: चिकित्सक का धर्म सर्वप्रथम मरीजों की सेवा करना है - हरिचंदन
Sun, Oct 1, 2023
रायपुर.
राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने कहा कि चिकित्सक का धर्म सबसे पहले मरीजों की सेवा करना है। चिकित्सक मरीजों के लिए भगवान की तरह होते हैं। उन्होंने चिकित्सा के विद्यार्थियों से गरीब मरीजों की सेवा करने का आवाहन किया। उक्त उद्गार राज्यपाल ने रायपुर इंस्टीटयूट आॅफ मेडिकल साइंसेज में कैथ लैब के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किये।
हरिचंदन ने कहा कि चिकित्सा के विद्यार्थियों को शिक्षा पूरी करने के बाद समाज और देश की सेवा करना चाहिए। विशेषकर ऐसे मरीजों का इलाज करना चाहिए जो गरीबी के कारण अपना इलाज अन्यत्र नहीं करा पा रहें हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा का पेशा, श्रेष्ठ पेशों में से एक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने कोविड-19 का सामना अत्यंत साहस के साथ किया और देश-दुनिया को दिखा दिया कि भारत चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में मानवता की सेवा करके एक मिसाल कायम की। आपदा के इस समय के दौरान डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टॉफ ने हमारे हौसले बुलंद रखे थे।
उन्होंने ने कहा कि आपके द्वारा अक्षरश: ली गई सेवा की शपथ का पालन करते हुए, आपने पूरे देश के प्रति कर्तव्य और समर्पण का अर्थ समझाया है। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में सफलता हासिल करे और समाज और राष्ट्र की सेवा करें। इस अवसर पर राज्यपाल को संस्थान की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में रिम्स के कार्यकारी निर्देशक डॉ. के. के. वाधवा, डॉ. गम्भीर, डॉ. आदिले, फैकल्टी मेंबर एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
: छत्तीसगढ़ की प्राचीन संस्कृति एवं परम्पराओं से बनी पहचान: मुख्यमंत्री
Sun, Oct 1, 2023
राजनांदगांव.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम सांकरदाहरा में चातुर्मास महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय संत सम्मेलन एवं किसान मिलन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता की सेवा करना है। गरीब एवं जरूरतमंदों, माताओं, वनांचल क्षेत्र के आदिवासियों, किसान, मजदूर एवं संत महात्मा की सेवा करना है। हमारी सरकार ने लगातार इस दिशा में कार्य करते हुए लगभग 5 वर्ष पूर्ण किया है और इन 5 वर्षों में कई चुनौतियां भी रहीं। कोविड-19 संक्रमण के समय विकट संकट आया। इस महामारी के दौरान सरकार द्वारा किसानों की मदद के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना लाई गई। संतों का ध्यान गौवंश की रक्षा में रहता है। गौ सेवा करने से संतों का आशीर्वाद मिलता है, क्योंकि यह संतों के हृदय की बात होती है।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ नक्सलगढ़ के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब छत्तीसगढ़ हमारी प्राचीन संस्कृति और परम्पराओं के लिए जाना जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को संत महात्माओं का आशीर्वाद लगातार मिल रहा है और छत्तीसगढ़ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में ट्रेक्टर एवं हारवेस्टर जैसे आधुनिक यंत्र आ गये हैं। बैल को खुले में छोड़ देने के कारण फसलों को नुकसान होता है। सरकार द्वारा गौठान की परम्परा को मजबूत करने की कोशिश की गई। गौठानों को पुनर्जीवित करते हुए साढ़े 10 हजार गौठान बनाये गये हैं। सरकार द्वारा गौठानों के माध्यम लगभग डेढ़ लाख एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। बिना किसी विवाद एवं दण्ड के गौमाता के नाम से प्रदेश भर में गौठान एवं चारागाह के लिए जमीन आरक्षित की गई। गौठानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गौमाता गौठान डे-केयर के रूप में रहे और शाम को गौमाता अपने मालिक के पास रहे, ताकि लोगों का जुड़ाव गौमाता से बना रहे। गौठानों में गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए प्रति किलो में गोबर खरीदी की है। अब तक 135 लाख क्विंटल गोबर खरीदी की गई है और 270 करोड़ रूपए गोबर बिक्री करने वाले पशुपालकों के खाते में चला गया है। खरीदे गये गोबर से वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण किया गया और 12 लाख क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट