: टीकमगढ़ जिले की ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी में हुई बढ़ोत्तरी
Mon, Dec 18, 2023
अहेरा पर्यटन जोन में चीतों की मौजूदगी से अब पर्यटक चीतों को देख सकेंगे
भोपाल
मुख्य वन संरक्षक सिंह परियोजना, शिवपुरी ने बताया कि दो नर चीता अग्नि और वायु को कूनो राष्ट्रीय उद्यान के पारोंद वन क्षेत्र में सफलतापूर्वक छोड़ा गया। दोनों चीते पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं। पारोंद वन क्षेत्र अहेरा पर्यटन जोन के अंतर्गत है। पर्यटन जोन में चीतों की मौजूदगी से अब पर्यटक चीतों को देख सकेंगे।
टीकमगढ़ जिले की ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी में हुई बढ़ोत्तरी
टीकमगढ़ में अतिरिक्त 160 एमव्हीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर
भोपाल
एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने 220 के.व्ही. सब-स्टेशन टीकमगढ़ में अनुमानित लागत 5 करोड़ 77 लाख रूपये से 160 एमव्हीए क्षमता का एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया।
एम.पी. ट्रांसको टीकमगढ़ के कार्यपालन अभियंता श्री आर.पी. कान्यकुब्ज ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से जतारा, दिगोदा, बुढैरा, टीकमगढ़, बड़ा मलहरा एवं पृथ्वीपुर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचेगा। अब उन्हें उचित गुणवत्ता की विद्युत आपूर्ति हो सकेगी।
टीकमगढ़ जिले की ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी में हुई बढ़ोत्तरी
ट्रांसफार्मर के प्रारंभ हो जाने से टीकमगढ़ सब-स्टेशन की क्षमता बढ़कर 540 एमव्हीए की हो गई है। जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी बढ़कर 793 एमव्हीए की हो गई है। जिले में एम.पी. ट्रांसको अपने 5 अति उच्चदाब सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत ट्रांसमिशन करती है।
एम.पी. ट्रांसको के 416 सब-स्टेशनों से होता है प्रदेश में विद्युत ट्रांसमिशन
एम.पी. ट्रांसको प्रदेश में 416 अति उच्चदाब सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत ट्रांसमिशन करती है, जिसमें 400 के.व्ही. के 14, 220 के.व्ही. के 88 एवं 132 के.व्ही. के 214 सब-स्टेशन क्रियाशील हैं।
78 हजार 947 एमव्हीए हो गई है कुल स्थापित केपेसिटी
एमपी ट्रांसको की कुल स्थापित ट्रांसफारमेशन केपेसिटी बढ़कर अब 78947 एमव्हीए की हो गई है।
: मंत्रिमंडल : नए, पुराने को मिलेगा मौका- मुख्यमंत्री
Mon, Dec 18, 2023
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार के मंत्रिमंडल के 10 सदस्यों के नाम को लेकर अभी भी चर्चाओं का बाजार गरम है।
इसी बीच दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर रायपुर लौटे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बड़ा बयान दिया है।
रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में सीएम साय ने कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है, कुछ चर्चाएं हुई हैं बहुत जल्द मंत्रिमंडल का गठन होगा। नए और पुराने दोनों चेहरे को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी। सीएम साय समेत उप मुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा ने रविवार को दिल्ली में हाईकमान से मुलाकात की।
