: पतंग उत्सव का आगाज:12 राज्यों से पतंगबाज पहुंचे रायपुर; 3 दिवसीय तातापानी महोत्सव भी आज से...
Admin
Sun, Jan 14, 2024
मकर संक्रांति के अवसर पर रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में पतंग उड़ाकर पतंग उत्सव की शुरुआत की। पुरखौती मुक्तांगन में शुरू हुए इस उत्सव में 12 12 राज्यों से पतंगबाज आए हैं। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में प्रतियोगिता होगी। वहीं प्रदेश में अलग-अलग कार्यक्रम होंगे।
इससे पहले सीएम साय ने कहा कि, अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। हम अभी राम मंदिर में सफाई और सेवा कार्य करके आ रहे हैं। आप सभी लोगों से भी निवेदन है कि धार्मिक स्थलों की सफाई और पूजन करें।
पतंग और चकरी मिलेगी फ्री, कलाकार देंगे प्रस्तुति
रायपुर में होने वाले उत्सव में पतंग और चकरी की फ्री सुविधा उपलब्ध रहेगी। मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि उत्सव में राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों के भी पतंगबाजों को आमंत्रित किया गया है। लोक कलाकार गीत-संगीत का भी आयोजन करेंगे।
विधि विधान से पूजा कराकर की गई शुरुआत
गर्म जल स्रोत तातापानी में इस मेले की शुरुआत करीब 50 साल पहले हुई थी। इसके बाद से ही मेले का स्वरूप बढ़ता चला गया। शनिवार को तपेश्वरधाम में विधि विधान से साथ पुजारी भारदुल तिवारी ने पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद अब रविवार को सीएम इसकी शुरुआत करेंगे।
इंडियाज गॉट टैलेंट के विजेता देंगे प्रस्तुति
- पहले दिन लोक कलाकार सुनील सोनी और अबुझमाड़ मलखंभ की प्रस्तुति 14 जनवरी को होगी।
- 15 जनवरी को प्रसिद्ध गायक उदित नारायण संध्याकाल में प्रस्तुति देंगे।
- 16 जनवरी के अंतिम दिन दिनेश लाल यादव ’निरहुआ’ और आम्रपाली दुबे का सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।
- ट्राईबल फैशल वॉक का आयोजन 16 जनवरी को किया जाएगा।
- स्थानीय छात्र-छात्राएं प्रतिदिन कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे।
आध्यात्म और विज्ञान का संगम है तातापानी
स्थानीय भाषा में ताता पानी का अर्थ गर्म पानी होता है। यहां गर्म जल के कई कुंड हैं। इनमें से गर्म जल निकलता है। आसपास के तालाबों में भी गर्म पानी रहता है। यहां के शिव मंदिर में वर्षों पुरानी मूर्ति स्थापित है। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्त्व से जुड़े तातापानी में स्थापित भोलेनाथ की प्रतिमा लगभग 80 फीट ऊंची है। नीचे मंदिर में सुंदर परिक्रमा पथ है। यहीं विशाल कक्ष में बारह ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृति एक साथ स्थापित किए गए हैं।
तातापानी के जमीन में भारी मात्रा में सल्फर पाया जाता है, जिसके कारण वहां की जमीन का पानी गर्म हो जाता है। इस गर्म पानी के रहस्य को जानने के लिए देश और विदेशों से वैज्ञानिक भी आ चुके हैं। पानी में सल्फर की मात्रा अधिक होने के कारण यहां के पानी से चर्म रोग ठीक होते हैं। स्थानीय लोग तो यह भी दावा करते हैं कि कुंडों में पानी इतना गर्म रहता है कि उसमें अंडा भी उबल जाता है।
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