: मेकअप से ज्यादा चुनौतीपूर्ण है गेटअप बदलना
Thu, Dec 7, 2023
भिलाई
फिल्मों की शूटिंग में कैमरे के सामने किसी कलाकार को पेश करने से पहले सबसे चुनौतीपूर्ण काम होता है उस कलाकार को किरदार में ढालने का। इस काम में माहिर हैं बॉलीवुड में करीब 25 साल से सक्रिय सीनियर मेकअप आर्टिस्ट जुबैर अहमद। जुबैर को बॉलीवुड में गुड्डु भाई के नाम से जाना जाता है। गुड्डू ने बॉलीवुड में कई प्रमुख कलाकारों को नए गेटअप में ढाला है। हाल के बरसों में जीनत अमान, असरानी, जॉनी लीवर से लेकर कई कलाकारों के गेटअप कहानी की मांग के मुताबिक बदल चुके हैं।
गुड्डु इन दिनों इस्पात नगरी भिलाई में हैं और यहां बड़े बजट की हिंदी फीचर फिल्म रमाई में अपना योगदान दे रहे हैं। यह फिल्म भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की पत्नी रमा बाई अम्बेडकर के संघर्ष पर आधारित है। फिल्म में डॉ. अम्बेडकर की भूमिका में भिलाई स्टील प्लांट के अंतर्गत जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 की बर्न यूनिट के प्रभारी और सेवाभावी चिकित्सक डॉ. उदय नजर आएंगे। वहीं डॉ. अम्बेडकर की पत्नी रमा बाई अम्बेडकर की भूमिका डॉ. उदय की पत्नी प्रेरणा निभा रही हैं।
फिल्म में डॉ. उदय दंपति को डॉ. अम्बेडकर दंपति में ढालने सक्रिय सीनियर मेकअप आर्टिस्ट जुबैर अहमद उर्फ गुड्डु भाई रोजाना डेढ़ से दो घंटा देते हैं। गेटअप बदलने के दौरान गुड्डु ने बताया कि मेकअप करने से ज्यादा चुनौतीपूर्ण गेटअप बदलना होता है। उन्होंने बताया कि यहां उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के कालखंड खास कर देश की आजादी और उसके बाद के दौर का करीब छह माह तक अध्य्यन किया।इसके अलावा डॉ. अम्बेडकर से जुड़ी तमाम फिल्में भी देखी। इसके बाद उन्होंने डॉ. उदय को डॉ. अम्बेडकर के तौर पर ढालने का काम शुरू किया। गुड्डु बताते हैं कि उन्हें ऐतिहासिक और पौराणिक पात्रों को मेकअप-गेटअप के जरिए रि-क्रिएट करना सबसे बेहतर काम लगता है। यहां डॉ. उदय को शूटिंग के लिए डॉ. अम्बेडकर के पात्र में ढालने रोजाना एक से डेढ़ घंटा लगता है। जिसमें मेकअप की कई परतें चेहरे पर चढ़ाई जाती है। वहीं बालों को भी पात्र के अनुरूप संवारा जाता है। यह काम काफी धीरज का है, इसके बाद ही वांछित परिणाम मिलता है।
गुड्डु ने बताया कि पहली बार जब उन्होंने डॉ. उदय को डॉ. अम्बेडकर के रूप में ढाला तो फोटोग्राफ्स देखकर हर कोई हैरान रह गया। यहां तक कि फिल्म में शाहू जी महाराज की भूमिका करने जा रहे वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने भी खूब तारीफ की। गुड्डु ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हैं और वर्ष 1997 से फिल्म नगरी मुंबई में सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि अब तक ढेर सारी फिल्मों, टीवी सीरियल औऱ् शो से उन्हे जुड?े का मौका मिला। हाल ही में उन्होंने उत्तराखंड में आयोजित रामलीला के पात्रो को भी मेकअप-गेटअप के जरिए संवारा।
गुड्डू ने बताया कि डॉ. अम्बेडकर के पात्र मे डॉ. उदय को ढालने के बाद उनकी अगली चुनौती वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद को शाहूजी महाराज की किरदार में ढालने की है। जल्द ही रजा मुराद भिलाई आ रहे हैं और यहीं 'रमाईझ् फिल्म की शूटिंग करेंगे। इस फिल्म के लेखक निर्देशक कबीर दा,संगीतकार दिनेश अजुर्ना, बांसुरी वादक मिलिंद सेवरे, गायक दिनेश अजुर्ना,गायिका वैशाली माडे ('पिंगा ग पोरी पिंगाझ् फिल्म 'बाजीराव मस्तानीझ् फेम),संजीवनी भेलांडे ('चोरी चोरी जब नजरें मिलीझ् फिल्म 'करीबझ् फेम) सहित कई ख्यातिलब्ध हस्तियां शामिल है।
फिल्म के गीतों को कृष्णा रावत और गौतम शेंडे ने लिखा है। वहीं कृष्णा चौहान,राजकुमार रामटेके, प्रवीण वासनिक व शैलेंद्र भगत भी विशेष रूप से इस फिल्म से जुड़े हैं। असिस्टेंट डायरेक्टर अशोक देवलिया व सार्थक बोरकर है।
: डेढ़ घंटे की मेहनत एक डॉक्टर को ढाल दिया अम्बेडकर के रूप में
Thu, Dec 7, 2023
