: पराली जलाने के मामलों में आई 54.2 प्रतिशत की भारी कमी
Fri, Dec 15, 2023
नईदिल्ली
पंजाब, हरियाणा, एनसीआर-उत्तर प्रदेश, एनसीआर-राजस्थान और दिल्ली में पराली जलाने की कुल घटनाएं 15 सितंबर से 29 अक्टूबर तक घटकर 6,391 रह गईं, जो एक साल पहले 13,964 थीं |कृषि मंत्रालय द्वारा लोकसभा में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में धान की कटाई के मौजूदा मौसम में 2022 की तुलना में 45 दिनों की अवधि के दौरान पराली जलाने की घटनाओं में 54.2 प्रतिशत की कमी आई है।
लोकसभा में एक जवाब में, केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि 15 सितंबर से पंजाब, हरियाणा, एनसीआर-उत्तर प्रदेश, एनसीआर-राजस्थान और दिल्ली में पराली जलाने की कुल घटनाएं घटकर 6,391 रह गईं। 29 अक्टूबर को एक साल पहले के 13,964 की तुलना में 54.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में 15 सितंबर-अक्टूबर 2021 के दौरान 11,461 पराली जलाने की घटनाएं देखी गईं।
पंजाब और हरियाणा में धान की पराली जलाने की घटनाएं 2022 में 15 सितंबर से 29 अक्टूबर के बीच क्रमश: 12,112 और 1,813 से घटकर 2023 में क्रमश: 5,254 और 1,094 हो गईं।
मंत्री ने कहा कि धान के अवशेष जलाने के कारण सक्रिय आग की घटनाओं की निगरानी अंतरिक्ष प्रयोगशाला, कृषि भौतिकी प्रभाग, आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के एग्रोइकोसिस्टम मॉनिटरिंग और मॉडलिंग पर अनुसंधान के लिए कंसोर्टियम द्वारा उपग्रह रिमोट सेंसिंग का उपयोग करके की जाती है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने 10 जून, 2021 के वैधानिक निर्देशों के माध्यम से, फसल अवशेष जलाने के नियंत्रण/उन्मूलन के लिए एक रूपरेखा प्रदान की थी, जिसके आधार पर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारें विस्तृत और निगरानी योग्य राज्य-विशिष्ट तैयार करती हैं। क्रिया योजनाएँ। उन्होंने कहा कि कार्य योजना में धान की पुआल के इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन का उचित कार्यान्वयन, प्रभावी निगरानी/प्रवर्तन और पराली जलाने पर रोक शामिल है।
रासायनिक उर्वरक का उठाव कम हुआ
देश में किसानों द्वारा उपयोग किए जाने वाले रासायनिक उर्वरकों के प्रतिशत पर एक प्रश्न के उत्तर में, मुंडा ने कहा कि देश में कुल उर्वरक खपत 2022-23 के दौरान घटकर 636.37 लाख टन (लीटर) हो गई, जो 2021-22 में 636.44 लीटर थी।
जबकि कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में उर्वरकों की खपत में गिरावट देखी गई, वहीं गुजरात, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे कुछ अन्य राज्यों में उनकी खपत में वृद्धि देखी गई।
: हिमाचल में शीतकालीन छुट्टियों को लेकर 17 दिन का अवकाश
Fri, Dec 15, 2023
शिमला/ कुल्लू
स्कूलों और कालेजों में शीतकालीन छुट्टियों को लेकर अवकाश घोषित हो गया है। जैसे ही सर्दी का मौसम शुरू हुआ है। उसी के हिसाब से स्कूलों और कालेजों में छुट्टियां घोषित की गई है। इस बार सर्दियों के लिए 17 दिन का शीतकालीन अवकाश स्कूलों में रहेगा, जबकि आउटर सिराज में पहली जनवरी से 15 फरवरी तक अवकाश रहेगा। कालेजों में पहली जनवरी से पांच फरवरी तक अवकाश रहेगा, जिसके चलते शीतकालीन अवकाश को लेकर सभी विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर आई है।
स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थी बेसब्री से सर्दियों की छुट्टियों का इंतजार कर रहे है, लेकिन अब उनका इंतजार खत्म हो चुका है। स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां घोषित कर दी गई है। इस बार स्कूलों में 17 दिन की छुट्टी घोषित की गई है, ताकि बच्चों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी सर्दियों में नहीं हो।
26 दिसंबर से लेकर 11 जनवरी तक छुट्टियां रहेगी, जबकि आउटर सराज में पहली जनवरी से 15 फरवरी तक सरकार के द्वारा शीतकालीन अवकाश के रूप में छुट्टियां घोषित की गई है। इन छुट्टियों की घोषणा सभी स्कूलों में लागू रहेगी। हालांकि छुट्टियां घोषित होने से एक-दो दिन पहले सरकार की तरफ से एक बार और अनाउंस करके बताया जाएगा। सरकार के आदेश के तहत 26 दिसंबर से 11 जनवरी, 2024 तक स्कूलों में अवकाश रहेगा, 12 जनवरी से स्कूल शुरू होंगे।
