: दिग्विजय सिंह ने शिवराज के कन्या पूजन को बताया नौटंकी
Tue, Oct 24, 2023
भोपाल
मध्य प्रदेश में चुनावी माहौल के बीच नेताओं के बीच एक-दूसरे पर बयान देने का सिलसिला जारी है। इसी बीच नवमी के मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कन्या पूजन किया। उन्होंने भोपाल स्थित आवास पर कन्याओं पर पुष्प वर्षा की, पांव पखारे और उकी पूजा की। इसे लेकर राज्य में विवाद हो गया है। दरअसल पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इसे नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मैंने इतनी नौटंकी वाला मुख्यमंत्री नहीं देखा। इसे लेकर सीएम शिवराज ने पलटवार करते हुए सोनिया गांधी से सवाल किया है।
शिवराज ने कहा, 'मुझे कहते हुए बहुत दर्द और पीड़ा है। बेटियों की पूजा सनातन संस्कार है। पूरा देश कल बेटियों की पूजा कर रहा था। बेटियों के पांव पखारे जा रहे हैं, कन्या भोज किए जा रहे हैं। मैंने भी बेटियों की पूजा की। मैं तो रोज बेटियों की पूजा करता हूं। लेकिन बेटियों की पूजा को आप नाटक-नौटंकी कहते हैं? आप जैसी घटिया सोच वाले बेटी की पूजा और सम्मान सहन नहीं कर पाते हैं। ये आपके संस्कार होंगे दिग्विजय सिंह जी लेकिन मैं तो रोज बेटियों की पूजा करता हूं और बेटियों-बहनों की पूजा करता रहूंगा। बहनों की पूजा के लिए नैतिक साहस चाहिए। ये वही कर सकता है जिसके मन में पवित्र भाव हो, भारतीय संस्कार हों।'
सोनिया-खड़गे जवाब दें
कांग्रेस से सवाल करते हुए सीएम ने कहा, 'बेटियों और बहनों को टंच माल कहने वाले, आइटम कहने वाले ये नहीं कह सकते। इसी मानसिकता को हम बदलना चाहते हैं। आज में मल्लिकार्जुन खड़गे जी से, मैडम सोनिया गांधी से पूछता हूं कि क्या बेटियों की पूजा नाटक-नौटंकी है? सारे देश ने बेटियों की पूजा की है। कांग्रेस का स्टैंड क्या है। क्या वो बेटियों-कन्या पूजन के खिलाफ हैं? अपने स्टैंड को कांग्रेस साफ करें। यह भारत है। दिग्विजय जी शिवराज का और सनातन का विरोध करते-करते आप इतने निचले और घटिया स्तर पर उतर आए कि बेटियों की पूजा का विरोध कर रहे हैं? ये मेरे लिए भावनात्मक और अंतरात्मा का विषय है।'
दिग्विजय ने क्या कहा था
भोपाल में कल कन्या पूजन के बहाने दो लड़कियों का अपहरण कर लिया गया। इसपरअपनी प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि एक ओर दो बच्चियां लापता हो गई और दूसरी ओर सीएम कन्या पूजन कर रहे हैं। इतनी नौटंकी वाला मुख्यमंत्री मैंने कभी नहीं देखा। इतनी नौटंकी करने वाला आदमी भी मैंने कभी नहीं देखा।
: इस बार के चुनाव में कई उपनाम जो खींच रहे ध्यान...
