: अखिलेश यादव की नाराजगी अब नहीं करेंगे I.N.D.I.A. से बात?
Mon, Oct 23, 2023
भोपाल
मध्य प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के विवाद पर माना जा रहा था कि दोनों ओर से अब कोई प्रतिक्रिया और टिप्पणी नहीं आएगी. इसके साथ ही गठबंधन को लेकर बातचीत पटरी पर दोबारा लाने की कोशिश होगी. हालांकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नए बयान ने कुछ और ही संकेत दिए हैं. माना जा रहा है कि अखिलेश यादव, आगामी लोकसभा चुनाव में लड़ाई अपने तरीके और पार्टी के फॉर्मूले पर लड़ेंगे. इसके लिए भले ही उन्हें अकेले क्यों न चुनावी मैदान में उतरना पड़े.
उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने I.N.D.I.A की जगह PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक का जिक्र करना शुरू कर दिया है. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए नए समीकरण बना रही है. इसी कड़ी में अखिलेश यादव की कोशिश है कि आगामी आम चुनावों में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक को एक मंच पर लाकर भारतीय जनता पार्टी को मात दी जाए.
अखिलेश ने किया ये ट्वीट
अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट भी किया. उन्होंने लिखा- 'होगा 24 का चुनाव, PDA का इंक़लाब.' अखिलेश यादव की यह टिप्पणी ऐसे वक्त में आई है जब एमपी के पूर्व सीएम और कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि I.N.D.I.A. अलायंस में विधानसभा नहीं लोकसभा चुनाव के नजरिए से सीटों का बंटवारा होगा.
राजनीतिक जानकारों की मानें तो कांग्रेस के रवैये से नाराज चल रहे अखिलेश यादव ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए खास प्लान बना लिया है और अब वह गठबंधन में रहते हुए भी अपने फॉर्मूले पर चल सकते हैं. अखिलेश का प्लान है कि लोकसभा चुनाव के पहले जातीय समीकरणों को फिट कर लिया जाए ताकि चुनाव में उन्हें किसी राजनीतिक दबाव में आकर सीटों पर समझौता न करना पड़े
: मंडला जिले के बिछिया विधानसभा में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की जनसभा
Mon, Oct 23, 2023
मंडला
आजादी के बाद से कांग्रेसियों ने जनता के साथ कैसा व्यवहार किया है, ये शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। इस चुनाव में भी बहुरूपिये कांग्रेसी वादों की लिस्ट लेकर आ रहे हैं, लेकिन पहले इनसे पुराना हिसाब मांगना होगा। कांग्रेस ने 15 महीने की सरकार में क्या किया, इस पर बहुत अच्छे से विचार करने के बाद फैसला लेना होगा। कांग्रेस के सामने रावण का अहंकार भी कहीं नहीं टिकता। लेकिन इस चुनाव में हमारी शक्तिस्वरूपा मातृशक्ति अन्याय के रावण का वध करने तत्पर है। यह बात केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग एवं जलशक्ति राज्य मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने मंडला जिले की बिछिया विधानसभा के ग्राम लफरा में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन व जनसभा को संबोधित करते हुए कही। इसके उपरांत श्री पटेल ने सिवनी जिले के लखनादौन में भी जनसभा को संबोधित किया।
आदिवासियों ने दुनिया को दिया ही है, लिया कुछ नहीं
केन्द्रीय मंत्री श्री पटेल ने आदिवासियों के धैर्य एवं साहस को प्रणाम करते हुए कहा कि आदिवासियों का चरित्र कभी लालच और वैमनस्यता के आसपास भी नहीं रहा। उन्होंने हमेशा दुनिया को दिया है, लिया कभी कुछ नहीं। श्री पटेल ने कहा कि आज एक बार फिर से इतिहास स्वयं को दोहरा रहा है। आदिवासियों के भोजन को गरीबों का खाना कहकर तिरस्कार करने वाले अब फिर से उसी खाने के लिए आदिवासियों पर आश्रित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि श्री अन्न (कोदो, कुटकी, ज्वार, बाजरा) को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया में प्रतिष्ठित करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासियों की जीवन शैली को वैज्ञानिक शोधों के आधार पर भी सर्वोत्तम माना गया है, ये हमारे लिए अत्यंत गौरव का विषय है।
विकास की दोगुनी रफ्तार के लिए डबल इंजन की सरकार जरूरी