: राष्ट्र की समृद्धि में संजीवनी बनेगा मशरूम-संवर्द्धन- वाजपेयी
Mon, Dec 18, 2023
बिलासपुर।
डी.एल.एस. महाविद्यालय में 'मशरूम की खेती में आर्थिक और संभावित लाभों में हालिया प्रगति' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी, कुलपति अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर, मुख्य वक्ता (की-नोट स्पीकर) प्रोफे. ए.के. पाण्डेय कुलपति विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन, विशिष्ट अतिथि डॉ. लतिका भाटिया, कोआर्डिनेटर इन्डियन साइंस कांग्रेस एसोसिएशन बिलासपुर चैप्टर व वरिष्ठ प्रोफेसर आर वी शुक्ला, सभापति के रूप में श्रीमती निशा बसन्त शर्मा चेयरमैन डी एल एस महाविद्यालय रहीं व अध्यक्षता प्राचार्य डॉ रंजना चतुर्वेदी ने की। आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेयी ने अपने उद्बोधन में कहा कि "मशरूम हमारी अधिकांश पोषण सम्बन्धी आवश्यकताओं को पूर्ण करने में सक्षम है। आज हमारे प्रधानमंत्री विकसित भारत 2024 का जो लक्ष्य रख रहे हैं उस दिशा में आगे बढ़ने के लिए हमें बड़ी मात्रा में साधनों और संसाधनों की आवश्यकता है। मशरूम इस दृष्टि से भी बड़ा ही उपादेय सिद्ध होगा साथ ही मशरूम का उत्पादन पर्यावरण के लिए भी सहयोगी और अनुकूल है। इस विषय पर गहन शोध और अध्ययन की आवश्यकता है। डी एल एस महाविद्यालय इस सम्बंध में बहुत ही सकारात्मक रूप से कार्य कर रहा है।" मुख्यवक्ता प्रो. ए.के. पाण्डेय ने कहा हमारे शोध एथीकल, इकोनोमिकल, एनर्जी सेविंग व रोजगार मूलक हों इन सारे उद्देश्यों में मशरूम का उत्पादन खरा उतरता है। मशरूम वास्तव में एक कवक अथवा फंगी है। पहले कई लोग मशरूम से घृणा करते थे जबकि आज इसके गुणों के कारण इसकी कई रूपों की तस्करी होने लगी क्योंकि इससे कई तरह के प्रोडक्टस बनते हैं। छत्तीसगढ़ मशरूम संवर्ध्दन हेतु हाॅट एरिया है। मशरूम से जैकेट, कपड़ा, फर्नीचर भी बना रहे है, इसमें दीमक नहीं लगता है अपने औषधीय गुणों के चलते मशरूम भविष्य में अमृत का काम करेगा। डाॅ. लतिका भाटिया ने कहा कि इंडियन साइंस कांग्रेस बिलासपुर चैप्टर विज्ञान के विकास और नवीन रिसर्च के लिए निरन्तर उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। श्रीमती निशा बसंत शर्मा जी ने कहा "मशरूम संवर्धन पर केंद्रित, बीते कल से सम्पन्न हो रहा यह 2 दिवसीय नेशनल सेमिनार अपने शानदार और यादगार आयोजन के कारण महाविद्यालय की उपलब्धियों में एक ऐतिहासिक स्थान रखेगा।" महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ.रंजना चतुर्वेदी ने लिज्जत पापड़, एम डी एच मसाले आदि उद्योगों का उदाहरण देते हुए मशरूम संवर्द्धन के लघु उद्योग में युवा पीढ़ी को 'पढो और कमाओ' के माध्यम से जुटने को कहा। डाॅ. आर. वी. शुक्ला ने बताया कि मशरूम की खोज सम्भवतः सबसे पहले छ.ग. में ही हुई, छ.