: टिकट कटने पर फूट-फूटकर रोने लगे MLA सहाब विधायक
Tue, Oct 24, 2023
भोपाल
मध्य प्रदेश के चुनावी मैदान में टिकट वितरण के बाद हंगामा मचा हुआ है. छतरपुर जिले की चंदला सीट पर बीजेपी ने विधायक राजेश प्रजापति का टिकट काट दिया. इससे भड़के प्रजापति ने अपनी पार्टी के ही प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा पर पैसे लेकर टिकट देने का आरोप लगा दिया. इतना ही नहीं, राजेश प्रजापति का कहना है कि जिस नेता को टिकट दिया गया है, वह अपराधी है और जुआ खिलवाता है. गलत काम करता है.
BJP विधायक राजेश प्रजापति ने कहा, गलत काम करने वाले को विधानसभा का टिकट थमा दिया गया है. ऐसे नेता के लिए कौन खड़ा होगा? सर्वे में मेरा भी नाम था तो फिर टिकट कैसे कटा? और यह कहते ही राजेश प्रजापति फूट-फूटकर मीडिया के कैमरे पर रोने लगे.
विधायक प्रजापति ने अपने समर्थकों और बीजेपी नेताओं के साथ बैठक की. यह बैठक आलम देवी मंदिर में बुलाई गई. जहां चंदला के पूर्व विधायक विजय बहादुर सिंह भी शामिल हुए. बैठक में विधायक की टिकट कटने पर समर्थकों ने नाराजगी व्यक्त की.
इस बैठक में चंदला के प्रत्याशी का विरोध करने की बात कही. टिकट कटने के बाद विधायक राजेश प्रजापति ने बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा पर गंभीर आरोप भी लगाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जुआ, सट्टा खिलाने वाले को टिकट दिया है.
MLA रघुनाथ मालवीय भी रोए
उधर, भारतीय जनता पार्टी ने पांचवी सूची में सीहोर जिले की आष्टा विधानसभा से वर्तमान विधायक रघुनाथ मालवीय का टिकट काटते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष गोपाल सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया. जिसके बाद गोपाल सिंह का विरोध शुरू हो गया है. रविवार को बीजेपी दो गुटों बैठक आयोजित हुई. जिसमें एक जगह वर्तमान विधायक रघुनाथ मालवीय शामिल हुए. इस दौरान अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. रघुनाथ मालवीय ने कहा, मैंने हमेशा लोगों की सेवा की है. कार्यकर्ताओं की सुनी है..विधायक के रोने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
कांग्रेस से शामिल हुए थे गोपाल सिंह, अब टिकट भी मिला
आष्टा विधानसभा से गोपाल सिंह 2018 के चुनाव में कांग्रेस से प्रत्याशी थे और उनको हार का सामना करना पड़ा था. इससे पहले भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े, मगर कोई सफलता नहीं मिली. वहीं, गोपाल सिंह पिछले साल कांग्रेस का दामन छोड़ते हुए अपने कई कार्यकर्ताओं के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष चुना गया था. और इसके साथ ही अब भारतीय जनता पार्टी ने गोपाल सिंह को एक और बड़ा तोहफा देते हुए आष्टा से अपना प्रत्याशी घोषित किया है. लेकिन प्रत्याशी घोषित होने के साथ ही गोपाल सिंह का स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो गया है.
रीवा जिले के मनगवां से भी BJP विधायक पंचूलाल प्रजापति ने भी टिकट पर अपना विरोध दर्ज कराया. विधायक ने दूसरे दल से आए नेता को पैसे के दम पर टिकट देने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि जिसने भी पैसे लेकर टिकट दिया है, उसका नाम जल्द ही सामने आएगा.
मध्य प्रदेश में कांग्रेस को करीब 42 तो बीजेपी को करीब 22 सीटों पर विरोध झेलना पड़ रहा है. यही नहीं, 6 विधानसभा क्षेत्रों में तो बीजेपी के नेताओं कने खुली बागवत कर दूसरे दल से चुनाव लड़ने के लिए टिकट ले लिया है, जबकि कांग्रेस में 5 नेता बागी होकर चुनावी मैदान में उतरे हैं. बता दें कि साल 2018 के चुनाव में बीजेपी ने 59 विधायकों के टिकट काटे थे. इन सीटों पर 28 नए उम्मीदवार जीते थे जबकि 30 सीटें कांग्रेस की झोली में चली गई थीं. एक पर बसपा ने फतह हासिल की.
