: छत्तीसगढ़ का नया सीएम कौन? रायपुर में बीजेपी विधायक दल की बैठक आज
Sun, Dec 10, 2023
रायपुर
छत्तीसगढ़ में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित 54 विधायकों की आज रविवार को बैठक होगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा -इस पर 'सस्पेंस' खत्म होने की संभावना है।भाजपा ने पिछले महीने विधानसभा चुनाव से पहले अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की थी।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने संवाददाताओं को बताया, "भाजपा विधायक दल की बैठक रविवार को होगी। पार्टी के तीन पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और सर्बानंद सोनोवाल तथा पार्टी महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम बैठक में मौजूद रहेंगे।"
उन्होंने बताया कि पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम माथुर, केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और राज्य के लिए पार्टी के सह-प्रभारी नितिन नबीन भी वहां मौजूद रहेंगे।छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 में से 54 सीट जीती हैं। वहीं 2018 में 68 सीट जीतने वाली कांग्रेस 35 सीट पर सिमट गई है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) एक सीट जीतने में कामयाब रही।
यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि भाजपा 2003 से 2018 तक तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके रमन सिंह को नहीं चुनेगी तो वह किसी ओबीसी या आदिवासी मुख्यमंत्री को चुनेगी।आदिवासी समुदाय से आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णु देव साय, विधायक चुने जाने के बाद केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने वाली रेणुका सिंह, राज्य के पूर्व मंत्री रामविचार नेताम और लता उसेंडी तथा विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद सांसद पद से इस्तीफा देने वाली गोमती साय दावेदारों में शामिल हैं।
राज्य की आबादी में आदिवासी समुदाय की हिस्सेदारी 32 फीसदी है और भाजपा ने इस बार अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित 29 सीट में से 17 सीट जीती हैं।भाजपा ने 2018 में आदिवासियों के लिए आरक्षित सीट में केवल तीन सीट जीती थीं। उसने इस बार आदिवासी बहुल सरगुजा संभाग में सभी 14 सीट पर जीत हासिल की है।
कांग्रेस ने 2018 में संभाग की सभी 14 सीटें जीती थी। विष्णुदेव साय, रेणुका सिंह, रामविचार नेताम और गोमती साय इसी संभाग से हैं।विधायक चुने जाने के बाद सांसद पद से इस्तीफा दे चुके प्रदेश अध्यक्ष साव और नौकरशाह से नेता बने ओपी चौधरी दोनों अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं तथा मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल हैं।
साव प्रभावशाली साहू (तेली) समुदाय से आते हैं जिनकी दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर संभागों में बड़ी उपस्थिति है। राज्य की आबादी में ओबीसी की हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी है।
: छत्तीसगढ़ में भाजपा विधायकों की होगी आज बैठक
Sun, Dec 10, 2023
रायपुर
छत्तीसगढ़ में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित 54 विधायकों की आज रविवार को बैठक होगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा -इस पर 'सस्पेंस' खत्म होने की संभावना है।भाजपा ने पिछले महीने विधानसभा चुनाव से पहले अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की थी।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने संवाददाताओं को बताया, "भाजपा विधायक दल की बैठक रविवार को होगी। पार्टी के तीन पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और सर्बानंद सोनोवाल तथा पार्टी महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम बैठक में मौजूद रहेंगे।"
