: सरस्वती साइकिल योजना से विद्यालय की दूरी कम हुई
Mon, Jul 29, 2024
कांकेर | शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अभनपुर में सरस्वती साइकिल योजना के तहत अतिथियों के कर कमलों द्वारा वितरण किया गया।मुख्य अतिथि तारा ठाकुर ने कहा कि यह योजना छात्राओं को सुगमता पूर्वक विद्यालय पहुंचने में परेशानी न हो,ध्यान में रखकर बनाया गया है।इससे घर से विद्यालय की दूरी कम हुई है।क्योंकि बेटियों को घर में भी हाथ बटाना पड़ता है।आज एक राष्ट्रपति के पद पर महामहिम श्री मती द्रोपदी मुर्मू भी आप जैसी सामान्य परिवार से ही पद पर आसीन हैं। हीरा मरकाम पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि बेटियां परिवार का नाम रोशन करने में सबसे आगे हैं।वे दोनों कुल को शिक्षित भी करेंगी।श्री भाऊ राम भास्कर सरपंच ने कहा कि बेटियां इस साइकिल का रख रखाव सही तरीके से करें यह आपका सच्चा साथी है,साथी वही है जो हमें अपनी मंजिल तक सुरक्षित पहुंचाने हमारी मदद करे। टिकेश्वर सिन्हा उपसरपंच ने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान और प्रौद्योगिकी का है जिसमे हमारी बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी हैं।परिवार में रौशनी बेटियों से ही होती है।श्री जी एस नेताम पूर्व शाला समिति अध्यक्ष ने कहा कि साधन हमारे शिक्षा में मददगार साबित हो रही है।हम साधनों को बेहतरी के रूप मे उपयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यक्रम में सगे सिंह वट्टी ब्लॉक अध्यक्ष गोंडवाना समिति, मन्नू राम भास्कर, अजय नेताम, आर पी नेताम प्र बी एल साहू संकुल प्राचार्य अभनपुर,संस्था के समस्त स्टाफ,छात्राएं उपस्थित थे।
: मुंगेली जिले में बारिश ने स्कूल जतन योजना की खोल दी पोल..
Mon, Jul 29, 2024
मुंगेली | मुंगेली स्कूल जतन योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे को सुविधाजनक बनाना और विकसित करना है। 2033 करोड़ रुपये के बजट के साथ, इस योजना का उद्देश्य छात्रों के लिए सुविधाजनक और अनुकूल वातावरण बनाना है।
मुंगेली जिले में भी स्कूल जतन योजना के तहत करोडों रुपए खर्च करके स्कूलों का मरम्मत कार्य किया गया जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
ग्राम पंचायत पलानसरी हरियरपुर प्राइमरी स्कूल के क्लास रूम और मैदान में पूरा पानी भरा हुआ हैं। स्कूल से पानी को बाहर निकलने के लिए कोई नाली की व्यवस्था नहीं हैं औऱ ना ही स्कूल के बाहर में कोई पानी निकासी के लिए नाली हैं।
इस ओर ग्राम के पंचायत और अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं हैं। जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर असर पड़ रहा हैं यहाँ के शिक्षकों के द्वारा स्वयं पानी को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा हैं।स्कूल जतन योजना कार्य पूर्ण नहीं ठेकेदारों को मिला पूरे रकम..
बता दे कि मुंगेली जिले में अधिकांश स्कूलों में स्कूल जतन योजना के तहत मरम्मत कार्य किया गया लेकिन कार्य पूर्ण नही किया गया। फिर भी RES के अधिकारियों से मिलीभगत कर रकम ठेकेदारों को दे दिया गया। जो कि जांच का विषय है।
कलेक्टर के आदेश पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूलों का किया निरीक्षण..
बता दें कि बीते दो माह से लगातार शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मुंगेली कलेक्टर के आदेश का पालन करते हुए जतन योजना के तहत मरम्मत हुए स्कूलों का निरीक्षण किया जहां पर कार्य पूर्ण नहीं हुआ वहां ठेकेदारों को फिर से काम करने का आदेशित किया गया जिससे साफ जाहिर होता है कि बिना काम के ही ठेकेदारों को लाभ पहुंचा दिया गया।
: ग्राम कुदमुरा में ग्राम धरमजयगढ़ से फिर आ हाथियों का प्रवेश
Mon, Jul 29, 2024
कोरबा । कोरबा वनमंडल के कुदमुरा रेंज में हाथी समस्या समाप्त होने का नाम ही नही ले रही है। मांड नदी के पार कर धरमजयगढ़ वन मंडल की ओर गए 7 हाथियों के दल ने फिर वापस आकर कुदमुरा जंगल में डेरा डाल दिया, जबकि तीन हाथी गीतकुंवारी क्षेत्र में विचरण कर रहे है। एक हाथी पहले से कुदमुरा में मौजूद है। बड़ी संख्या में हाथियों के फिर पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वे डर के मारे अपने खेतों में नही पहुंच रहे है।
हालांकि वन विभाग द्वारा इन हाथियों की निगरानी की जा रही है। फिर भी ग्रामीणों को डर है कि कहीं हाथी वन विभाग के अमले को चकमा देकर उनकी बस्ती में न पहुंच जाए और जानमाल को नुकसान न पहुंचा दे। 7 हाथियों के इस दल ने दो दिन पूर्व धरमजयगढ़ का रूख किया था । लगभग 24 घंटे वहां के जंगल में घूमने के बाद मांड नदी को पार करने के बाद जंगल ही जंगल विचरण करते हुए कुदमुरा बीट के कक्ष क्रमांक 1140 में डेरा डाल दिया। हाथियों ने यहां पहुंचने के तत्काल बाद कोई नुकसान पहुंचाया है। उधर करतला वन परिक्षेत्र के लबेद जंगल में एक दंतैल के डेरा डालने से ग्रामीणों को खतरा बना हुआ है। वनविभाग द्वारा इस दंतैल की निगरानी लगातार की जा रही है। वन विभाग का यह प्रयास है कि दंतैल जंगल में ही विचरण करता है। और आबादी वाले क्षेत्रों में न पहुंचने पाए।