पार्टी ने आष्टा से दो बार के विधायक रघुनाथ मालवीय का टिकट काट दिया है। इसके बाद रघुनाथ मालवीय ने अपने समर्थकों की बैठक बुलाई। अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रघुनाथ मालवीय फूट-फूटकर रोने लगे। साथ ही अपना दर्द समर्थकों को बताने लगे।
रघुनाथ मालवीय पार्टी के लोगों से कह रहे थे कि हम हमेशा कार्यकर्ताओं के लिए मुस्तैद रहे। उनका फोन कभी उठाते थे। रघुनाथ मालवीय कह रहे थे कि मैंने इमानदारी से क्षेत्र की जनता के लिए काम किया है। उन्होंने रोते हुए कहा कि सीहोर से किसी बाहरी को टिकट दे दिया है। अगर स्थानीय उम्मीदवार को देते तो अच्छा होता। यहां से बीजेपी ने जिला पंचायत अध्यक्ष गोपाल सिंह को टिकट दिया है।
वहीं, गोपाल सिंह का आष्टा में कई जगहों पर विरोध हुआ है। हालांकि उनके नाम पर पार्टी की मुहर लग गई है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि रघुनाथ मालवीय निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। रघुनाथ अगर निर्दलीय मैदान में उतरते हैं तो बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती है। गौरतलब है कि सीहोर सीएम शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला है। ऐसे में देखना होगा कि चुनाव से पहले पार्टी रघुनाथ मालवीय को मना पाती है कि नहीं। पूरे प्रदेश में टिकट बंटवारे के बाद बीजेपी के अंदर विरोध हो रहा है। विरोध इस हद तक हो रहा है कि जबलपुर में चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव के गार्ड को नाराज कार्यकर्ताओं ने पीट दिया था।
: पीएम मोदी 30 अक्टूबर को मिजोरम में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे
Tue, Oct 24, 2023
आइजोल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा सहित शीर्ष भाजपा नेता जल्द ही मिजोरम में 7 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभियान में शामिल होंगे। भाजपा के मिजोरम प्रदेश अध्यक्ष वनलालमुआका ने कहा कि पीएम मोदी के राज्य का दौरा करने की संभावना है।
वह भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने के लिए 30 अक्टूबर को ममित शहर में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। भाजपा नेता ने बताया, हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिजोरम की प्रस्तावित यात्रा का अस्थायी कार्यक्रम प्राप्त हो गया है। जल्द ही अंतिम दौरा कार्यक्रम की उम्मीद है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अमित शाह, जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी, किरेन रिजिजू, असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, त्रिपुरा सीएम माणिक साहा भाजपा के स्टार प्रचारकों में से हैं।
मिजोरम के लिए भाजपा के चुनाव प्रभारी नियुक्त किए गए किरेन रिजिजू पहले ही मिजोरम में कुछ चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। भाजपा ने भाषाई अल्पसंख्यक आबादी वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए 23 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, खासकर जहां रियांग और चकमा आदिवासी समुदाय के लोग मतदाता सूची में उचित संख्या में हैं।40 सदस्यीय मिजोरम विधानसभा के लिए चुनाव 7 नवंबर को होंगे और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी।
कुल मिलाकर 16 महिलाओं समेत 174 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ), मुख्य विपक्षी ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) और कांग्रेस ने 40-40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि आम आदमी पार्टी 4 सीटों पर और 27 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाश मैदान में हैं।
: अभिनेत्री से नेत्री बनीं गौतमी तडिमल्ला ने भाजपा छोड़ी
Tue, Oct 24, 2023
चेन्नई
जानी मानी तमिल अभिनेत्री गौतमी तडिमल्ला ने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ अपना 25 साल का नाता तोड़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य लोगों के अलावा पार्टी के एक वर्ग ने उस व्यक्ति का समर्थन किया जिसने उनके साथ धोखाधड़ी की थी।तडिमल्ला ने अपने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' में अपने अकाउंट पर अपलोड किए गए एक बयान में कहा कि पार्टी ने राज्य में 2021 के विधानसभा चुनावों में टिकट देने का आश्वासन अंतिम मिनट में ''रद्द'' कर दिया, इसके बावजूद वह भाजपा के लिए प्रतिबद्ध रहीं।उन्होंने कहा कि उन्होंने ''भारी मन और निराशा'' के साथ पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा और पार्टी की तमिलनाडु इकाई के प्रमुख के. अन्नामलाई सहित अन्य लोगों को टैग किया है।