उन्होंने बताया कि पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी ओम माथुर, केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया और राज्य के लिए पार्टी के सह-प्रभारी नितिन नबीन भी वहां मौजूद रहेंगे।छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 में से 54 सीट जीती हैं। वहीं 2018 में 68 सीट जीतने वाली कांग्रेस 35 सीट पर सिमट गई है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) एक सीट जीतने में कामयाब रही।
यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि भाजपा 2003 से 2018 तक तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके रमन सिंह को नहीं चुनेगी तो वह किसी ओबीसी या आदिवासी मुख्यमंत्री को चुनेगी।आदिवासी समुदाय से आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णु देव साय, विधायक चुने जाने के बाद केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने वाली रेणुका सिंह, राज्य के पूर्व मंत्री रामविचार नेताम और लता उसेंडी तथा विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद सांसद पद से इस्तीफा देने वाली गोमती साय दावेदारों में शामिल हैं।
राज्य की आबादी में आदिवासी समुदाय की हिस्सेदारी 32 फीसदी है और भाजपा ने इस बार अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित 29 सीट में से 17 सीट जीती हैं।भाजपा ने 2018 में आदिवासियों के लिए आरक्षित सीट में केवल तीन सीट जीती थीं। उसने इस बार आदिवासी बहुल सरगुजा संभाग में सभी 14 सीट पर जीत हासिल की है।
कांग्रेस ने 2018 में संभाग की सभी 14 सीटें जीती थी। विष्णुदेव साय, रेणुका सिंह, रामविचार नेताम और गोमती साय इसी संभाग से हैं।विधायक चुने जाने के बाद सांसद पद से इस्तीफा दे चुके प्रदेश अध्यक्ष साव और नौकरशाह से नेता बने ओपी चौधरी दोनों अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं तथा मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल हैं।
साव प्रभावशाली साहू (तेली) समुदाय से आते हैं जिनकी दुर्ग, रायपुर और बिलासपुर संभागों में बड़ी उपस्थिति है। राज्य की आबादी में ओबीसी की हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी है।
: होम बार लाइसेंस दो और पर्यटन बार लाइसेंस परमिशन चार सप्ताह में मिलेगा
Sun, Dec 10, 2023
भोपाल
मध्यप्रदेश में होम बार लाइसेंस लेने के इच्छुक आवेदकों के लिए अच्छी खबर है आवेदन करने के दो सप्ताह के भीतर यह लाइसेंस मिल जाएगा। इसी तरह पर्यटन बार लाइसेंस अब चार सप्ताह में मिल जाएगा।
इन लाइसेंसों को प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने समयसीमा तय कर दी है लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने वाणिज्य कर विभग के अंतर्गत आबकारी विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली नवीन सेवाओं के लिए समयसीमा तय की है। समयसीमा के भीतर ये लाइसेंस अब प्रदाय किए जाएंगे। तय समयसीमा में काम नहीं होेंने पर प्रथम अपील और द्वितीय अपील के लिए अधिकारी भी तय कर दिए है समयसीमा में काम नहीं होने पर इनके पास अपील की जाएगी। मप्र में पर्यटन बार लाइसेंस एफएलटू एए का आवेदन कलेक्टर के पास करने पर चार सप्ताह में पात्रता पूरी करने की स्थिति में संपूर्ण पूर्ति के बाद लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा। समयसीमा में लाइसेंस जारी नहीं होने पर आबकारी आयुक्त के पास प्रथम अपील की जा सकेगी जिसका निराकरण 4 सप्ताह में होगा। ऐसा नहीं होने पर प्रमुख सचिव वाणिज्य कर के पास अपील की जा सकेगी।
दो सप्ताह में होगा निपटारा
इंपोर्ट एंड एक्सपोर्ट परमिट आफ स्प्रिट एंड इंडियन मेड फॉरेन लिकर आईएमएफएल आवेदन प्राप्त होने के दो सप्ताह के भी जारी कर दिया जाएगा। समय पर लाइसेंस जारी नहीं होने पर प्रमुख सचिव वाणिज्य कर के पास अपील की जा सकेगी, जिसका निपटारा दो सप्ताह में हो जाएगा।
कलेक्टर करेंगे जारी
होम बार लाइसेंस एफएलएचबी के आवेदन पर कलेक्टर दो सप्ताह में लाइसेंस जारी करेंगे। मध्यप्रदेश में निर्मित होंने वाली वाईन की रिटेल दुकान का लाइसेंस आरडब्ल्यूएस एक पात्रता पूरी करने पर चार सप्ताह में जारी कर दिया जाएगा। सुपर मार्केट में रिटेल वाइन दुकान लायसेंस और स्टेट एक्साईज लेबल रजिस्ट्रेशन भी आवेदन प्राप्त होंने के चार सप्ताह में जारी कर दिया जाएगा।