: छत्तीसगढ़ में भाजपा नेताओं ने फूंका राहुल गांधी का पुतला
Fri, Dec 22, 2023
जगदलपुर.
देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ टीएमसी सांसद की आपत्तिजनक मिमिक्री करने तथा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा वीडियो बनाने के विरोध में भाजपा जिला एवं किसान मोर्चा कोरबा द्वारा गुरुवार को स्थानीय ट्रांसपोर्ट नगर चौक मे राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया। 'राहुल गांधी शर्म करो' के नारों के साथ भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी और टीएमसी सांसद के कृत्य पर कड़ी आपत्ति दर्ज करायी।
इस मौके पर भाजपा नेता जोगेश लांबा ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनके परिवार ने हमेशा देश के संवैधानिक पदों की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। इससे पहले भी कांग्रेस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भी अपमान किया था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कैबिनेट द्वारा पास ऑडिनेंस को प्रेस के सामने फाड़कर राहुल गांधी ने पूर्व में भी अपनी ही सरकार के प्रधानमंत्री का घोर अपमान किया था। भाजपा इस कृत्य की घोर निंदा करती है।
भाजपा नेता अजय विश्कर्मा ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सदन परिसर में उपराष्ट्रपति का अपमान कर लोकतंत्र को कलंकित करने का काम किया है। उन्हें तत्काल अपने कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान टीपी नगर चौक पर काफी संख्या में पुलिस तैनात रहे। राहुल गांधी का पुतला दहन करने के दौरान भाजपा कार्यकर्ता भी काफी संख्या में उपस्थित रहे। पुलिस ने पुतला दहन रोकने का काफी प्रयास किया, लेकिन भाजपा कार्यकर्ता नहीं माने।
जगदलपुर में भी फूंका गया पुतला
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अपमान के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया। भाजपा नेताओं ने उपराष्ट्रपति के किये गये अपमान को अक्षम्य बताया और नाराजगी व्यक्त करते हुये जोरदार नारेबाजी की। भाजपा जिला अध्यक्ष रुप सिंह मण्डावी ने कहा देश के प्रमुख संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति का अपमान देश का अपमान है। हार की हताशा में विपक्षी दल सीमायें पार कर रहे हैं। राहुल गांधी सहित सभी विपक्षी दलों के नेताओं को देश के समक्ष माफी मांगनी चाहिये। भाजयुमो जिला अध्यक्ष अविनाश श्रीवास्तव ने कहा कि देश के उपराष्ट्रपति का अपमान करके विपक्षी दलों ने अपनी कुमंशा देशवासियों के सामने उजागर कर दी है, जिसका विरोध करते हुये राहुल गांधी का पुतला जलाया गया है। विपक्षी नेताओं का कृत्य शर्मनाक व घोर निंदनीय है।
: छत्तीसगढ़ : धमतरी में बड़ा हादसा, शटरिंग गिरने से तीन मजदूर दबे
Fri, Dec 22, 2023
धमतरी.
धमतरी से विशाखापत्तनम तक भारतमाला परियोजना के तहत हो रहे सडक निर्माण में एक बडा हादसा हो गया। शटरिंग गिरने से तीन मजदूर दब गए। इनमें से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर केरेगांव पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि भारतमाला परिजयोजना के तहत धमतरी से विशाखापत्तनम तक 6 लेन सडक का निर्माण हो रहा है।
केरेगांव के पास पुल निर्माण के लिए शटरिंग की गई थी। वह अचानक ढह गई जिसके चलते वहीं नीचे काम कर रहे तीन मजदूर इसमे दब गए। आनन फानन में तीनो मजदूरो को निकाला गया, जिसमें से एक मजदूर की मौत हो गई जबकि घायल दो मजदूरो को इलाज के लिए धमतरी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक का शव जिला अस्पताल में रखा गया है। केरेगांव पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
: 'आप इन्हें जीता दो, बड़ा आदमी बना दूंगा': अमित शाह ने कहा था
Fri, Dec 22, 2023
रायपुर.
