। ईडी की कार्रवाई भ्रम पैदा करने और कांग्रेस सरकार की छवि खराब करने के लिए है। केंद्र सरकार के इशारे पर ईडी गैर भाजपा शासित राज्यों में भय पैदा करने के लिये लगातार छापेमारी की कार्यवाही कर विपक्षी सरकारों को बदनाम करने का काम कर रही है। कांग्रेस ईडी की इस प्रकार की कार्रवाई से डरने वाली नहीं है। ईडी झूठे गवाहों को खड़ाकर लोगों पर दबाव डालकर झूठा बयान दिलवाया जाता है। ईडी जिन लोगों से पूछताछ कर रही है, उन्हें थर्ड डिग्री टार्चर करके बयान दिलवाए जा रहे हैं। जिसे आप मारेंगे-पीटेंगे और अपने केस को मजबूत करने के लिए बयान दिलवाएंगे उसकी बात क्या अहमियत है? ऐसे काल्पनिक बयानों के आधार पर कार्यवाही सिर्फ सनसनी फैलाने के लिये है। लोगों को धमका कर झूठे बयान दिलवाकर कांग्रेस नेताओं को टारगेट किया जा रहा। हमने पहले भी कहा था कि ईडी द्वारा डरा धमकाकर बयान दिलवाए जा रहे हैं। ऐसे में ये पूरी कार्रवाई सवालों के घेरे में है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कुछ माह पूर्व रायपुर के एक थाने में ईडी द्वारा प्रताड़ित निखिल चंद्राकर द्वारा शिकायत भी की गई थी जिसमें उसने कहा था कि ईडी के अधिकारियों द्वारा मारपीट कर प्रताड़ित कर जबरदस्ती बयान दिलवाया जा रहा है। निखिल ने अपनी शिकायत में कहा था कि उससे दवाबपूर्वक बैक डेट के कोरे कागज में साइन कराए गए थे। उसने ये भी शिकायत में लिखा था कि अधिकारियों द्वारा धमकाकर कांग्रेस नेताओं के नाम लेने को कहा गया था और 70 से 80 पन्नों में डरा-धमकाकर साइन लिए गए थे। अब उसी के बयान के आधार पर छापे मारे जा रहे हैं। ऐसे में ये कार्रवाई कहां तक पारदर्शी है। आप किसी को मारपीट कर कुछ भी बयान दिलवा सकते हैं । किसी के कुछ कह देने भर से कोई दोषी होता है क्या। आज ईडी ने जो छापे मारे हैं उसका आधार क्या है उनके पास। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि निखिल जैसे लोगों से धमका कर लिये गये बयानों को आधार बना कर ईडी की कार्यप्रणाली की जांच होनी चाहिये।