: मप्र न सिर्फ राज्यों बल्कि दूसरे देशों के लिए भी एक मिसाल है- यूएन प्रतिनिधी शोम्बी शार्प
Thu, Aug 10, 2023
प्रमुख सचिव पर्यटन शुक्ला से संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों ने प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा की
महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के हितधारकों से की चर्चा
भोपाल
संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के कार्यालय में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव और बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला से मुलाकात की। प्रतिनिधियों में यूनाइटेड नेशन रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर शोम्बी शार्प, यूनिसेफ मध्यप्रदेश की राज्य प्रतिनिधि सुमार्गरेट ग्वाडा, चीफ ऑफ़ स्टाफ रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ऑफिस सुराधिका कौर बत्रा एवं संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपी) के राज्य प्रभारी सुनील जैकब शामिल थे। प्रतिनिधियों ने मध्य प्रदेश के आतिथ्य और राज्य में टिकाऊ और महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश न केवल अन्य राज्यों के लिए बल्कि अन्य देशों के लिए भी एक अविश्वसनीय उदाहरण है।प्रतिनिधियों से बात करते हुए प्रमुख सचिव शुक्ला ने बताया कि टूरिज्म बोर्ड द्वारा महिलाओं की सुरक्षा में सुधार और एकल महिला यात्रियों को राज्य में आने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ”महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन (आरटीएम) के तहत, 10,000 महिलाओं को पहले से ही आतिथ्य और पर्यटन उद्योग में फ्रंटलाइन कार्यकर्ता बनने के लिए कुशल बनाया जा रहा है और बताया कि वर्तमान में 40,000 महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।“ उन्होंने कहा कि एमपी पहले से ही सांची, भीमबेटका और खजुराहो सहित 3 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों का घर है और इसके अलावा 4 और स्थलों ओरछा, मांडू, भेड़ाघाट एवं सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को अस्थायी रूप से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में सूचीबद्ध किया गया है। ग्वालियर को रचनात्मक शहरों के नेटवर्क के तहत चुना गया है।शोम्बी शार्प ने गर्मजोशी से स्वागत और आतिथ्य के लिए प्रमुख शुक्ला और एमपी टूरिज्म बोर्ड का आभार व्यक्त किया और सामूहिक सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र और मध्यप्रदेश सरकार के बीच साझेदारी की सराहना पर जोर दिया। शार्प ने कहा कि भारत की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा मध्य प्रदेश में थी और वह इस राज्य से आत्मीय रूप से लगाव महसूस करते हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश के बाघों को देखने, वास्तुकला एवं प्राकृतिक सौंदर्य को देखने, साथ ही हॉट एयर बलून में उड़ने की इच्छा भी व्यक्त की।सुराधिका कौल बत्रा सुरक्षित पर्यटन स्थलों की परियोजना के प्रति महिलाओं के दृढ़ संकल्प और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने मध्य प्रदेश के आकर्षक राज्य की एक और यात्रा करने की इच्छा भी जताई। अतिरिक्त प्रबंध निदेशक विवेक श्रोत्रिय ने भी अतिथियों का स्वागत किया।टूरिज्म बोर्ड के निदेशक (कौशल) मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को शोम्बी शार्प, सुमार्गरेट ग्वाडा, सुराधिका कौर बत्रा एवं सुनील जैकब ने मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा भारत सरकार के सहयोग से निर्भया कोष से संचालित महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के हितधारकों, विभिन्न कौशल में प्रशिक्षण प्राप्त एवं पर्यटन स्थलों पर आजीविका से जुड़ रही युवतियों से संवाद कर उनका हौंसला बढ़ाया। परियोजना सहयोग संस्थाओं के प्रतिनिधियों से भी उन्होंने परियोजना क्रियान्वयन के स्थलीय प्रक्रियाओं के विषय में विस्तार से चर्चा की और परियोजना के प्रमुख समन्वय विभागों पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की।
: एनआईटी में हुआ हर घर ध्यान अभियान का आयोजन
Thu, Aug 10, 2023
रायपुर