भिलाई
फिल्मों की शूटिंग में कैमरे के सामने किसी कलाकार को पेश करने से पहले सबसे चुनौतीपूर्ण काम होता है उस कलाकार को किरदार में ढालने का। इस काम में माहिर हैं बॉलीवुड में करीब 25 साल से सक्रिय सीनियर मेकअप आर्टिस्ट जुबैर अहमद। जुबैर को बॉलीवुड में गुड्डु भाई के नाम से जाना जाता है। गुड्डू ने बॉलीवुड में कई प्रमुख कलाकारों को नए गेटअप में ढाला है। हाल के बरसों में जीनत अमान, असरानी, जॉनी लीवर से लेकर कई कलाकारों के गेटअप कहानी की मांग के मुताबिक बदल चुके हैं।
गुड्डु इन दिनों इस्पात नगरी भिलाई में हैं और यहां बड़े बजट की हिंदी फीचर फिल्म रमाई में अपना योगदान दे रहे हैं। यह फिल्म भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की पत्नी रमा बाई अम्बेडकर के संघर्ष पर आधारित है। फिल्म में डॉ. अम्बेडकर की भूमिका में भिलाई स्टील प्लांट के अंतर्गत जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 की बर्न यूनिट के प्रभारी और सेवाभावी चिकित्सक डॉ. उदय नजर आएंगे। वहीं डॉ. अम्बेडकर की पत्नी रमा बाई अम्बेडकर की भूमिका डॉ. उदय की पत्नी प्रेरणा निभा रही हैं।
फिल्म में डॉ. उदय दंपति को डॉ. अम्बेडकर दंपति में ढालने सक्रिय सीनियर मेकअप आर्टिस्ट जुबैर अहमद उर्फ गुड्डु भाई रोजाना डेढ़ से दो घंटा देते हैं। गेटअप बदलने के दौरान गुड्डु ने बताया कि मेकअप करने से ज्यादा चुनौतीपूर्ण गेटअप बदलना होता है। उन्होंने बताया कि यहां उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के कालखंड खास कर देश की आजादी और उसके बाद के दौर का करीब छह माह तक अध्य्यन किया।इसके अलावा डॉ. अम्बेडकर से जुड़ी तमाम फिल्में भी देखी। इसके बाद उन्होंने डॉ. उदय को डॉ. अम्बेडकर के तौर पर ढालने का काम शुरू किया। गुड्डु बताते हैं कि उन्हें ऐतिहासिक और पौराणिक पात्रों को मेकअप-गेटअप के जरिए रि-क्रिएट करना सबसे बेहतर काम लगता है। यहां डॉ. उदय को शूटिंग के लिए डॉ. अम्बेडकर के पात्र में ढालने रोजाना एक से डेढ़ घंटा लगता है। जिसमें मेकअप की कई परतें चेहरे पर चढ़ाई जाती है। वहीं बालों को भी पात्र के अनुरूप संवारा जाता है। यह काम काफी धीरज का है, इसके बाद ही वांछित परिणाम मिलता है।
गुड्डु ने बताया कि पहली बार जब उन्होंने डॉ. उदय को डॉ. अम्बेडकर के रूप में ढाला तो फोटोग्राफ्स देखकर हर कोई हैरान रह गया। यहां तक कि फिल्म में शाहू जी महाराज की भूमिका करने जा रहे वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने भी खूब तारीफ की। गुड्डु ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हैं और वर्ष 1997 से फिल्म नगरी मुंबई में सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि अब तक ढेर सारी फिल्मों, टीवी सीरियल औऱ् शो से उन्हे जुड?े का मौका मिला। हाल ही में उन्होंने उत्तराखंड में आयोजित रामलीला के पात्रो को भी मेकअप-गेटअप के जरिए संवारा।
गुड्डू ने बताया कि डॉ. अम्बेडकर के पात्र मे डॉ. उदय को ढालने के बाद उनकी अगली चुनौती वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद को शाहूजी महाराज की किरदार में ढालने की है। जल्द ही रजा मुराद भिलाई आ रहे हैं और यहीं 'रमाईझ् फिल्म की शूटिंग करेंगे। इस फिल्म के लेखक निर्देशक कबीर दा,संगीतकार दिनेश अजुर्ना, बांसुरी वादक मिलिंद सेवरे, गायक दिनेश अजुर्ना,गायिका वैशाली माडे ('पिंगा ग पोरी पिंगाझ् फिल्म 'बाजीराव मस्तानीझ् फेम),संजीवनी भेलांडे ('चोरी चोरी जब नजरें मिलीझ् फिल्म 'करीबझ् फेम) सहित कई ख्यातिलब्ध हस्तियां शामिल है।
फिल्म के गीतों को कृष्णा रावत और गौतम शेंडे ने लिखा है। वहीं कृष्णा चौहान,राजकुमार रामटेके, प्रवीण वासनिक व शैलेंद्र भगत भी विशेष रूप से इस फिल्म से जुड़े हैं। असिस्टेंट डायरेक्टर अशोक देवलिया व सार्थक बोरकर है।
: आलोक कुमार ने अनूपपुर-झलवारा रेल खंड में विकास कार्यों किया निरीक्षण
Thu, Dec 7, 2023
बिलासपुर
