: ओम बिरला बोले- विधायक जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरें:रायपुर में लोकसभा स्पीकर ने कहा- छत्तीसगढ़ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक...
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Sat, Jan 20, 2024रायपुर में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी विधायकों से कहा कि आप सभी जनता की आकांक्षाओं पर खरा उतरें। छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक सम्पदा, सौंदर्य, अध्यात्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है। आप सभी का सौभाग्य है कि आपको इस विधानसभा के सदस्य होने का मौका मिला है।
बिरला ने आगे कहा- हमें संसदीय परम्पराओं, नियमों, संविधान को जानने और किस तरीके से हम अपने संवैधानिक दायित्वों को निभाते हुए इस विधान मंडल के माध्यम से इस राज्य में समृद्धि और खुशहाली ला सकते हैं, इसका ज्ञान मिलेगा। दो दिन का यह प्रबोधन निश्चित रूप से हमारे जीवन में सार्थक होगा।
टेक्नोलॉजी का उपयोग ज्यादा करें
ओम बिरला ने आगे कहा कि आप सभी टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें, बेहतर विचार लाएं ताकि क्षेत्र के विकास के लिए अधिक से अधिक काम हो सके। लोकतंत्र के सदन को हम यदि मंदिर मानते हैं तो इसकी गरिमा के अनुकूल आचरण करने की जरूरत है।
पिछड़े क्षेत्र के विधायकों की जवाबदारी ज्यादा बढ़ जाती है, उन क्षेत्रों में विकास अच्छी तरह हो सके और जो विधायक ऐसे क्षेत्र के हैं जो पिछड़े नहीं हैं, उन क्षेत्रों में भी विशेष कार्य करने की आवश्यकता होती है।
21 जनवरी को ये होगा
कार्यक्रम के दूसरे दिन रविवार 21 जनवरी को प्रथम सत्र सुबह 11:00 बजे से 12:00 बजे तक आयोजित होगा। इसमें प्रश्न, प्रश्नकाल, प्रश्न से उठे विषय पर आधे घंटे की चर्चा" पर व्याख्यान होगा। इसमें पूर्व मंत्री (छ.ग. शासन) विधायक अजय चंद्राकर भाग लेंगे।
12:15 से 01:30 बजे तक दूसरा सत्र रहेगा जिसमें छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय भाग लेंगे। आय व्यय, अनुदान की मांगों पर चर्चा, कटौती प्रस्ताव, लेखानुदान, अनुपूरक अनुदान आय व्ययक का पारण जैसे टॉपिक पर व्याख्यान होगा।
तीसरा सत्र दोपहर 02:30 बजे से 03:40 बजे तक चलेगा जिसमें विधानसभा सदस्य धरमलाल कौशिक भाग लेंगे। विधान सभा की समितियां एवं अशासकीय कार्य पर बात होगी। शाम 04:15 से 05:30 बजे तक चौथा और समापन सत्र रहेगा। जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे। प्रभावी विधायक कैसे बने ? इस टॉपिक पर अमित शाह टिप्स देंगे।
इस बार कितने नए विधायक
छत्तीसगढ़ विधानसभा में पहली बार 38 विधायकों ने सदन की दहलीज पर कदम रखा। इसमें से भाजपा के 28 और कांग्रेस के 10 नेता हैं। ये सभी पहली बार विधायक के रूप में जनता के द्वारा चुने गए हैं।
दोनों दलों ने इस बार के विधानसभा चुनावों में कुल मिलाकर 78 नए चेहरों को मौका दिया था। इसमें से भाजपा ने 48 नए चेहरों और कांग्रेस ने 30 नए नेताओं को चुनाव लड़वाया था।
22 सीटों पर नए चेहरों ने पुराने को दी पटखनी
इस बार के चुनाव में 47 सीटों पर पुराने चेहरों के सामने भाजपा और कांग्रेस ने नए चेहरों को चुनाव में उतारा था। इसमें 22 सीटों पर दोनों दलों से पहली बार विधायक का चुनाव लड़ने वालों ने पुराने और दिग्गज प्रत्याशियों को पटखनी दे दी।
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