: सीएम बघेल ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना का किया शुभारंभ
Wed, Oct 4, 2023
रायपुर.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को रायपुर से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जेईई और नीट प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना का शुभारंभ किया। इस कोचिंग के जरिये एलन संस्था के शिक्षकों द्वारा शासकीय स्कूलों में अध्ययरनत कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं की आनलाइन तैयारी कराई जाएगी।
शुभारंभ के अवसर पर बीआर साव स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूल से अपर कलेक्टर विजेन्द्र पाटले सहित संबंधित विभाग के अधिकारी, स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी वीडियो कान्फ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे।
जिला मिशन समन्वयक ओपी कौशिक ने बताया कि इस योजना के माध्यम से जिले के बीआर साव स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम स्कूल मुंगेली, महंत जगन्नाथ दास स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल लोरमी और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल पथरिया में जेईई तथा नीट प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। प्रत्येक स्कूलों में कोचिंग हेतु एक-एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जेईई और नीट प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए शासकीय स्कूलों के कक्षा 11वीं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले उत्तीर्ण 300 विद्यार्थियों का पंजीयन किया जाना है। जिसमें से 166 बच्चों का पंजीयन हो चुका है।
स्वामी आत्मानंद कोचिंग योजना के शुभारंभ के दौरान कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों में अच्छा-खासा उत्साह नजर आया। विद्यार्थियों ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री बघेल को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि अब हमें जेईई तथा नीट प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए जिले से बाहर जाना नहीं पड़ेगा।
बीआर साव स्कूल की व्याख्याता अनिता दीक्षित ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बच्चे पहले चाह कर भी जेईई-नीट की कोचिंग नहीं कर पाते थे, अब इस योजना का शुभारंभ होना बच्चों के करियर निर्माण में सहायक सिद्ध होगा। बीआर साव स्कूल के जिला नोडल राजेन्द्र सिंह क्षत्रिय ने कहा कि कोचिंग की शुरुआत होना नींव का पत्थर साबित होगा।
: बस्तर में फिर झूठ बोलकर प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिरा रहे : बैज
Wed, Oct 4, 2023
रायपुर
प्रधानमंत्री मोदी सत्ता की भूख में झूठ बोलकर प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिरा रहे है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद दीपक बैज ने कहा कि बस्तर में प्रधानमंत्री ने फिर झूठ बोला कि धान केंद्र सरकार खरीदती है जबकि धान खरीदी भूपेश सरकार अपने दम पर करती है। प्रधानमंत्री ने झूठ बोला कि वनोपज केंद्र सरकार खरीदती है जबकि हकीकत यह है कि वनोपज राज्य सरकार खरीदती है और देश का 70 प्रतिशत वनोपज अकेले भूपेश सरकार खरीदती है। प्रधानमंत्री नगरनार संयंत्र नहीं बेचने के संबंध में कुछ नहीं बोले उल्टा विनिवेशीकरण का फायदा गिनाकर गये। इसका मतलब है मोदी सरकार बस्तर के लोगों के भावनाओं के खिलाफ नगरनार संयंत्र को बेचेगी। मोदी ने 15 साल के भ्रष्टाचार, कुशासन और बस्तर के शोषण के लिये बस्तर की जनता से माफी नहीं मांगा। बस्तर के आदिवासियों का भाजपा राज में जो कत्लेआम हुआ था उस पर भी प्रधानमंत्री चुप रहे।
बैज ने कहा कि मोदी ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति में भेदभाव कर रहे थे। जब वोट लेने की बारी आती है तब मोदी जी स्वयं ओबीसी बन जाते हैं और जब अधिकार देने की बारी आती है तो हिंदू-मुस्लिम की बात करके वैमनस्यता फैलाते हैं। सांप्रदायिकता का जहर घोलने का कुत्सित प्रयास संवैधानिक पद पर बैठे देश के प्रधानमंत्री ने किया। यह मानसिकता कितनी खतरनाक है, जिसमें केवल चुनावी लाभ के लिए एक प्रधानमंत्री ही झूठ बोल देता है, तो नीचे वाले संघी भाजपाइयों से कोई उम्मीद नहीं। प्रधानमंत्री पद की गरिमा को तार-तार कर दिए। कांग्रेस की भूपेश सरकार ने सर्व समाज के लिये आरक्षण का प्रावधान कर विधानसभा से पारित करवा कर राजभवन भेजा है जिसमें आदिवासी समाज के लिये 32 प्रतिशत, ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिये 13 प्रतिशत, सामान्य गरीब वर्ग के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। मोदी ने यह नहीं बताया कि उन्होंने आरक्षण बिल को राजभवन में क्यों रोकवा कर रखा है?