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग द्वारा हर घर ध्यान अभियान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की एक पहल है और आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित है। संस्थान के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एडवांस्ड मेडिटेशन प्रोग्राम टीचर तथा एनआईटी रायपुर के सन 1981 के छात्र रह चुके श्री अश्विनी कुमार जग्गी जी रहे।कार्यक्रम में भौतिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. साधना अग्रवाल, मानवता तथा सामाजिक विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. जया द्विवेदी, मैकेनिकल विभाग की प्रोफेसर डॉ. एस. एल. सिन्हा, मानवता तथा सामाजिक विभाग के शिक्षण सहायक श्री सूरज निषाद, अन्य फैकल्टी सदस्य छात्र- छात्राएं तथा पीएचडी स्कॉलर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग की योगा फैकल्टी डॉ. मंजू शुक्ला द्वारा किया गया।श्री अश्विनी कुमार जग्गी जी ने तनाव के कारणों को समझाते हुए सत्र की शुरूआत की। उन्होंने बताया कि किसी भी काम में सत प्रतिशत ध्यान केंद्रित न करने की वजह से तनाव विकसित होता है। हम कभी भी वर्तमान क्षण में पूरी तरह से केंद्रित नहीं होते हैं और हमारा मन अतीत और भविष्य के बीच फंसा हुआ रहता है, जिससे क्रोध, चिंता तथा भय की भावना का विकास होता है। उन्होंने नकारात्मकता को मानसिक तथा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने उपस्थित लोगों को मनुष्य के शरीर, सांस, मन, बुद्धि, अहंकार, चेतना आदि के बारे में बताया और कहा कि हम सांस लेने की तकनीक की मदद से अपने मन को कैसे नियंत्रित कर सकते हैं। इसके पश्चात उन्होंने प्राणायाम की परिभाषा देते हुए वहां उपस्थित सभी जनों को कुछ प्रमुख प्राणायाम भी करवाए जिससे सभी तनाव से मुक्ति पा सकें।इसके बाद संस्थान के निदेशक डॉ. एन वी रमना राव ने मानवता तथा सामाजिक विज्ञान विभाग के प्रति इस कार्यक्रम के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया तथा प्राणायाम के महत्व को बताते हुए सभी से प्रतिदिन प्राणायाम करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इस सत्र के बाद आर्ट ऑफ लिविंग और संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से सभी जनों को हर घर ध्यान सत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए ऑनलाइन ई-सर्टिफिकेट भी मिला।
: कलेक्टर प्रसाद ने किया जिला जेल का औचक निरीक्षण
Thu, Aug 10, 2023
कलेक्टर ने निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने जेल में चल रहे नवाचार को सराहा
बंदियों के लिए पांचवीं और आठवीं की कक्षाओं का भी संचालन करने के दिए निर्देश
कटनी
कलेक्टर अवि प्रसाद ने बुधवार को जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों के भोजन निर्माण स्थल पाकशाला पहुंच कर भोजन की गुणवत्ता को परखा और बैरक में पहुंचकर बंदियों से चर्चा की।कलेक्टर प्रसाद ने जिला जेल के प्रवेश द्वार पर रखे रजिस्टर में बाकायदा अपनी आमदगी दर्ज की और फिर सीधे बंदियों के लिए बन रहे भोजन निर्माण स्थल पाकशाला पहुंचे। यहां बंदियों के लिए रात का खाना बन रहा था। गरमागरम रोटियां सेकी जा रही थीं और बड़े से भगोने में तुअर की दाल पक रही थी ।चावल बन चुका था।इस बड़े भगोने के चावल को बड़ी सी परात से ढका गया था, कलेक्टर ने इसे उठाकर चावल की क्वालिटी को भी देखा।बंदियों के रात के भोजन के लिए आलू -भाटा की सब्जी बनाने के लिए काटी जा रही थी ।कलेक्टर ने जेल में सबसे ज्यादा समय पाकशाला में ही बिताया और यहां बन रहे भोजन की गुणवत्ता का बड़ी बारीकी से मुआयना किया ।इस दौरान पाकशाला में साफ- सफाई का पर्याप्त ध्यान रखते हुए बंदियों के लिए बन रहे रात्रिकालीन भोजन की गुणवत्ता को कलेक्टर ने सराहा।
साक्षरता नवाचार को सराहा
कलेक्टर प्रसाद ने पाठशाला के बाद बैरक नंबर 1 और 2 पहुंचकर बंदियों से एकांत में बातचीत की ।जेल मैन्युअल के मुताबिक उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली और समस्याएं भी पूछीं। बंदियों से उनकी पढ़ाई -लिखाई के बारे में चर्चा की। इस दौरान बताया गया कि यहां निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने के लिए कक्षाएं चल रही हैं। इस पर कलेक्टर ने कहा -अरे वाह ...ये तो बहुत बढि़या नवाचार है।कलेक्टर प्रसाद ने जिला जेल के कंट्रोल रूम अष्टकोण की व्यवस्थाओं को भी देखा और फिर सीधे बैरक नंबर पांच जा पहुंचे। उन्होंने यहां भी बंदियों से एकांत में संवाद किया और उन्हें मिलने वाले नाश्ते और भोजन की जानकारी ली।
’ कक्षा 5वीं और 8वीं की कक्षाएं लगवायें’
कलेक्टर प्रसाद ने निरक्षर बंदियों को साक्षर बनाने के लिए जिला जेल में चल रही कक्षाओं के नवाचार की तर्ज पर, साक्षर बंदियों के लिए कक्षा पांचवी और आठवीं की पढ़ाई कराने के लिए कक्षाएं संचालित करवाने जेल अधीक्षक को निर्देशित किया।कलेक्टर प्रसाद को जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी ने जिला जेल की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने संबंधी यहां कराये जा सकने वाले कार्यों के संबंध में जानकारी दी ।जिस पर कलेक्टर ने जेल अधीक्षक को यहां के लिए जरूरी सभी आवश्यक कार्यों से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।