: पत्रकारों को अब आवास ऋण पर मिल सकेगा अनुदान, 30 लाख रुपए तक के आवास ऋण पर प्रतिमाह 5 प्रतिशत तक मिलेगा ब्याज अनुदान
Wed, Sep 27, 2023
रायपुर
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर अब प्रदेश में पत्रकार अब किफायती दर पर आवास का सपना पूरा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में की गई घोषणा पर अमल करते हुए जनसंपर्क विभाग द्वारा श्री ललित सुरजन संचार प्रतिनिधि आवास ऋण ब्याज अनुदान योजना राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। योजना अंतर्गत 30 लाख तक के आवास ऋण के लिए 5 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज अनुदान 5 वर्षों तक दिया जाएगा। यह योजना एक अप्रैल 2023 के बाद से क्रय मकान पर प्रभावशील होगी।राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार योजना का लाभ केवल आवासीय ऋण पर दिया जाएगा तथा क्रय किया जाने वाला मकान छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर होना चाहिए। ब्याज अनुदान अधिकतम 30 लाख रुपए के आवास ऋण की सीमा तक दिया जाएगा। संचार प्रतिनिधि द्वारा राष्ट्रीयकृत बैंकों, रिजर्व बैंक आफ इंडिया से अधिसूचित वित्तीय संस्थानों एवं सहकारी बैंकों से लिए गए आवास ऋण पर प्रतिमाह 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान 5 वर्षों तक दिया जाएगा। योजना का लाभ न्यूनतम 5 वर्ष से छत्तीसगढ़ में निवास कर दैनिक समाचार तथा टी.वी. न्यूज चैनल्स में पंजीकृत समाचार एजेंसियों के सम्पादकीय शाखा में कार्य कर रहे पूर्णकालिक तथा अंशकालिक संचार प्रतिनिधि तथा अधिमान्यता नियमों की अर्हतादायी शर्तों को पूरा करने वाले न्यूज पोर्टल्स के सम्पादक एवं स्वतंत्र पत्रकार ले सकेंगे।
संचार प्रतिनिधि स्वयं अथवा पत्नी के साथ संयुक्त नाम से आवास ऋण लें तभी होगी पात्रता
संचार प्रतिनिधि स्वयं अथवा पत्नी के साथ संयुक्त नाम से आवास ऋण लेने पर ही इस योजना की पात्रता होगी। योजना मात्र एक आवास ऋण में ही लागू होगी। किसी संचार प्रतिनिधि द्वारा पूर्व से अपने अथवा पत्नी के स्वामित्व का मकान योजना लागू होने के बाद अवयस्क/वयस्क संतान को अंतरित कर नया आवास लेने की दशा में योजना का लाभ नहीं मिलेगा। पूर्व से स्वीकृत आवास ऋण पटाकर नये आवास ऋण प्राप्त करने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा। संचार प्रतिनिधियों द्वारा नियमित ऋण एवं ब्याज अदायगी करने पर ही इस योजना का लाभ मिलेगा। डिफॉल्टर होने की स्थिति में योजना के लाभ की पात्रता स्वयमेव समाप्त हो जायेगी।
शपथ पत्र भी देना होगा
योजना में पात्रता के लिए स्वयं अथवा पत्नी, आश्रित पुत्र-पुत्री के नाम से कोई अन्य आवासीय भवन नहीं होना चाहिए। इस आशय का शपथ-पत्र देना होगा। शपथ पत्र के साथ संचार प्रतिनिधियों द्वारा रजिस्ट्रीकृत बैंकों अथवा रजिस्ट्रीकृत वित्तीय संस्थाओं से लिए गए ऋण स्वीकृति एवं ऋण वितरण के प्रमाणित अभिलेख जनसम्पर्क संचालनालय में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन के साथ प्रस्तुत करने होंगे।
नियमित भुगतान कर बैंक का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा
संचार प्रतिनिधियों द्वारा लिए गए ऋण पर मासिक किश्त का नियमित भुगतान स्वयं करना होगा, बैंकों को ऋण के मूल एवं ब्याज के नियमित भुगतान करने संबंधी बैंक का प्रमाण-पत्र जनसम्पर्क संचालनालय में प्रस्तुत करने पर प्रतिमाह 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान की गणना कर संबंधित पत्रकार के बैंक खातों में राशि दी जाएगी।
योजना राशि की गणना
ब्याज अनुदान की प्रतिपूर्ति त्रैमासिक की जाएगी किसी भी दशा में अनुदान राशि का भुगतान एकजाई नहीं किया जायेगा। आवास ऋण ब्याज अनुदान की गणना इस प्रकार होगी। इसमें वित्तीय वर्ष में बैंक में देय ब्याज को पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान से गुणा किया जाएगा। प्राप्त परिणाम को बैंक ब्याज प्रतिशत दर से भाग दिया जाएगा। आवास ऋण 30 लाख रुपए से अधिक होने की दशा में ब्याज अनुदान की गणना दो चरणों में की जाएगी। प्रथम चरण में अधिकतम 30 लाख रुपए की राशि तक की ब्याज गणना की जाएगी। इसमें योजनान्तर्गत अधिकतम राशि( 30 लाख रुपए) को वित्तीय वर्ष में स्वीकृत ऋण पर देयक ब्याज राशि से गुणा किया जाएगा। प्राप्त परिणाम को स्वीकृत आवास ऋण राशि से भाग दिया जाएगा। द्वितीय चरण में ब्याज अनुदान राशि की गणना की जाएगी। इसमें प्रथम चरण में गणना पश्चात प्राप्त ब्याज राशि को पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ गुणा किया जाएगा। प्राप्त परिणाम को बैंक ब्याज प्रतिशत दर से भाग दिया जाएगा।