उन्होंने कहा कि केंद्र सूची के विषय पर राज्य की सरकार पर आरोप लगाकर एक बार फिर मोदी जानबूझकर गलत बयानी की। 2016-17 में जब केंद्र की मोदी सरकार थी और राज्य में रमन सिंह की सरकार थी तब छत्तीसगढ़ के नंदराज पहाड़ और वहां के लौह अयस्क को अदानी को बेचा गया। कांग्रेस ने उस समय भी विरोध किया था और सरकार में आने के बाद नंदीराज पहाड़ लीज को निरस्त करने बाकायदा प्रस्ताव केंद्र की सरकार को भेजा लेकिन उस पर आज तक मोदी सरकार मौन है, उल्टे गलत बयानी कर रहे हैं।
गरनार प्लांट के विनिवेश के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने 2017 में ईओआई जारी किया। बेचने की प्रक्रिया इस साल शुरू कर दी गई। इस ईओआई में टाटा, जिंदल, जेएसडब्ल्यू, अडानी समूह में बिड किया, अडानी के प्रतिनिधि प्लांट इंस्पेक्शन के लिए भी आए थे। 2017 में 20 हजार करोड़ से अधिक के लागत से बने इस एनएमडीसी के नगरनार प्लांट का निजीकरण करने के मोदी सरकार के कुत्सित प्रयासों का कांग्रेस ने आरंभ से ही विरोध किया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 2017 में विपक्ष में रहते हुए अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया और फिर सरकार में आने के बाद भूपेश सरकार ने शासकीय संकल्प पारित कर केंद्र को भेजा है। भूपेश सरकार ने आग्रह किया है कि सार्वजनिक उपक्रम एनएमडीसी का नगरनार संयंत्र निजी कंपनियों को नहीं बचा जाए, यदि केंद्र की सरकार नहीं चला पा रही है तो राज्य सरकार को दे दे, लेकिन अडानी प्रेम में केंद्र की मोदी सरकार जानबूझकर ऐसी ईओआई जारी किया है, कि राज्य सरकार को बिड से दूर रखकर नगरनार प्लांट मोदी अपने मित्र को दे सके।
बैज ने कहा कि इससे पहले छत्तीसगढ़ में हसदेव अरण्य और तमोर पिंगला के नो गो एरिया को संकुचित कर केंद्र की मोदी सरकार ने कोल माइनिंग शुरू की। मोदी सरकार आने के बाद देश के भीतर पहली बार कमर्शियल माइनिंग शुरू किया। कोल इंडिया लिमिटेड और एसईसीएल जैसे नवरत्न कंपनियों में खदान का काम अडानी को दिए गए। नो गो एरिया को संकुचित कर अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने 2006 के वन अधिकार अधिनियम को शिथिल किया, आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन के अधिकार से वंचित किया। परसा कोल ब्लॉक सहित हसदेव अरण्य क्षेत्र के पांच कोल ब्लाकों का आबंटन निरस्त करने के लिये भूपेश बघेल सरकार ने विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर 27 जुलाई 2022 को केंद्र की मोदी सरकार को भेजा है लेकिन 1 साल से अधिक समय से उस पर भी मोदी सरकार मौन है। असलियत यही है कि मोदी सरकार का फोकस अपने मित्रों के लाभ पर है, और छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधनों को अडानी को सौपना चाहती है।
: मोदी से आंख नहीं मिला सकते भूपेश और उनके मंत्री : PM
Wed, Oct 4, 2023
जगदलपुर.
विधानसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में स्टील प्लांट समेत कई सौगात देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूपेश बघेल सरकार पर जोरदार हमला किया। पीएम मोदी ने सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री या किसी मंत्री के नहीं आने पर तंज कसते हुए कहा कि वो उनसे आंख नहीं मिला सकते हैं, इसलिए नहीं आए।
जगदलपुर में PM मोदी ने कहा, 'आज यहां बहुत बड़े और देश के आधुनिकतम स्टील कारखाने का लोकार्पण हुआ है... इतना बड़ा कार्यक्रम था लेकिन छत्तीसगढ़ के एक भी मंत्री, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री नहीं आए... आपकी भलाई के काम में सरकार को आना चाहिए कि नहीं। आपका यदि भला चाहते हैं तो आकर बैठना चाहिए था कि नहीं। इनके न आने के पीछे दो कारण है- एक, उन्हें अपनी सरकार जाने की इतनी चिंता है कि उनके पास यहां आने का समय नहीं है, सरकार बचाने में लगे हैं और दूसरा कारण है, ये मोदी है... अगर मोदी के सामने जाना है तो कोई आकंठ भ्रष्टाचारी आंख नहीं मिल सकता है। इसलिए वो आने से डरते हैं, भाग जाते हैं।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगदलपुर शहर में एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के नगरनार इस्पात संयंत्र के लोकार्पण समेत 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसके बाद उन्होंने उसी स्थान पर एक अलग मंच से भाजपा की 'परिवर्तन महासंकल्प रैली' को संबोधित किया। इससे पहले 15 सितंबर को पीएम मोदी रायगढ़ में छत्तीसगढ़ को 6350 करोड़ रुपए का तोहपा देने आए थे तो कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने कभी भेदभाव नहीं किया।