: CG में चुनावी तैयारी को लेकर आइजी व कप्तान ने ली बैठक
Mon, Oct 9, 2023
रायपुर .
विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर रायपुर पुलिस की रविवार को पहली बैठक हुई। रायपुर रेंज के आइजी रतनलाल डांगी और एसएसपी प्रशांत अग्रवाल ने सिविल लाइन स्थित सी-फोर सभाकक्ष में जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों की बैठक लेकर चुनावी रैलियों, वीआइपी के प्रवास, प्रदर्शन आदि के दौरान अलर्ट रहकर संयम पूर्वक कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
आइजी डांगी ने चुनावी आमसभाओं, चुनाव से संबंधित हर छोटी घटना को ध्यान में रखकर सख्ती से वैधानिक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि शराब, नशीले पदार्थ और चुनाव से संबंधित सामान का अवैध परिवहन रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करें।
पोस्टल बैलेट का उपयोग करने की जानकारी दी
चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को पोस्टल बैलेट के माध्यम से अनिवार्य रूप से मतदान करने की भी अपील की। वहीं, डेमो देकर समझाया गया कि प्रशासन द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी के जरिए पोस्टल बैलेट का उपयोग कैसे करें।
थाना क्षेत्रों में प्वाइंट बढ़ाने के निर्देश
एसएसपी ने गुंडे, निगरानी बदमाश, असामाजिक तत्वों के विरुद्ध अधिक से अधिक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने को कहा ताकि कोई घटना न घटे। रात्रि गश्त पूरी मुस्तैदी के साथ करते हुए सभी थाना क्षेत्रों में प्वाइंट बढ़ाने के निर्देश दिए।
: आजCM भूपेश होंगे दिल्ली CWC की बैठक में शामिल
Mon, Oct 9, 2023
रायपुर .
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की दूसरी बैठक आज दिल्ली में होने जा रही है. सोमवार को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक का मुख्य मुद्दा राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम चुनाव को लेकर रणनीति बनाना होगा, क्योंकि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश राज्य के चुनाव को लेकर राहुल गांधी साफ कर चुके हैं कि उन प्रदेशों में कांग्रेस मजबूत है. वहीं, राजस्थान में भाजपा के साथ सत्ताधारी दल कांग्रेस की नजदीकी लड़ाई है. ऐसे में राजस्थान में विधानसभा चुनाव कैसे जीते जाएं, उसके लिए रणनीति में क्या बदलाव किया जाए, इसे लेकर भी चर्चा होना संभावित है.
कांग्रेस वर्किंग कमेटी में हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शामिल नहीं हैं, लेकिन आज उन्हें भी इस बैठक में आमंत्रित किया गया है. मतलब साफ है कि सोमवार की कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राजस्थान के चुनाव भी अहम मुद्दा रहेंगे.
पायलट, भंवर जितेंद्र और मालवीय कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य : राजस्थान के जो नेता कांग्रेस वर्किंग कमेटी में शामिल किए गए हैं, उनमें सचिन पायलट, भंवर जितेंद्र और महेंद्रजीत सिंह मालवीय हैं. इनके साथ ही इस समिति की बैठक में प्रभारी के तौर पर राजस्थान के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पंजाब के प्रभारी हरीश चौधरी और कांग्रेस नेता मोहन प्रकाश शामिल होंगे.
टिकट पर होगा अलग से मंथन, इसीलिए डोटासरा भी पहुंचे दिल्ली : राजस्थान कांग्रेस की टिकट वितरण प्रक्रिया भी राजस्थान से निकलकर जल्द ही दिल्ली पहुंच जाएगी. पहले राजस्थान प्रदेश इलेक्शन कमेटी की बैठक होगी, जिसमें तीन-तीन नाम के पैनल के साथ ही एक लाइन का प्रस्ताव स्क्रीनिंग कमेटी को सौंप दिया जाएगा कि जो निर्णय कांग्रेस आलाकमान टिकट को लेकर करेगा वह उन्हें मंजूर होगा. ऐसे में दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के अलावा भी राजस्थान के चुनावी गणित को लेकर अलग से बैठकर हो सकती है. यही कारण है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी दिल्ली पहुंच गए हैं.