खेतों में पहुंच गया है और हम जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि गोबर से इतना बड़ा व्यापार खड़ा हो सकता है। गौठान के कारण फसल चराई की शिकायत नहीं आती। गौठान में अब बाड़ी, गमला, दीया, प्राकृतिक पेंट निर्माण किया जा रहा है। अब तक 4 लाख लीटर प्राकृतिक पेंट का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों एवं शासकीय भवनों को प्राकृतिक गोबर से किया जा रहा है और एक व्यवसाय खड़ा किया गया है। गोबर खरीदी होने से गौमाता की अच्छी सेवा हो रही है। रासायनिक खाद से प्राप्त अन्न से कई तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं। जैविक खेती को अपनाते हुए मानवता की सेवा की दिशा में आगे बढ़ रहे है, जिससे बीमारियां कम होगी। सरकार द्वारा राम वन गमन पथ बनाया गया है। चंदखुरी में माता कौशिल्या का निवास होने के कारण भगवान श्रीराम का ननिहाल है। शिवरीनारायण, चम्पारण एवं अन्य धार्मिक स्थलों को पर्यटकों के लिए विकसित किया जा रहा है। नगरीय निकायों में कृष्ण कुंज में प्राचीन वृक्ष लगाए जा रहे हैं। आदिवासियों के लिए देवगुड़ी, सतनामी समाज के लिए मॉडल जैतखाम, दामाखेड़ा में कबीर सरोवर का निर्माण कर रहे है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी संतों का साल भेंट कर सम्मानित किया और संतों से छत्तीसगढ़ की प्रगति एवं सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर अंनत विभुषित कनिष्ठ जगत गुरू शंकराचार्य स्वामी आत्मानंद सरस्वती जी महाराज, महात्यागी महामण्डलेश्वर राम बालक दास जी सहित अन्य संतगण, संसदीय सचिव व विधायक मोहला-मानपुर इन्द्रशाह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष व डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू, खुज्जी विधायक श्रीमती छन्नी साहू, खैरागढ़ विधायक यशोदा वर्मा, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महामंडेलश्वर राजेडॉ. महंत रामसुंदर दास, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग रायपुर की अध्यक्ष श्रीमती तेजकुंवर नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्याव्यवसायी वित्त विकास निगम के अध्यक्ष धनेश पाटिला, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार, महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष नवाज खान, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष विवेक वासनिक, जीव-जन्तु बोर्ड के सदस्य संजय जैन, पूर्व विधायक भोलाराम साहू, पूर्व विधायक गिरवर जंघेल, अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान व नागरिकगण उपस्थित थे।
: नौकरी लगाने के नाम पर फर्जी काल से बचे
Sun, Oct 1, 2023
कवर्धा.
कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग का जिला कबीरधाम के विज्ञापन क्रमांक/1061/मबावि/मिशन वात्सल्य/स्था./2023 कबीरधाम दिनांक 06/07/2023 के द्वारा मिशन वात्सल्य (एकीकृत बाल संरक्षण कार्यक्रम) अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई में विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी, लेखापाल, आउटरीच वर्कर एवं शासकीय बालगृह में परामर्शदाता, हाउस फादर, पैरामेडिकल स्टॉफ एवं हाउस कीपर के संविदा भर्ती के लिए प्राप्त आवेदनों के प्रथम स्कूटनी पश्चात पात्र/अपात्र/अमान्य आवेदन पत्रों की सूची जिले वेबसाइट में प्रकाशित किया गया है। उक्त पदों पर दावा आपति दिनांक 03.10.2023 समय दोपहर 12:00 बजे तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जिला-कबीरधाम में स्वयं उपस्थित होकर/रजिस्टर्ड डाक/ई-मेल आईडी पबचेूक/हउंपस.बवउ एवं व्हाट्सअप नंबर +91-7646965061 के माध्यम से मंगाया गया है।
उक्त पदों में नौकरी लगाने के नाम पर फर्जी कॉल के माध्यम से किसी अनजान व्यक्ति फ्रॉड द्वारा अभ्यार्थियों से पैसा/रुपए की मांग करने की जानकारी विभाग को विभिन्न माध्यम से प्राप्त हो रही है। समस्त अभ्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि भी अनजान मोबाइल नंबर या अनजान व्यक्तियों के बहकावे, झांसे में न आये और न ही किसी भी प्रकार की कोई राशी मांग किये जाने पर न दे, क्योंकि विभाग द्वारा ऐसे किसी भी प्रकार की कोई राशि की मांग नहीं कि जा रही है। ऐसे फर्जी कॉल आने पर पुलिस या महिला एवं बाल विकास विभाग को तत्काल सूचना देवे अपनी सतर्कता और जागरूकता से ही ऐसी फर्जी कॉल व फ्रॉड से बचा जा सकता है।