तडिमल्ला ने आरोप लगाया, ''एक विशेष व्यक्ति ने ''मेरे पैसे, संपत्ति और दस्तावेजों की धोखाधड़ी की। मुझे पार्टी और नेताओं से तो कोई समर्थन नहीं मिला, बल्कि मुझे यह पता चला है कि उनमें से कई लोग सक्रिय रूप से उसी व्यक्ति की मदद और समर्थन कर रहे हैं, जिसने मेरे विश्वास को धोखा दिया और मेरे जीवन की कमाई की धोखाधड़ी की।''उन्होंने एक बार फिर बताया कि उन्होंने इस धोखाधड़ी के बारे में पुलिस में शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और न्यायिक प्रणाली से उम्मीद है।गौतमी तडिमल्ला ने कहा कि उन्हें 2021 के चुनावों के दौरान राजपलायम निर्वाचन क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और वह आश्वस्त थीं कि उन्हें वहां से चुनाव मैदान में उतारा जाएगा, जिसके बाद उन्होंने खुद को जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए समर्पित कर दिया।उन्होंने कहा, ''हालांकि, चुनाव लड़ने का यह आश्वासन अंतिम समय में रद्द कर दिया गया। इसके बावजूद, मैंने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बरकरार रखी।'' उन्होंने खेद व्यक्त किया कि संगठन में 25 साल की सेवा के बाद भी कोई समर्थन नहीं मिला।तडिमल्ला के अनुसार, पार्टी के कई वरिष्ठ सदस्य उस व्यक्ति को ''सक्षम'' बना रहे थे जिसने उन्हें धोखा देकर ''न्याय को चकमा दिया और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी पिछले 40 दिनों से फरार है''। उन्होंने कहा कि वह ''बड़ी पीड़ा और दुख में लेकिन बहुत दृढ़ संकल्प के साथ'' इस्तीफा पत्र लिख रही हैं।
सी. अलगप्पन के खिलाफ दर्ज करवा चुकी हैं केस
अलगप्पन को लेकर एक्ट्रेस ने कहा कि उन्होंने उनके पैसे, प्रॉपर्टी और डॉक्यूमेंट्स के साथ ठगी की. उन्होंने कहा कि उन्हें तमिलनाडु सरकार और न्यायिक विभाग पर भरोसा है और वह अपने और अपने बच्चे के भविष्य के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही हैं. सितंबर में गौतमी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई कि वेलाचेरी में रहने वाले उनके परिचित सी. अलगप्पन और उनकी पत्नी नाचल ने 25 करोड़ रुपये और प्रॉपर्टी का गलत इस्तेमाल किया.गौतमी ने बताया कि तमिलनाडु में 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने उन्हें राजापलायम सीट का ऑफर दिया. उन्होंने बताया कि पार्टी की तरफ से इस बात का आश्वासन भी दिया गया कि सीट उनको दी जाएगी. हालांकि, आखिरी पलों में सीट नहीं दी गई. तमिल एक्ट्रेस ने कहा कि इन सब घटनाओं के बाद भी वह पार्टी की वफादार बनी रहीं. लेकिन जब उन्हें पार्टी की ओर समर्थन नहीं मिला, तो वह टूट गईं.
जीवन भर की कमाई को लूटा गया
जहां लग रहा है कि न केवल मुझे पार्टी और नेताओं से कोई समर्थन मिल रहा है। बल्कि ये लोग तो उस व्यक्ति की मदद कर रहे हैं। जिसने उनके विश्वास को धोखा दिया है और जीवन भर की कमाई को लूटा है। गौतमी तडिमल्ला ने बताया कि 17 साल की ऐज से वे सिनेमा, टेलीविजन, रेडियो और डिजिटल मीडिया से जुड़े थे। 37 साल तक इस फील्ड में काम किया। ताकि उनका गुजर बसर हो सके। बेटी का भविष्य भी संवार सकूं। आज मुझे और बेटी को सेफ होना चाहिए था।लेकिन मुझे ऐसा लग रहा है कि 20 साल पहले जिस श्री अलगप्पन ने मुझसे संपर्क किया था, उसने ही ठग लिया है। मेरे पैसे, संपत्ति ले ली है। जिस वक्त मुझसे संपर्क किया, मैं अनाथ हो चुकी थी। तब मैं भी बेटी की मां बन चुकी थी। उस आदमी ने मेरी देखभाल का भरोसा दिया और बड़ों की तरह खुद को पेश कर परिवार में शामिल कर लिया था। मैंने तब उसे कई जमीनों की बिक्री से जुड़े दस्तावेज सौंपे थे।
मुझे आज लग रहा है कि धोखा किया गया
लेकिन मुझे आज लग रहा है कि धोखा किया गया है। मुझे ऐसा लग रहा है मेरे और बेटी के साथ उन्होंने नाटक किया है। गौतमी तडिमल्ला ने बताया कि मैंने अपनी मेहनत की कमाई के लिए देश के कानूनों का पालन किया है। मुझे पूरा विश्वास है कि मुझे न्याय मिलेगा। मैंने प्रदेश के मुख्यमंत्री, पुलिस और न्यायिक प्रणाली में कई बार न्याय की अपील की है। लेकिन कार्रवाई की प्रक्रिया को जानकर लंबा खींचा जा रहा है।2021 के विधानसभा चुनाव में उनको भाजपा ने राजपालयम निर्वाचन क्षेत्र के विकास का काम सौंपा था। इस सीट से चुनाव लड़ने का आश्वासन भी दिया था। उन्होंने खुद को राजपालयम के लोगों और जमीन स्तर पर भाजपा को मजबूत करने के लिए काम किया। लेकिन अंतिम समय में टिकट काट दी। मैंने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता फिर भी बरकरार रखी।
25 साल की तपस्या बेकार गई