: आयोग ने जारी की छत्तीसगढ़ राज्य की चुनावी तारीख, जानें डेट और कब आएगा रिजल्ट
Mon, Oct 9, 2023
रायपुर .
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान हो गया है. छत्तीसगढ़ में दो फेज में वोट डाले जाएंगे. सूबे में 7 और 17 नवंबर को वोटिंग होगी. छत्तीसगढ़ विधानसभा की 90 सीटों के चुनाव नतीजे 3 दिसंबर को मतगणना के बाद आएंगे. सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), दोनों ही पार्टियां अगले पांच साल तक सरकार चलाने का जनादेश प्राप्त करने के लिए पहले से ही चुनावी मोड में हैं. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस भरोसे की सरकार अभियान चला रही है तो वहीं बीजेपी ने भी परिवर्तन यात्राओं के जरिए माहौल बनाने की कवायद की है.
बीजेपी की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी की जनसभाएं हो रही हैं, पार्टी के उम्मीदवारों की एक सूची भी जारी हो चुकी है. वहीं, सत्ताधारी कांग्रेस उम्मीदवार घोषित करने के मामले में थोड़ा पीछे नजर आ रही है. कांग्रेस सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व की जगह सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात कर रही है. छत्तीसगढ़ में 2018 से 2023 तक सियासी सीन कितना बदला? इसकी चर्चा से पहले नजर डाल लेते हैं 2018 के चुनाव परिणाम पर.
2018 में खत्म हुआ था कांग्रेस का सूखा
2018 के चुनाव में बीजेपी की ओर से डॉक्टर रमन सिंह मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरा थे. बीजेपी सत्ताधारी दल के रूप में चुनाव मैदान में उतरी थी. सूबे में 15 साल से बीजेपी की सरकार थी और डॉक्टर रमन सिंह तीन बार के मुख्यमंत्री थे. बीजेपी के उलट कांग्रेस ने सीएम फेस के लिए कोई चेहरा आगे किए बिना चुनाव लड़ा. तब छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष रहे भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू जैसे नेताओं ने मिलकर चुनाव अभियान की अगुवाई की और नतीजा ये रहा कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ की सत्ता से 15 साल का सूखा खत्म करने में सफल रही.
कांग्रेस 43.9 फीसदी वोट शेयर के साथ 68 सीटें जीतने में सफल रही. 15 साल सरकार चलाने के बाद बीजेपी 15 सीट पर सिमट गई. बीजेपी को 33.6 फीसदी वोट मिले थे. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ को 7.8 फीसदी वोट शेयर के साथ पांच सीटें मिली थीं. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को भी 3.9 फीसदी वोट मिले थे. बसपा छत्तीसगढ़ चुनाव में दो सीटें जीतने में सफल रही थी.
2018 से कितनी बदल गई है तस्वीर
छत्तीसगढ़ पांच साल बाद फिर से चुनाव के मुहाने पर खड़ा है. 2018 के चुनाव के मुकाबले देखें तो 2023 में तस्वीर बिल्कुल उलट है. तब विपक्ष में रही कांग्रेस में है और 15 साल की सत्ताधारी बीजेपी इसबार विपक्ष में है. 2018 में नेतृत्व को लेकर जो सवाल कांग्रेस के लिए उठते थे, आज वही सवाल बीजेपी के लिए उठ रहे हैं. छत्तीसगढ़ चुनाव में अजीत जोगी की जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने बसपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था.
इसबार गठबंधन का गणित बदल गया और अजित जोगी भी नहीं हैं. बसपा ने इसबार गोंगपा के साथ गठबंधन किया है. वहीं, कांग्रेस से भी कई पुराने दिग्गज किनारा कर चुके हैं. टीएस सिंहदेव की नाराजगी की खबरें भी आती रही हैं. बदले हालात में कांग्रेस सत्ता बचाए रखने के लिए पूरा जोर लगा रही है.