: विकसित भारत@2047 की ड्राइविंग फोर्स युवा
Tue, Dec 12, 2023
भोपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि विकसित भारत@2047 की ड्राइविंग फोर्स युवा है। उन्होंने शिक्षा जगत के हितधारकों से कहा है कि युवाओं की तेजस्विता को पहचानें। युवाओं को उनकी अपार क्षमताओं का विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तुत करने का अवसर दें। उनके विचारों और सुझावों को राष्ट्र निर्माण की दिशा में शामिल करें।
राज्यपाल पटेल कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशन कंवेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव शिक्षा के.सी. गुप्ता और राज्यपाल के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा मौजूद थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दुनिया बहुत बड़ी है। भारत को सभी क्षेत्रों में विकसित बनाना होगा। राष्ट्र की प्रगति को समाज की अंतिम कड़ी वंचित वर्गो तक पहुँचाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि समाज में समावेशी विकास की सोच जरूरी है, जिसमें विकास की मुख्यधारा में पीछे छूट गए लोगों समुदायों को प्राथमिकता के साथ आगे लाना होगा। उन्होंने कहा कि देश तेजी से बदल रहा है। महिलाएं राष्ट्र के विकास में तेजी से सहभागी हो रही है। महिला स्वसहायता समूहों के साथ संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाएं स्वावलंबन और नेतृत्व की नई इबारत लिख रही है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने युवाओं को उनकी बौद्धिक शारीरिक क्षमता का सर्वश्रेष्ठ योगदान राष्ट्र निर्माण में देने का आव्हान किया। भारत को विश्व गुरु बनाने में उनके योगदान की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश आज इतिहास के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। देश अपनी क्षमताओं के प्रति आश्वस्त होकर भविष्य की ओर बढ़ रहा है। साफ दिख रहा है कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। आवश्यकता सबके सामूहिक और एक जुट प्रयासों की है। उन्होंने देश के सैन्य शक्ति, अर्थव्यवस्था, ग्रामीण तथा शहरी विकास, गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रकचर सतत विकास और वैश्विक स्तर पर भारत की उपलब्धियों की जानकारी दी।
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा के.सी. गुप्ता ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि माय गॉव पोर्टल पर विभिन्न विषयों के संकल्पना पत्र उपलब्ध है। विश्वविद्यालय उन पर छात्र-छात्राओं के चिंतन कार्यक्रम आयोजित करे। विद्यार्थियों को सुझावों के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करे। उन्हें पुरस्कृत भी करे। आभार प्रदर्शन बरकतउल्लाह के कुलसचिव ने किया।
पटेल का शॉल और श्रीफल से अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक, विद्वान और विद्यार्थियों ने आभासी माध्यम से भी सहभागिता की।
: युवाओं के नवीन विचारों को राष्ट्र निर्माण में शामिल करना होगा : हरिचंदन
Tue, Dec 12, 2023
रायपुर
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में विकसित भारत 2047 आइडियास पहल का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण राजभवन में आयोजित किया गया। युवाओं को विकसित भारत विजन-2047 से जोडने के लिए युवाओं की आवाज पर एक कार्यशाला भी आयोजित की गई। कार्यशाला में विकसित भारत, सशक्त भारतीय, सम्पन्न और टिकाऊ अर्थव्यवस्था सुशासन एवं सुरक्षा, तथा विश्व में भारत आदि विषयों पर चर्चा की जायेगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने वर्चुअल संबोधन में नया भारत और नया विश्व के सृजन हेतु इस विजन को जनआंदोलन बनाने का आव्हान किया। श्री मोदी ने शिक्षा जगत के महानुभावों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों की भूमिका व्यक्तित्व निर्माण की होती है और व्यक्तित्व के निर्माण से राष्ट्र निर्माण होता है। श्री मोदी ने कहा कि आज हर युवा को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे जो भी करेंगे, एक विकसित भारत के निर्माण के लिए करेंगे। आजादी के लिए नई चेतना का संचार करने में लिए विश्वविद्यालयों ने अहम भूमिका निभाई थी। आज विश्वविद्यालयों को विचार करना है कि भारत विकसित बनने के लिए तेजी से आगे बढ़े। देश की युवा ऊर्जा विकसित भारत ञ्च2047 के विजन में योगदान के लिए अपने दायरे से बाहर आकर सोचना होगा।
कार्यशाला में उपस्थित विद्ववजनों को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए मिशन मोड में काम करने की आवश्यकता है। इस मिशन में योगदान देने के लिए युवाओं को आमंत्रित करके उनके नवीन विचारों को राष्ट्र निर्माण में शामिल करना महत्वपूर्ण है। इसके बारे में विश्वविद्यालय के शिक्षाविद् विचार करें। राज्यपाल ने कहा कि यह भारत का अमृत काल है। पिछले वर्षो में समग्र शिक्षा और विश्वविद्यालयों आई.आई.टी., आई.आई.एम, मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों, कौशल विकास और अन्य कई योजनाओं तथा नीतियों के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक ढ़ांचे में बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ है।