Tue, Oct 24, 2023
भोपाल
मध्यप्रदेश चुनावों में दोनों प्रमुख पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं। दोनों दलों के प्रत्याशियों के उपनाम भी चर्चा में हैं। छह संजू, दो चिंटू, दो बंटी सहित पिंटू, राजू, भूरा, शेरा भी ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इस बार दोनों ही दलों से संजय यानी संजू नाम सबसे ज्यादा हैं। छह प्रत्याशियों के नाम संजय हैं।
इंदौर-1 से कांग्रेस के उम्मीदवार संजय शुक्ला संजू भैया के नाम से जाने जाते हैं। विजयराघवगढ़ के भाजपा प्रत्याशी संजय पाठक को भी संजू कहा जाता है। इसके साथ ही बरगी से कांग्रेस के संजय यादव, बैहर से कांग्रेस के संजय उईके, तेंदुखेड़ा से कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ रहे संजय शर्मा, टिमरनी से भाजपा के संजय शाह भी मैदान में हैं। इन्हें इनके समर्थक प्यार से संजू भैया भी बुलाते हैं।
बाबू, गुड्डू-गुड्डा और लल्लू भी
इस बार के मैदान में दो गुड्डू और एक गुड्डा भी हैं। लहार से भाजपा के प्रत्याशी अंबरीश शर्मा को गुड्डू कहा जाता है। वहीं बहोरीबंद के भाजपा प्रत्याशी प्रणय प्रभात पांडे भी गुड्डू के नाम से चर्चित हैं। बड़वारा के भाजपा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह भी धीरू भैया के नाम से जाने जाते हैं। वारासिवनी से भाजपा के टिकट से मैदान में प्रदीप जयासवाल को गुड्डा कहा जाता है। बांधवगढ़ में शिवनारायण सिंह भाजपा से मैदान में हैं, उन्हें प्यार से लल्लू कहा जाता है।
शेरा-भूरा-कालू भी जाने पहचाने नाम
बुरहानपुर से सुरेंद्र सिंह शेरा भी कांग्रेस से टिकट लेकर आए हैं। वहीं कुक्षी से कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल का उपनाम हनी खासा चर्चित है। धरमपुरी विधानसभा से भाजपा के कालू सिंह ठाकुर मैदान में हैं। महिदपुर से दिनेश जैन कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे हैं, उन्हें बॉस कहा जाता है। ग्वालियर में कांग्रेस के सतीश सिकरवार को भूरा कहा जाता है।
इंदौर से चिंटू-पिंटू-गोलू मैदान में
दो चिंटू भी किस्मत आजमा रहे हैं। जबलपुर कैंट से कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक चौकसे का नाम चिंटू है। वहीं इंदौर-2 से कांग्रेस के चिंतामणि चिंटू चौकसे रमेश मेंदौला (दादा दयालु) के सामने मैदान में हैं। वहीं इंदौर की तीन नंबर विधानसभा से कांग्रेस के दीपक जोशी मैदान में हैं, उन्हें पिंटू कहा जाता है। उनका मुकाबला भाजपा के गोलू शुक्ला है। गोलू का नाम राकेश है, पर वे गोलू के नाम से जाने जाते हैं। इंदौर चार में राजा मंधवानी को कई लोग राजू बुलाते हैं।
: प्रियंका 31 को तेलंगाना में चुनावी रैली को करेंगी संबोधित
Tue, Oct 24, 2023
हैदराबाद
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 31 अक्टूबर को तेलंगाना के महबूबनगर जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगी। पलामुरु प्रजा भेरी नामक सार्वजनिक रैली कोल्लापुर निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित की जाएगी, जहां पूर्व मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव पार्टी के उम्मीदवार हैं।
कुछ महीने पहले भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) द्वारा निलंबित किए गए कृष्णा राव ने जून में घोषणा की थी कि वह कांग्रेस पार्टी में शामिल होंगे। उन्हें कोल्लापुर में प्रियंका गांधी द्वारा संबोधित की जाने वाली एक सार्वजनिक रैली में औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल होना था। हालांकि, जुलाई में भारी बारिश के कारण सार्वजनिक रैली दो बार स्थगित की गई। पूर्व मंत्री अंतत: 3 अगस्त को नई दिल्ली में एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हो गए।
कांग्रेस पार्टी द्वारा कृष्णा राव को कोल्लापुर से मैदान में उतारने के साथ, उन्होंने नेतृत्व से प्रियंका गांधी को आमंत्रित करके एक सार्वजनिक रैली आयोजित करने का अनुरोध किया। विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद प्रियंका गांधी का यह दूसरा तेलंगाना दौरा होगा। उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी के साथ 18 अक्टूबर को पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत करने के लिए मुलुगु जिले का दौरा किया था।
जहां प्रियंका गांधी मुलुगु में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करने के बाद लौट आई थीं, वहीं राहुल गांधी ने चार जिलों के विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए तीन दिनों तक विजयभेरी यात्रा जारी रखी। कांग्रेस पार्टी पहले ही 119 में से 52 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। अविभाजित महबूबनगर उन जिलों में से एक है, जिस पर कांग्रेस विशेष ध्यान दे रही है। अविभाजित जिले की 14 सीटों में से कांग्रेस पार्टी ने आठ सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।
चार निर्वाचन क्षेत्रों में, इसने उन नेताओं को मैदान में उतारा है,जो हाल ही में बीआरएस से अलग होकर पार्टी में शामिल हुए थे। इससे पार्टी में असंतोष फैल गया है, क्योंकि वरिष्ठ नेता खुद को दरकिनार महसूस कर रहे हैं। कोल्लापुर में जुपल्ली को टिकट दिए जाने से निर्वाचन क्षेत्र प्रभारी चिंतापल्ली जगदीश्वर राव नाराज हो गए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।