छत्तीसगढ़ चुनाव 2023 के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रायगढ़ में प्रचार-प्रसार के समय पूर्व आईएएस और प्रदेश के बीजेपी महामंत्री ओपी चौधरी के लिए जनता से कहा था कि आप सिर्फ इन्हें चुनाव में जीता दें, बड़ा आदमी मैं बना दूंगा। चुनाव प्रचार के दौरान जनता से आह्वान करते हुए कहा था कि चौधरी को बड़ा आदमी बनाने का मेरा काम है, आप केवल इन्हें जीता दो। अपना आशीर्वाद दे दो, बाकि मेरे ऊपर छोड़ दो।
ये बात यहां इसलिए बताई जा रही है क्योंकि आज शुक्रवार को राजभवन में सीएम विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन कुल 9 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। इन विधायकों में रायगढ़ के बीजेपी विधायक ओपो चौधरी भी शामिल हैं, जिनके लिए शाह ने ये बातें कही थीं। आज वो बातें चरित्रार्थ होती दिख रही हैं। सबसे बड़ी बात ये भी है कि शाह ने यही बात पार्टी के आदिवासी नेता और वर्तमान सीएम विष्णुदेव साय के लिए भी कही थी। आज वो प्रदेश के मुखिया हैं। बीजेपी की सियासत में राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की कूटनीति और रणनीति से सभी वाकिफ हैं। वो एक भावी रणनीति के तहत कार्य करते हैं और उसे अंजाम तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करते हैं। छत्तीसगढ़ चुनाव के दौरान उनकी कही हुई बातें आज अमल होते हुए दिख रही हैं।
दांव पर लगी थी चौधरी की प्रतिष्ठा
इस बार के चुनाव में ओपी चौधरी खरसिया की जगह रायगढ़ विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में थे। ऐसे में उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। उनके सामने कांग्रेस के प्रत्याशी प्रकाश नायक चुनावी मैदान में थे, जो तत्कालीन विधायक थे, लेकिन इस चुनाव में चौधरी ने नायक को मात देते हुए इस सीट पर कब्जा कर लिया। चौधरी ने साल 2018 के विधानसभा चुनाव में रायगढ़ जिले की खरसिया सीट से चुनाव लड़ा था। उस समय उनके सामने कांग्रेस के दिवंगत नेता नंदकुमार पटेल के बेटे उमेश पटेल थे। इस चुनाव में पटेल ने ओपी चौधरी को शिकस्त दी थी। उमेश पटेल ने ओपी चौधरी को 16,967 मतों से हराया था। उमेश पटेल को 94,201 वोट मिले थे, वहीं ओपी चौधरी को 77,234 वोटों से संतुष्ट होना पड़ा था।
सीएम पद की दौड़ में भी थे शामिल
आईएएस ऑफिसर से बीजेपी नेता बने चौधरी ने छत्तीसगढ़ की वीआईपी सीट रायगढ़ पर जीत हासिल की है, उन्होंने कांग्रेस के प्रकाश शक्राजीत नायक को 64,000 से अधिक वोटों से हराया है। ओबीसी नेता चौधरी बीजेपी के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में भी शामिल थे। उनका नाम सीएम पद की रेस में तेजी से चल रहा था। वो केंद्रीय गृहमंत्री शाह के करीबी माने जाते हैं। चौधरी वर्ष 2005 बैच के छत्तीसगढ़-कैडर के आईएएस ऑफिसर थे। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के चलते यूपीए सरकार ने उन्हें साल 2011-12 के लिए लोक प्रशासन में उत्कृष्टता सम्मान में प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया था। साल 2018 में रमन सिंह ने उन्हें बीजेपी में शामिल करवाया था।
23 की उम्र में बने थे आईएएस
चौधरी जब 8 साल के थे , उस समय उनके पिता का निधन हो गया था। ऐसे में मां ने ही उन्हें पढ़ाया-लिखाया और वे आज इस मुकाम पर हैं। उन्होंने 12वीं में ही आईएएस बनने का सपना देखा था। पीईटी में चयन होने के बावजूद उन्होंने उसे छोड़ दिया, क्योंकि वह कलेक्टर बनना चाहते थे। 23 की उम्र में आईएएस बने। साल 2005 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर में आईएएस बने चौधरी ने साल 2018 में 37 की उम्र में आईएएस की नौकरी को अलविदा कह दी और बीजेपी का दामन थाम लिया। अब 42 की उम्र में मंत्री बनने जा रहे हैं।
सीएम समेत अधिकतम 13 मंत्री हो सकते हैं
बता दें कि संवैधानिक व्यवस्था के मुताबिक छत्तीसगढ़ में सीएम समेत अधिकतम 13 मंत्री हो सकते हैं। वर्तमान में साय कैबिनेट में तीन सदस्य हैं। इसमें मुख्यमंत्री साय और दो डिप्टी सीएम क्रमश: अरुण साव और विजय शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने राज्य में बीजेपी का सरकार बनने के बाद 13 दिसंबर को शपथ ली थी।
3 दिसंबर को राज्य की सत्ता पर काबिज हुई थी बीजेपी
7 और 17 नवंबर को हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा कांग्रेस को हराकर राज्य की सत्ता में आई है। नतीजे 3 दिसंबर को घोषित किए गए थे। भाजपा ने 90 सीटों में से 54 सीटें जीतीं थी जबकि कांग्रेस 35 सीटों पर सिमट गई, जो साल 2018 विधानसभा चुनाव में जीती गई 68 सीटों से कम है।