श्री पटेल ने कहा कि भाजपा को वोट इसलिए चाहिए कि जिन लोगों के सिरों पर अभी प्रधानमंत्री आवास की छत नहीं है, उन्हें छत दी जा सके। जिन गांवों और घरों में पानी नहीं पहुंच सका है, वहां पानी पहुंचाया जा सके। जिन माताओं-बहनों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन नहीं मिला है, उन्हें गैस दी जा सके। श्री पटेल ने कहा कि हम डबल इंजन की सरकार इसलिए चाहते हैं ताकि विकास की रफ्तार दोगुनी हो सके। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्याशी डॉक्टर विजय आनंद न केवल पढ़े-लिखे हैं, बल्कि जनता की सेवा में समर्पित भी हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. आनंद ने कोरोना काल में किस तरह से मरीजों की सेवा की थी और उनके जीवन को बचाया था। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि आपका एक सही चुनाव आपके और आपकी पीढ़ियों के भविष्य पर प्रभाव डाल सकता है।
भाजपा में शामिल हुए युवा
कार्यकर्ता सम्मेलन और जनसभा के दौरान केन्द्रीय मंत्री श्री पटेल की उपस्थिति में बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इन युवाओं में श्री राजा केवट, श्री सुनील केवट, श्री संतोष मरकाम, श्री अंचल केवट, श्री गोविंद केवट, श्री लच्छी केवट, श्री सौरव केवट, श्री सुनील केवट, श्री अंचल केवट एवं श्री दुर्गेश नंदा आदि शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री श्री पटेल ने सभी नए साथियों का पार्टी में स्वागत कर बधाई दी।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्री भीष्म द्विवेदी, मंडला के विधायक श्री देवसिंह सैय्याम, विधानसभा संयोजक श्री नानवानी, महामंत्री व विधानसभा प्रभारी श्री उमेश ठाकुर, श्री आलोक दीक्षित, श्री नीरज पटेल, पार्टी कार्यकर्ता एवं मातृशक्ति उपस्थित रही।
: प्रदेश की 14 सीटों पर तीसरे मोर्चे का दबदबा
Mon, Oct 23, 2023
भोपाल
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए 230 में से कांग्रेस ने 229 तो बीजेपी ने 228 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अब राजनीतिक दल और प्रत्याशी प्रचार-प्रसार अभियान में उतर गए हैं. वहीं कई बागी टिकट न मिलने के कारण पार्टी को अपने-अपने इलाकों में इस नाराजगी को महसूस कराने की कोशिश में जुट गए हैं. बताया जा रहा है कि बीजेपी और कांग्रेस को प्रदेश की 14 सीटों पर अपनों के ही कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है. ये बागी दूसरे दलों से जुड़कर उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं. ये सीटें उत्तर प्रदेश से सटी हुई हैं.
पिछले विधानसभा चुनाव यानी साल 2018 में भी बीजेपी और कांग्रेस को इन सीटों पर नुकसान झेलना पड़ा था. बता दें उत्तर प्रदेश से सटी विधानसभा सीटों में बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी काफी सक्रिय रहती है. इन सीटों पर बसपा-सपा के प्रत्याशियों को 15 से 50 फीसदी तक वोट मिलते रहे हैं. इन सीटों पर तीसरे मोर्च की सक्रियता की वजह से बीजेपी और कांग्रेस दोनों को ही नुकसान का सामना करना पड़ता है. यह सभी 14 सीटें उत्तर प्रदेश से सटी विधानसभा सीटें है, जिन पर बीजेपी और कांग्रेस को तीसरे मोर्च से नुकसान का सामना करना पड़ता है.
2018 में तीसरे मोर्चे ने पहुंचाया था नुकसान
इन 14 सीटों पर 2018 के चुनाव में भी तीसरे मोर्चे ने बीजेपी और कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया था. इन सीटों पर तीसरा मोर्चा 15 से 50 फीसदी तक वोट ले गया था. इन सीटों में प्रदेश की जतारा सीट पर 2018 के चुनाव में तीसरे मोर्चा 35 फीसदी तक वोट ले गया था. इसी तरह गुढ़ में 25 फीसदी, अमरवाड़ा में 35 फसदी, पृथ्वीपुर में 31 फसदी और बिजावर में तो तीसरे मोर्च ने जीत हासिल कर ली थी, यहां बीजेपी दूसरे नंबर पर रही थी. इसी तरह पथरिया में बसपा प्रत्याशी रामबाई ने जीत हासिल की थी, उन्हें 46 फीसदी वोट मिले थे, भिंड में बीएसपी को 46, पोहरी में बीएसपी को 32, सबलगढ़ में बीएसपी को 29, जौरा में भी बीएसपी को 25 फीसदी वोट मिले थे.
बीएसपी और समाजवादी पार्टी इस बार भी मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अकेले दम पर ताल ठोक रही हैं. समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर तो इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस के साथ जुड़ी हुई है, लेकिन मध्य प्रदेश में इन दोनों के बीच गठबंधन नहीं हो सका. ऐसे में सपा अकेले ही सूबे में चुनाव लड़ रही है. सपा ने अब तक 33 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है.