: केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेसजनों ने किया देशव्यापी प्रदर्शन
Sat, Dec 23, 2023
रायपुर
सांसदों पर निलंबन की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेसजनों ने शुक्रवार को देशव्यापी प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ में भी इसका असर देखने को मिला और छत्तीसगढ़ के कांग्रेसजनों ने सभी जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन किया।
राजधानी के राजीव गांधी चौक पर धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में एआईसीसी की महासचिव व छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा, पीसीसी चीफ दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, प्रेमसाय सिंह टेकाम, शिवकुमार डहरिया, विकास उपाध्याय, नगर निगम सभापति प्रमोद दुबे, राजेन्द्र तिवारी, धनेंद्र साहू सहित बड़ी संख्या कांग्रेसजन उपस्थित थे।
: पिंक बस और पिंक टायलेट भी खुलेंगे
Sat, Dec 23, 2023
भोपाल
मध्यप्रदेश में नये मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यभार ग्रहण करने के बाद सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम तेज कर दिया है। प्रदेश में लाड़ली बहना आवास योजना शुरु की जाएगी। योजना के लिए 72 हजार करोड़ रुपए की आवश्यकता होगी। वित्त विभाग के परामर्श से नई योजना शुरू की जाएगी। महिलाओं के लिए पिंक बस का नेटवर्क बढ़ाया जाएगा और पिंक टायलेट में कई तरह की सुविधाएं शुरू की जाएंगी।
भाजपा की सरकार प्रदेश की लाड़ली बहनों को हर माह 1250 रुपए सीधे उनके खाते में प्रदान कर रही है। एक करोड़ 32 लाख महिलाएं इसका लाभ उठा रही है। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा ने लाड़ली बहनों के लिए आवास बनाकर उन्हें देने का वचन संकल्प पत्र में दिया था। अब मुख्यमंत्री के कार्यभार ग्रहण करने के बाद इस योजना पर अमल शुरू हो गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग इस पर काम करेगा। शहरी क्षेत्रों में पहले लाड़ली बहनों के लिए आवास तैयार कर उन्हें वितरित किए जाएंगे। लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र ऐसी महिलाएं जिनके पास प्रदेश में कहीं भी स्वयं का आवास या भूखंड नहीं है उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
पिंक बसों का बनेगा बड़ा नेटवर्क
प्रदेश में महिलाओं के लिए पिंक बसों का नेटवर्क बढ़ाया जाएगा। इसमें सुरक्षा व्यवस्था किये जाने, सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। सभी बड़े शहरों में महिलाओं के लिए पिंक बसें शुरु की जाएंगी और इनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी पिंक बसों में ड्राइवर, कंडेक्टर से लेकर क्लीनर सहित सारा स्टाफ महिलाओं का होगा और इसमें केवल महिलाओं को ही सफर करने की अनुमति होगी।
पिंक टॉयलेट बनेंगे, रख-रखाव करेंगी स्वच्छता सखियां
प्रदेश में महिलाओं के लिए सभी आकांक्षी शौचालयों को और पिंक टायलेट के रुप में विकसित किया जाएगा। इसमें सेनेटरी पेड की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। इंसीनरेटर , बेबी फीडिंग कार्नर, शौचालयों के परिसर और अंदर पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। शहरों के प्रमुख स्थानों पर कम से कम एक पिंक टॉयलेट तैयार कर उनके आगामी प्रबंधन और संचालन की व्यवस्था स्वच्छता सख्यिों के माध्यम से की जाएगी।
: कोरोना की दस्तक से प्रदेश में हड़कंप, लोगों को फिर सताने लगा डर
Sat, Dec 23, 2023
भोपाल
कोविड-19 के पॉजिटिव और एक्टिव मरीजों की संख्या में एक बार फिर से बढ़ने लगी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) के अनुसार दिसंबर 2023 से चीन,अमेरिका और सिंगापुर में कोविड के नए वेरिएंट के केसेस में बढ़ोतरी हो रही है। इसे देखते हुए निगरानी एवं नियंत्रण के लिए टेस्ट, ट्रैक और ट्रीटमेंट कार्ययोजना के अनुरूप कार्यवाही करने के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट को इंस्ट्रक्शन दिए गए है। भोपाल में कोविड-19 का कोई भी नया केस नहीं मिला है। फिर भी हेल्ड डिपार्टमेंट अलर्ट मोड में है और मॉक ड्रिल भी कर रहा है।
दरअसल, कोरोना के बढ़ते केस के चलते विभाग ने लोक स्वास्थ्य की आपात स्थिति से निपटने के लिए समय समय पर तैयारियों का सतत मूल्यांकन करता रहा है। जिसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी को सुनिश्चित करने के लिए सतत रूप से निगरानी की जा रही है। इस संबंध में विगत दिनों गवर्नमेंट और प्राइवेट हेल्थ संस्थानों में मॉक ड्रिल भी आयोजित हुआ है।
मॉक ड्रिल में इन फेसिलिटी की हुई जांच
भोपाल में हॉस्पिटल की मेडिकल सुविधाओं के साथ डॉक्टरों के अलर्टनेस के लिए जांच हुई। जिसमें एंबुलेंस, मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति, ऑक्सीजन प्लांट की कार्यक्षमता, अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता, आइसोलेशन वार्ड की उपलब्धता, मानव संसाधन क्षमता, कोविड परीक्षण की क्षमता, टैली मेडिसिन सेवाओं की उपलब्धता, लॉजिस्टिक की उपलब्धता के लिए मूल्यांकन किया जा चुका है।
मेडिकल फेसिलिटी की ये है स्थिति
वर्तमान में भोपाल जिले में 15,000 से अधिक हॉस्पिटल बेड उपलब्ध है। अस्पतालों में साढ़े तीन हजार से ज्यादा ऑक्सीजन सपोर्ट बिस्तर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही दो हजार से अधिक आई सी यू बेड, 750 वेंटीलेटर बेड क्रियाशील हैं। जिले में 4 हजार से अधिक चिकित्सक, साढ़े छः हजार से ज़्यादा नर्सिंग ऑफिसर, 2 हज़ार पैरामेडिकल कर्मचारी, 150 एंबुलेंस उपलब्ध है। 21000 लीटर से अधिक क्षमता के 30 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील है ।1 हजार से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एवं 5 हजार से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था भोपाल जिले में है। सभी आवश्यक दवाइयां, मास्क,पी पी ई किट भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध है।
भोपाल में नहीं है एक भी केस
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि कोविड-19 के लक्षणों के आधार पर जांच सहित सभी निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप कार्य करने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया जा चुका है। भोपाल जिले में कोविड-19 संक्रमण का कोई भी केस नहीं मिला है। कोविड से डरने की कोई भी आवश्यकता नहीं है किंतु सतर्कता आवश्यक है। सभी बड़े शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन स्टोरेज की पर्याप्त क्षमता है।