BREAKING NEWS

विकास से आस्था तक: सब-स्टेशन लोकार्पण के बाद राम नाम सप्ताह पहुंचे मंत्री टंक राम वर्मा

गुरुनानक वार्ड में विकास की नई सौगात, सीसी रोड व नाली निर्माण का भूमि पूजन संपन्न

कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा से रानी सौरभ जैन ने की चर्चा

छपोरा में आबकारी विभाग की कार्रवाई, 6.84 बल्क लीटर देशी मसाला शराब जब्त

तिल्दा-नेवरा में अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश की दरकार

Advertisment

: आयुष्मान कार्डधारी कैंसर पीड़ितों को AIIMS में नहीं मिल रही दवाएं, करना पड़ रहा लंबा इंतजार

 भोपाल अस्पताल की छोटी लापरवाही भी सैकड़ों मरीजों को लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इसका उदाहरण एम्स भोपाल में देखा जा सकता है। बीते एक महीने से मरीज कीमोथैरेपी की दवा के लिए परेशान हो रहे हैं। दरअसल,आयुष्मान कार्डधारी कैंसर मरीजों को दवाओं के लिए पहले आयुष्मान योजना से स्वीकृति लेना होती है,लेकिन व्यवस्था में खामी होने के कारण दवाओं की स्वीकृति में देरी हो रही है। मजबूरी में हजारों रुपये की दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। हालांकि, प्रबंधन का दावा है कि प्रक्रिया के लिए थोड़ा समय लगता है। एम्स में हर रोज 150 से ज्यादा कैंसर मरीज पहुंचते हैं और इतने ही मरीजों को पूर्व से नियमित इलाज होता है। प्रबंधन का दावा, भरपूर हैं दवाएं एम्स प्रबंधन का दावा है कि यहां भरपूर दवा है,लेकिन आयुष्मान के स्वीकृति और मैनेजमेंट सिस्टम की गड़बड़ी के कारण मरीजों को समय पर दवाएं ही नहीं मिल पा रही हैं। इसे लेकर पूर्व में मरीजों ने अपनी शिकायत भी प्रबंधन के सामने दर्ज करा चुके हैं। बीमारी बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है कीमोथैरेपी के दौरान मरीजों को हर सप्ताह विशेष दवाओं का डोज दिया जाता है। इसे एक साइकल कहा जाता है। इसमें कैंसर को खत्म करने के लिए इंजेक्शन, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए हाई प्रोटीन पावडर, विशेष दवाएं शामिल होती है। डाक्टरों का कहना है कि कीमोथैरेपी की दवाओं के साइकिल को तोड़ा नहीं जा सकता।  

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें