: नेशनल हाईवे जाम करने पर दर्ज होगी FIR:बिलासपुर में प्रशासन ने ली ट्रक-बस एसोसिएशन की बैठक, बोले- सभी ड्राइवरों पर लागू नहीं होगा कानून...
Admin
Tue, Jan 2, 2024
बिलासपुर जिले में ड्राइवरों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला है। सोमवार को ट्रकों के साथ ही बसों के पहिए थम गए। जिसके बाद जिला प्रशासन ने हड़ताली चालकों के साथ ही ट्रक-बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्हें नियमों की जानकारी देते हुए नेशनल हाईवे पर चक्काजाम करने वालों पर एफआईआर करने की चेतावनी दी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अर्चना झा ने पदाधिकारियों से कहा कि ट्रक और बस मालिक अपने ड्राइवरों को टोल प्लाजा में अनावश्यक व्यवधान और अनावश्यक रूप से ट्रक खड़ा करने से मना करें। उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग में जाम न करने की हिदायत दें। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। वाहन चालकों का नंबर उनके वाहन पर लिखने के भी सुझाव दिए।
सभी ड्राइवर पर लागू नहीं होगा कानून
राष्ट्रीय राजमार्ग जाम होने की सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन को अवगत कराने कहा। इसके साथ ही प्रशासन के सहयोग से मौके पर जाकर तत्काल जाम हटाने और आवश्यक सहयोग करेंगे। हिट एंड रन मामले में आए नए कानून की जानकारी वाहन मालिक संगठन अपने-अपने ड्राइवरों को अनिवार्य रूप से देंगे। यह कानून सभी प्रकार के वाहन जैसे कार, ट्रक, जीप, मोटर साइकिल के चालकों पर लागू होगा।
दुर्घटना हो जाने की स्थिति में वाहन चालक स्वयं नजदीक के थाने में इसकी सूचना अनिवार्य रूप से देंगे। जिससे दुर्घटना से आहत व्यक्ति की जान बचाई जा सके। बैठक में एडीएम आरए कुरूवंशी, संयुक्त कलेक्टर एसएस दुबे, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनुभव शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी (रा) सूरज साहू, हरिओम द्विवेदी, तहसीलदार बिलासपुर अतुल वैष्णव, यातायात (डीएसपी) संजय साहू सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं ट्रक और बस संचालक मौजूद थे।
सोशल मीडिया की अफवाहों से रहें सावधान
हड़ताल को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने के संबंध में भी बात की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि एक जनवरी को वाहन चालकों द्वारा टोल प्लाजा भोजपुरी रायपुर रोड और टोल प्लाजा लिम्हा अम्बिकापुर रोड में वाहन खड़े कर राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध किया गया। जिससे आमलोगों को आवागमन में परेशानी हुई और हड़ताल की स्थिति निर्मित हुई।
पेट्रोल-डीजल, सब्जी सहित ट्रांसपोर्टिंग का काम ठप
इधर, सोमवार को हड़ताल और चक्काजाम के लिए बस में सफर करने वाले यात्रियों को खासी परेशानी हुई। वहीं, दूसरी तरफ ट्रांसपोर्टिंग का काम भी पूरी तरह से ठप रहा। इसके चलते शहर में पेट्रोल-डीजल के वाहनों के साथ ही सब्जी सहित मालधक्का में ट्रांसपोर्टिंग का काम पूरी तरह से बंद रहा, जिसके कारण व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, शहर में कई पेट्रोल पंप में ड्राई की स्थिति बन गई।
कांग्रेस ने काले कानूनों के खिलाफ ड्राइवरों की मांग को बताया जायज
इधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अभय नारायण राय ने कहा कि मन की बात करना और मनमानी थोपना केंद्र की मोदी सरकार का राजनीतिक चरित्र बन चुका है। निजी बीमा कंपनियों को मुनाफा पहुंचने के लिए जन विरोधी नीति थोपी गई है। वाहन चालक आर्थिक रूप से इतना सक्षम नहीं होते हैं कि 10 लाख रुपए का जुर्माना पटा सके।
गरीब ड्राइवर पर दोहरी मार केंद्र की मोदी सरकार के फैसले से पड़ने वाली है। एक तरफ भारी भरकम जुर्माना, दूसरी तरफ 7 साल जेल की सजा। ऐसे में जब परिवार का कमाने वाला मुखिया एक ड्राइवर 7 साल के लिए जेल चला जाएगा तो उसके परिजनों का क्या होगा ? उनका भरण पोषण कैसे होगा ?
केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा थोपे गए इस काले कानून से देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वाहन चालक वर्ग बुरी तरह से भयभीत है। दुर्घटना जानबूझकर नहीं होते नहीं होते, ऐसे में भारी भरकम जुर्माना और लंबी सजा का प्रावधान आम वाहल चालकों के सामर्थ्य से बाहर हैं, अमानवीय है, अव्यावहारिक है।
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