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कुमार ने बुधवार को अनूपपुर-झलवारा रेल खंड में रेल विकास कार्यों संरक्षा सम्बन्धी कार्यों एवं अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
महाप्रबंधक के साथ सभी विभागाध्यक्ष , मण्डल रेल प्रबंधक श्री प्रवीण पाण्डेय तथा मुख्यालय व मंडल के अधिकारी एवं पर्यवेक्षक मौजूद रहे। महाप्रबंधक ने निरीक्षण यान द्वारा अनूपपुर-झलवारा रेल खण्ड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होने पटरियों, सिग्नल इंटरलाकिंग प्वांइट्स, समपार फाटकों आदि के संरक्षा मानकों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने इस खंड पर स्थित अनूपपुर, शहडोल व उमरिया रेलवे स्टेशनों में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे कार्य की प्रगति की समीक्षा भी की।
निरीक्षण अनूपपुर स्टेशन से प्रारम्भ हुआ। अनूपपुर स्टेशन का उन्होंने गहन निरीक्षण किया जहां सुरक्षा के मापदंडों का अवलोकन किया गया। यात्रियों की सुरक्षा में लगे रेलवे सुरक्षा बल के महिला सदस्यों के लिए बनाए गए महिला बैरक का निरीक्षण किये। इस दौरान महाप्रबंधक तथा अधिकारियों द्वारा पर्यावरण अनुकूलन हेतु वृक्षारोपण भी किया गया। इसके उपरांत उन्होंने स्थानीय जन प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं से अवगत हुए तथा मीडिया के प्रतिनिधियों से यात्री सुविधा विकास, सुरक्षा, संरक्षा, निर्माण परियोजनाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
अनूपपुर स्टेशन के निरीक्षण के बाद छादा-सिंहपुर स्टेशनों के मध्य किमी 894/01-03 में स्थित मानव सहित समपार संख्या बीके-69 (उधिया रोड फाटक) का निरीक्षण किये। जिसमें हाइट गेज, रोड सरफेस, गेट बूम, हाइट स्पीड ब्रेकर इत्यादि की जांच की गई एवं ड्यूटी पर तैनात गेटमैन से संरक्षा संबंधित पूछताछ की तथा इंटरलाकिंग एवं अन्य पैरामीटर का अवलोकन किया। यहीं पर उन्होने इस सेक्शन में कार्यरत डीटीएम-04 गैंग टीम का निरीक्षण किये तथा गैंग के सदस्यों के साथ वातार्लाप कर रेलपथ में कार्य के दौरान की जाने वाली सावधानियों, संरक्षा संबंधी ज्ञान, उपकरणों की उपलव्धता आदि से संबधित जानकारी ली। इसके पश्चात वे शहडोल स्टेशन पहुंचे। इसके पश्चात महाप्रबंधक द्वारा शहडोल स्टेशन, सकुर्लेटिंग एरिया,बुकिंग आॅफिस, विद्युत सब स्टेशन,आरपीएफ बैरक, दुर्घटना राहत उपकरणों, वैगन एवं कैरेज कार्यालय, क्रू लॉबी एवं रनिंग रूम, हेल्थ यूनिट आदि का निरीक्षण किए। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संगठनों एवं मीडिया से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
शहडोल स्टेशन के निरीक्षण के पश्चात बधवाबारा-घुंघुटी स्टेशनों के मध्य किमी 926/05-07 में स्थित रेलवे ब्रिज क्र. 132 का निरीक्षण किए। इस दौरान बीरसिंहपुर-करकेली स्टेशनों के मध्य स्पीड ट्रायल भी किया गया। इसके पश्चात निरीक्षण करते हुये वे उमरिया स्टेशन पहुंचे। उमरिया स्टेशन में महाप्रबंधक ने पूरे स्टेशन परिक्षेत्र , रिले रूम, पॉइंट, यार्ड, ट्रैक, रेलवे कालोनी आदि का निरीक्षण किए। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संगठनों एवं मीडिया से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसके पश्चात उन्होने चंदिया रोड-विलायत कलां स्टेशनों के मध्य किमी 1000/05-13 में स्थित रेलवे ब्रिज क्र. 196 का निरीक्षण कर गर्डर, ट्रैक सहित सभी पैरामीटर का अवलोकन किए। साथ ही कर्व व सेज का संरक्षा निरीक्षण एवं रिकार्ड का गहनता पूर्वक अवलोकन किया।
निरीक्षण के उपरांत महाप्रबन्धक महोदय ने संबंधित अधिकारियों को स्टेशनों पर भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए यात्री सुविधाओं तथा परिचालन संबंधी निमाणार्धीन कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेल संरक्षा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्री सुविधाओं एवं पुर्नविकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।