योजना हेतु समिति करेगी अनुशंसा
प्रथम बार ब्याज अनुदान स्वीकृति के लिए संचालनालय में वरिष्ठ अधिकारियों की समिति विचार कर अनुशंसा करेगी। समिति में आयुक्त/ संचालक, जनसम्पर्क संचालनालय, अपर संचालक (पत्रकार कल्याण), अपर संचालक (समाचार), उप संचालक / संयुक्त संचालक (वित्त) शामिल होंगे।
योजना हेतु निर्णयात्मक शर्त/अधिकार
ब्याज अनुदान स्वीकृत करने के किसी भी प्रश्न पर तत्समय में प्रचलित अधिमान्यता नियमों में उल्लेखित संचार संस्थान एवं संचार प्रतिनिधि की अर्हतादायी शर्तों पर भी विचार किया जायेगा। ब्याज अनुदान स्वीकृत अथवा अस्वीकृत करने का अधिकार आयुक्त /संचालक, जनसम्पर्क को होगा।
: रायपुर में 30 सितंबर को निकलेगी झांकी, पुलिस करेगी ड्रोन से निगरानी
Wed, Sep 27, 2023
रायपुर.
राजधानी पुलिस ने गणेश विसर्जन और झांकी को लेकर गाइडलाइन तैयार की है। किसी भी हाल में बड़े गणेशोत्सव समितियों को एक अक्टूबर तक प्रतिमा विसर्जन करने के लिए कहा गया है। ऐसे में 30 सितंबर को राजधानी में गणेश झांकी निकलने की चर्चा तेज है।आगामी महीने में विधानसभा चुनाव है। ऐसे में राजनीतिक पार्टी से जुड़े लोगों की मूर्ति विसर्जन के लिए निकाली जाने वाली झांकियों में सहभागिता देखने को मिलेगी। झांकी और मूर्ति विसर्जन के दौरान बदमाशों द्वारा अपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस झांकी निकलने के तीन से चार दिन पूर्व बदमाशों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। सभी थानों में शाम को अपराधियों की हाजरी लगाई जा रही है।उल्लेखनीय है कि तीन साल से अपराध में लिप्त गुंडे बदमाशों की सूची तैयार की गई है। इसमें चाकूबाजी करने से लेकर मारपीट की घटनाओं में शामिल रहने वाले बदमाशों के अलावा मादक पदार्थों की अवैध कारोबार करने वाले बदमाशों के नाम शामिल है। पुलिस अफसर के अनुसार गणेश विसर्जन के पूर्व पुलिस की गुंडा लिस्ट में शामिल बदमाशों की धरपकड़ करने के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके साथ ही अड्डेबाजी करने करने वाले बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
सात सौ पुलिस बल की तैनाती
गणेश विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के सभी थानों के साथ ही पुलिस लाइन से सात सौ से ज्यादा पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही झांकियों में अलग से पुलिस बल लगाने की व्यवस्था की जाएगी। झांकियों में सादी वर्दी में भी एंट क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम को तैनात किया जाएगा।
भीड़ की ड्रोन से निगरानी करेंगे
पुलिस अफसर के अनुसार जयस्तंभ चौक, शारदा चौक, कोतवाली चौक, लाखेनगर चौक जहां झांकियां थोक के भाव में पहुंचते हैं वहां भीड़ का दबाव ज्यादा रहता है। ऐसी स्थिति में बदमाश आपराधिक घटना करने की फिराक में रहते हैं। उन स्थानों में एएसपी सिटी ने ड्रोन से निगरानी करने के अलावा अन्य संवेदनशील स्थानों पर बदमाशों की ड्रोन से निगरानी करने व्यवस्था करने की बात कही है।
गलियों के अंदर बाइक पेट्रोलिंग से होगी निगरानी
गणेश विसर्जन के दौरान निकलने वाली झांकियों की वजह से सड़कों में पैदल चलना मुश्किल होता है, ऐसी स्थिति में पुलिस को पेट्रोलिंग करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस की अलग-अलग टीम जिन रास्तों से होकर झांकी निकलेंगी। उन रास्तों को जोड़ने वाली गलियों में पुलिस बाइक से पेट्रोलिंग करेगी।
सिविल में तैनात रहेंगे जवान
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की विशेष टीम निगरानी करेगी। सभी सिविल में तैनात रहेंगे। संदेहियों को तत्काल पकड़कर कार्रवाई की जाएगी। झांकी के साथ चलेंगे।