16 फरवरी को आउटर सिराज में स्कूल शुरू होंगे। उधर, शिक्षा विभाग उच्चतर उपनिदेशक कुल्लू शांति शर्मा के अधीक्षक सतीश चंद ने बताया कि आउट सिराज में पहली जनवरी से 15 फरवरी और अन्य शीतकालीन स्कूलों में 26 दिसंबर से 11 जनवरी 2024 तक अवकाश रहेगा। वहीं राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के प्रिंसीपल डा. रोशन लाल का कहना है कि कालेजों में पहली जनवरी से पांच फरवरी 2024 तक अवकाश रहेगा।
: कश्मीर में कड़ाके की ठंड जारी, श्रीनगर मौसम की सबसे सर्द रात
Fri, Dec 15, 2023
श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर और पहलगाम में मौसम का सबसे कम तापमान क्रमशः शून्य से कम 5.4 डिग्री सेल्सियस और शून्य से कम 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी।
श्रीनगर में इस मौसम की लगातार सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। यहां तापमान शून्य से कम 5.3 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शून्य से कम 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस कम है। तापमान में गिरावट के कारण डल झील के कुछ आंतरिक हिस्सों सहित अन्य जल निकायों और नल के पानी के पाइप भी जम गए।
केदारनाथ में बढ़ी ठंड
केदारनाथ में दो दिनों तक हुई बर्फबारी के बाद आज मौसम साफ हो गया है. मौसम साफ होने पर सबसे पहले धाम में तैनात मजदूरों की ओर से हेलीपैड से बर्फ हटाई जा रही है. हेलीपैड साफ होने के बाद चिनूक हेलकाप्टर से यहां पुनर्निर्माण काम की सामग्री पहुंचाई जाएगी. फिलहाल केदारनाथ धाम में एफ फीट तक बर्फ जमी हुई है. बावजूद इसके 250 से अधिक मजदूर पुनर्निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं. केदारनाथ धाम में इन दिनों मंदाकिनी नदी के किनारे 13 भवनों के अलावा, म्यूजियम, सरस्वती नदी पर साठ मीटर स्पानका पुल, चिकित्सालय भवन, संगम पर स्थित घाट सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं. इन कार्यों को 2024 का यात्रा सीजन शुरू होने से पहले पूरा किया जाना है. ऐसे में शीतकाल में भी केदारनाथ धाम में काम जारी है.
केदारनाथ में फिर से काम हुआ शुरू
इस महीने के अंत तक धाम में काम चलते रहेंगे. बर्फबारी अधिक होने पर अब धाम में दिक्कतें भी होने लग गई हैं. दो दिनों तक धाम में लगातार बर्फबारी हुई है जिस कारण काम भी रुके रहे. आज मौसम साफ होने पर फिर से काम शुरू हो गए हैं. मजदूरों के अलावा जेसीबी मशीनों के जरिये भी बर्फ को साफ करने का काम किया जा रहा है. बर्फबारी के बाद अब पूरी केदारनगरी सफेद नजर आ रही है.
पहलगाम में पिछली रात शून्य से कम 5.3 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले आज न्यूनतम तापमान शून्य से कम 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.0 डिग्री सेल्सियस कम है। गुलमर्ग में आज न्यूनतम तापमान शून्य से कम 5.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह तापमान शून्य से के कम 5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से 0.8 डिग्री सेल्सियस कम रहा। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर काजीगुंड में पारा पिछली रात के शून्य से कम 3.2 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शून्य से कम 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कोकेरनाग में न्यूनतम तापमान शून्य़ से कम 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले शून्य़ से कम 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान पिछली रात के शून्य से कम 3.7 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले गिरकर शून्य से कम 4.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से 2.5 डिग्री सेल्सियस कम है।
मौसम विभाग के अनुसार अधिकांश स्थानों पर मौसम साफ रहने और 15 दिसंबर तक मुख्य रूप से मौसम शुष्क रहने तथा 16-17 दिसंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ (डब्ल्यूडी) आने के आसार हैं और इससे जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में हल्का हिमपात होने के भी अनुमान हैं।