: 'भूपेश बघेल को दिए गए थे 508 करोड़':ईडी का खुलासा, चुनाव के दौरान महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर्स ने भेजी थी रकम...
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Sat, Jan 6, 2024महादेव सट्टा ऐप मामले में ED की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में गिरफ्तार असीम दास के मुताबिक विधानसभा चुनाव के दौरान महादेव ऐप प्रमोटर्स की तरफ से कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपए दिए गए थे।
प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की चार्जशीट में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम दर्ज है। बघेल के अलावा चार्जशीट में शुभम सोनी, अमित कुमार अग्रवाल, रोहित गुलाटी, भीम सिंह और असीम दास का नाम शामिल है। चार्जशीट में नाम आने के बाद अब भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
चार्जशीट में बताया गया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी असीम दास जो इस महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटर्स के लिए कुरियर का काम करता था, उसके ठिकानों से हाल ही में 5 करोड़ 39 लाख बरामद किए गए थे। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
मेल पर भूपेश बघेल, बेटे चैतन्य और एक IPS का नाम
मामले में आरोपी शुभम सोनी ने ED को एक मेल किया था, जो एंबेसी के जरिए सर्टिफाइड था। उस ईमेल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके बेटे चैतन्य बघेल और आईपीएस प्रशांत अग्रवाल का नाम था। शुभम सोनी के मुताबिक महादेव सट्टा ऐप चलाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को 508 करोड़ रुपए दिए गए। मामले पर इन्वेस्टिगेशन चल रहा है। आगे उनसे पूछताछ हो सकती है।
ED की चार्जशीट पर कांग्रेस ने दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने सुशील आनंद शुक्ला के मुताबिक जिस असीम दास के बयान के आधार पर आनन-फानन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ ईडी ने प्रेस नोट जारी किया था। उसी असीम दास ने कोर्ट में अपने बयान का खंडन किया था। उसने कहा था कि मुझे अंग्रेजी नहीं आती, ईडी ने जबरन मुझसे हस्ताक्षर करवाए। एक बार फिर उस बयान को झूठलाने के लिए जेल के अंदर जाकर ईडी आसीम दास का बयान लेती है, कौन सा बयान ज्यादा ऑथेंटिक माना जाएगा जो ED ने थर्ड डिग्री इस्तेमाल करके लिया था या उस व्यक्ति ने कोर्ट के माध्यम से अपनी बात रखी थी या फिर जो फिर ईडी ने जेल में जाकर उस बयान को लिया है।
कौन है असीम दास, जिसे ED ने पकड़ा
2 नवंबर को ED ने रायपुर के ट्रायटॉन होटल में और भिलाई के एक मकान में छापेमारी की थी। इस दौरान 5 करोड़ से ज्यादा की रकम बरामद हुई। ड्राइवर असीम दास और पुलिस कॉन्स्टेबल भीम सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी असीम दास ने करोड़ों रुपए कांग्रेस नेताओं को पहुंचाने की जानकारी दी थी । दोनों आरोपी फिलहाल जेल में हैं।
मकान का ताला तोड़कर घुसी थी ED की टीम
ED को आशंका है कि उसके घर से मिला पैसा ऑनलाइन सट्टा एप का है, जिसे चुनाव में खर्च करने के लिए रखा गया था। ईडी के अधिकारी कार्रवाई के लिए असीम दास के घर का ताला तोड़कर उसके मकान में घुसे थे। असीम दास और कॉन्स्टेबल दोनों पर दुबई में मौजूद सट्टा केस में फरार सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के साथ मिलकर काम करने का आरोप है।
दुबई से ऑपरेट हो रहा था सट्टेबाजी का नेटवर्क
महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले पर ED ने 1 जनवरी को सिपाही भीम सिंह यादव और ड्राइवर असीम दास के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में पूरक अभियोजन परिवाद पेश किया था। जिसमें भिलाई के शुभम सोनी , रायगढ़ के अनिल अग्रवाल और रोहित गुलाटी को आरोपी बनाया गया था।
जिसमें खुलासा किया गया था कि महादेव ऐप में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल के साथ शुभम सोनी भी प्रमोटर है। तीनों दुबई में रहकर सट्टेबाजी का नेटवर्क चला रहे हैं।
शुभम सोनी को बनाया गया सरकारी गवाह
महादेव सट्टा ऐप के एक प्रमोटर शुभम सोनी को सरकारी गवाह बनाया गया। उसे नेताओं से लेकर अधिकारियों को दिए जाने वाले पैसों का हिसाब-किताब रखने की जिम्मेदारी दी गई थी।
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