राज्यपाल ने कहा कि 144 करोड़ की आबादी के साथ, भारत 29 वर्ष की औसत आयु के साथ सबसे युवा देशों में से एक है। यह दुनिया की कुल युवा आबादी का लगभग 20 प्रतिशत है। यह एक बहुत बड़ा अवसर है, जिसके 2047 तक बने रहने की संभावना है। इस लाभांश का अच्छी तरह से उपयोग करके, हम भारत को एक विकसित और सशक्त भारत के रूप में आगे बढ़ा सकते हैं।
कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्ववानों विकसित भारत की 2047 की परिकल्पना पर व्याख्यान दिया। जिसमें एम्स रायपुर की डीन डॉ. सरिता अग्रवाल, आई.आई.आई.टी नया रायपुर के डीन डॉ. राजेश इंगले, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिसद के वैज्ञानिक डॉ. अमित दुबे, एन.आई.टी रायपुर के डॉ. समीर वाजपेयी, श्री शशांक जाखोदिया, डॉ. रविन्द्र कुमार सिंह, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी वातार्कार के रूप में शामिल हुये। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव श्री अमृत कुमार खलखो, उप सचिव श्री दीपक अग्रवाल, राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण, डीन, फैकल्टी मेम्बर्स प्राध्यापकगण उपस्थित थे।
: प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 आइडियास का शुभारंभ किया
Tue, Dec 12, 2023
रायपुर
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में विकसित भारत 2047 आइडियास पहल का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण राजभवन में आयोजित किया गया। युवाओं को विकसित भारत विजन-2047 से जोडने के लिए युवाओं की आवाज पर एक कार्यशाला भी आयोजित की गई। कार्यशाला में विकसित भारत, सशक्त भारतीय, सम्पन्न और टिकाऊ अर्थव्यवस्था सुशासन एवं सुरक्षा, तथा विश्व में भारत आदि विषयों पर चर्चा की जायेगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने वर्चुअल संबोधन में नया भारत और नया विश्व के सृजन हेतु इस विजन को जनआंदोलन बनाने का आव्हान किया। श्री मोदी ने शिक्षा जगत के महानुभावों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों की भूमिका व्यक्तित्व निर्माण की होती है और व्यक्तित्व के निर्माण से राष्ट्र निर्माण होता है। श्री मोदी ने कहा कि आज हर युवा को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे जो भी करेंगे, एक विकसित भारत के निर्माण के लिए करेंगे। आजादी के लिए नई चेतना का संचार करने में लिए विश्वविद्यालयों ने अहम भूमिका निभाई थी। आज विश्वविद्यालयों को विचार करना है कि भारत विकसित बनने के लिए तेजी से आगे बढ़े। देश की युवा ऊर्जा विकसित भारत ञ्च2047 के विजन में योगदान के लिए अपने दायरे से बाहर आकर सोचना होगा।
कार्यशाला में उपस्थित विद्ववजनों को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए मिशन मोड में काम करने की आवश्यकता है। इस मिशन में योगदान देने के लिए युवाओं को आमंत्रित करके उनके नवीन विचारों को राष्ट्र निर्माण में शामिल करना महत्वपूर्ण है। इसके बारे में विश्वविद्यालय के शिक्षाविद् विचार करें। राज्यपाल ने कहा कि यह भारत का अमृत काल है। पिछले वर्षो में समग्र शिक्षा और विश्वविद्यालयों आई.आई.टी., आई.आई.एम, मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों, कौशल विकास और अन्य कई योजनाओं तथा नीतियों के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक ढ़ांचे में बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ है।
राज्यपाल ने कहा कि 144 करोड़ की आबादी के साथ, भारत 29 वर्ष की औसत आयु के साथ सबसे युवा देशों में से एक है। यह दुनिया की कुल युवा आबादी का लगभग 20 प्रतिशत है। यह एक बहुत बड़ा अवसर है, जिसके 2047 तक बने रहने की संभावना है। इस लाभांश का अच्छी तरह से उपयोग करके, हम भारत को एक विकसित और सशक्त भारत के रूप में आगे बढ़ा सकते हैं।
कार्यशाला में विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्ववानों विकसित भारत की 2047 की परिकल्पना पर व्याख्यान दिया। जिसमें एम्स रायपुर की डीन डॉ. सरिता अग्रवाल, आई.आई.आई.टी नया रायपुर के डीन डॉ. राजेश इंगले, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिसद के वैज्ञानिक डॉ. अमित दुबे, एन.आई.टी रायपुर के डॉ. समीर वाजपेयी, श्री शशांक जाखोदिया, डॉ. रविन्द्र कुमार सिंह, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी वातार्कार के रूप में शामिल हुये। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव श्री अमृत कुमार खलखो, उप सचिव श्री दीपक अग्रवाल, राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण, डीन, फैकल्टी मेम्बर्स प्राध्यापकगण उपस्थित थे।