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: प्रदेश की 14 सीटों पर तीसरे मोर्चे का दबदबा

Admin

Mon, Oct 23, 2023

भोपाल

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए 230 में से कांग्रेस ने 229 तो बीजेपी ने 228 सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अब राजनीतिक दल और प्रत्याशी प्रचार-प्रसार अभियान में उतर गए हैं. वहीं कई बागी टिकट न मिलने के कारण पार्टी को अपने-अपने इलाकों में इस नाराजगी को महसूस कराने की कोशिश में जुट गए हैं. बताया जा रहा है कि बीजेपी और कांग्रेस को प्रदेश की 14 सीटों पर अपनों के ही कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है. ये बागी दूसरे दलों से जुड़कर उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं. ये सीटें उत्तर प्रदेश से सटी हुई हैं.

पिछले विधानसभा चुनाव यानी साल 2018 में भी बीजेपी और कांग्रेस को इन सीटों पर नुकसान झेलना पड़ा था. बता दें उत्तर प्रदेश से सटी विधानसभा सीटों में बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी काफी सक्रिय रहती है. इन सीटों पर बसपा-सपा के प्रत्याशियों को 15 से 50 फीसदी तक वोट मिलते रहे हैं. इन सीटों पर तीसरे मोर्च की सक्रियता की वजह से बीजेपी और कांग्रेस दोनों को ही नुकसान का सामना करना पड़ता है. यह सभी 14 सीटें उत्तर प्रदेश से सटी विधानसभा सीटें है, जिन पर बीजेपी और कांग्रेस को तीसरे मोर्च से नुकसान का सामना करना पड़ता है.

2018 में तीसरे मोर्चे ने पहुंचाया था नुकसान

इन 14 सीटों पर 2018 के चुनाव में भी तीसरे मोर्चे ने बीजेपी और कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया था. इन सीटों पर तीसरा मोर्चा 15 से 50 फीसदी तक वोट ले गया था. इन सीटों में प्रदेश की जतारा सीट पर 2018 के चुनाव में तीसरे मोर्चा 35 फीसदी तक वोट ले गया था. इसी तरह गुढ़ में 25 फीसदी, अमरवाड़ा में 35 फसदी, पृथ्वीपुर में 31 फसदी और बिजावर में तो तीसरे मोर्च ने जीत हासिल कर ली थी, यहां बीजेपी दूसरे नंबर पर रही थी. इसी तरह पथरिया में बसपा प्रत्याशी रामबाई ने जीत हासिल की थी, उन्हें 46 फीसदी वोट मिले थे, भिंड में बीएसपी को 46, पोहरी में बीएसपी को 32, सबलगढ़ में बीएसपी को 29, जौरा में भी बीएसपी को 25 फीसदी वोट मिले थे.

बीएसपी और समाजवादी पार्टी इस बार भी मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अकेले दम पर ताल ठोक रही हैं. समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर तो इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस के साथ जुड़ी हुई है, लेकिन मध्य प्रदेश में इन दोनों के बीच गठबंधन नहीं हो सका. ऐसे में सपा अकेले ही सूबे में चुनाव लड़ रही है. सपा ने अब तक 33 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है.

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