ग. के जंगलों में यह सबसे अधिक मात्रा में व प्रजातियों में मिलता है। संगोष्ठी में 42 रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए गए, 90 एब्स्ट्रेक्ट प्राप्त हुए, 25 पोस्टर प्रेजेंटेशन हुए। प्रारम्भ में अतिथियों ने माँ वीणापाणि के विग्रह के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन कर किया। अतिथियों द्वारा महाविद्यालय परिवार के प्रेरणास्रोत स्व बसन्त शर्मा व पितृ पुरुष स्व दशरथ लाल शर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर पढ़े जाने वाले शोध पत्रों के सारांश की 'स्मारिका' का विमोचन भी सम्पन्न हुआ। सेमिनार की संयोजक डॉ अर्चना पाण्डेय ने सेमिनार की प्रायोजना को स्पष्ट किया व आभार प्रदर्शन सह संयोजक डॉ नेहा बेहार ने किया। संयोजन में सहायक डॉ कृष्ण कुमार वर्मा व सुमित दुबे का सहयोग रहा। कार्यक्रम का प्राणवान संचालन सेमिनार कोआर्डिनेटर डॉ प्रताप पाण्डेय ने व राज्य गीत का गायन रासेयो कार्यक्रम अधिकारी संस्कृति शास्त्री ने किया। सभी अतिथियों को शॉल, श्रीफल व स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक सतीश शर्मा, सचिव उमेश जाधव, सी ई ओ राकेश दीक्षित, डॉ क्षमा त्रिपाठी, अशोक जोशी, पी एस ढल्ला, सुनीता द्विवेदी, डॉ गीता तिवारी, डॉ स्वाति शर्मा, राजेश सिंह, विजय वैष्णव, संजय दुबे, पूजा यादव, डॉ प्रीती मिश्रा, संगीता बंजारे, नाजनीन खान्, सारिका श्रीवास्तव, वन्दना तिवारी, अर्चना तिवारी, सुष्मिता मिश्रा, मुक्ता कुमारी, रसिका लोणकर, डॉ गीता होता, काजल गुप्ता, ओम प्रकाश साहू, मुकेश देवांगन, एस के पाण्डेय, चैतन्या जाधव, आकांक्षा शर्मा, विनीता सराफ, वर्षा श्रीवास, डॉ अनीता बघेल, शोभना कोशले, मिनी गुप्ता, मिठु अधिकारी, शेख अफरीदी, वीणा राठौर, झरना पटेल, साक्षी श्रीवास, खुशबू केशरवानी, फेमिना चन्द्रा, महिमा जाधव, निधि गुप्ता, श्रद्धा कश्यप, नेहा सोनी, रिकी पटेल, अंकित दुबे, अविनाश निर्मलकर, टीकाराम पटेल, अजीत कस्तूरिया, हितेश जायसवाल, राकेश शर्मा, नीतिश शर्मा, महेश जांगड़े, भानुप्रताप सिंह, धरमपाल पोर्ते, सत्येंद्र कैवर्त्य, आशुतोष साहू, राघव शर्मा, पुरुषोत्तम पटेल, इंद्रकुमार कैवत्र्य, संजय कैवर्त्य, संजय कौशिक, श्रुति मालाकार, रासेयो स्वयंसेवक व छात्रगण उपस्थित रहे।
तकनीकी सत्रों में प्रो आर के एस तिवारी (अधिष्ठाता, बैरिस्टर छेदीलाल कृषि विश्वविद्यालय बिलाासपुर) ने 4 प्रकार के मशरूम कल्टीवेशन के विषय में बताते हुए कहा ‘कि 'घर घर मशरूम' के तहत धमतरी जिले में बटन मशरूम का उत्पादन होता है। इस सत्र में डॉ. दिनेश पाण्डेयजी बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि विश्वविद्यालय, डॉ.कलाधर जी, प्रो. एस सी तिवारी, गुरुघासीदास विश्वविद्यालय, प्रो संतोष प्रजापति गुरुघासीदास विश्वविद्यालय, प्रो आर के पाण्डेय गुरुघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर ने मार्गदर्शन प्रदान किया।सेमिनार की प्रतियोगिताओं में मौखिक प्रस्तुति में प्रथम-धनेश्वर यादव एवं चंद्रकांता सोनी, द्वितीय- इंदू कौशिक, तृतीय-धर्मेन्द्र कश्यप रहे। मॉडल प्रस्तुति में प्रथम-रिया व धनंजय तिवारी रहे। पोस्टर प्रस्तुति में प्रथम-डॉ लतिका भाटिया व दिलीप साहू, द्वितीय-संजय कुमार भारती, दीपक भास्कर, तृतीय-सत्यम , कविता दिवाकर, बीना, चतुर्थ-मुक्तेश व केशव तथा पंचम- पुष्पलता रहे।