: पीएम मोदी ने कहा- कुछ लोग महुआ का दूसरा उपयोग करते हैं
Tue, Jan 9, 2024
कांकेर.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जा रहे शिविरों में योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान उत्तर बस्तर कांकेर जिले के हितग्राहियों से वर्चुअली बातचीत की। प्रधानमंत्री ने पूछा कि कौन सी ऐसी योजना है, जिससे आपने सबसे अधिक लाभ उठाया है। इस पर एक हितग्राही ने कहा कि वनधन योजना का लाभ उठाया है। हम महुआ से लड्डू बना रही हैं। साथ ही आंवला का अचार भी बना रही हैं।
प्रधानमंत्री ने पूछा कि इसे किस तरह से बेचते हैं। इस पर कांकेर के भानुप्रतापपुर के भानबेड़ा की हितग्राही भूमिका भूआर्य ने बताया कि संजीवनी के माध्यम से इसकी बिक्री होती है। 700 रुपए प्रति किलो लड्डू बेचते हैं, यह स्वास्थ के लिए बेहतर होता है। इस पर पीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ लोग तो महुआ का दूसरा उपयोग करते हैं। इस पर भूमिका ने तपाक से मुस्कुराते हुए कहा कि इसलिए ही तो हम इसके लड्डू बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भूमिका को शाबासी दी। उन्होंने कहा कि अब महुआ से आजीविका भी आ रही है और स्वास्थ्य के लाभ भी हासिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप जैसे जागरूक लोगों की वजह से हमारा आदिवासी समाज बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे विशेष रूप से यह अच्छा लगा कि बिना किसी अड़चन के आप लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से यह अच्छा लगा कि वनधन केंद्र आप जैसे जागरूक नागरिकों की वजह से बहुत अच्छे चल रहे हैं।
आदिवासी क्षेत्रों में चल रही कई योजनाएं
विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत ग्राम मनकेसरी में आयोजित शिविर में योजनाओं के लाभार्थियों को संबोधित करते पीएम मोदी ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में निवासरत लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने कई योजनाएं बनाई गई हैं। सरकार आम लोगों के विकास के लिए कटिबद्ध है। उन्हें प्रसन्नता है कि उनकी सरकार को आदिवासी समाज के निचले स्तर पर जाकर काम करने का मौका मिला। सहयोगियों की ओर से कैबिनेट में गहन मंथन के बाद जनकल्याण के लिए योजनाएं तैयार की जाती हैं। दिल्ली में बनी यह योजनाएं कुशलता से जमीनी स्तर पर किस तरह से क्रियान्वित की जा रही हैं। विकसित भारत संकल्प यात्रा भी आयोजित की जा रही है। उत्तर बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र की ओर से चलाई जा रही अनेक योजनाओं का किस तरह असर हुआ है। उन्होंने कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के भानबेड़ा की हितग्राही भूमिका भूआर्य से ग्राम मनकेसरी में हुए कार्यक्रम में वर्चुअल संवाद किया। भूमिका ने बताया कि उसने बीएससी प्राइवेट किया है और यहां अपने गांव के 29 समूहों में से एक समूह से जुड़ी हुई हैं। प्रधानमंत्री ने भूमिका से पूछा कि उसे केंद्र सरकार की किन योजनाओं का लाभ मिला है। भूमिका ने बताया कि उसे वनधन योजना, उज्ज्वला योजना, नल जल, शौचालय, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि, दो साल का बोनस आदि सभी योजनाओं का लाभ मिला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको तो सभी योजनाओं से मिला लाभ याद है। भूमिका ने कहा कि आपसे जो मिला है, उसे कैसे भूल सकते हैं।
पीएम ने किया आह्वान- बेटियों को पढ़ाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सभी से बात करके हमें काम करने की और हिम्मत आ जाती है। प्रधानमंत्री ने पूछा कि आपको इतनी सारी योजनाओं का पता कैसे चला और इन्हें प्राप्त करने में किसी तरह की तकलीफ नहीं हुई। भूमिका ने बताया कि इन्हें प्राप्त करने में कोई अड़चन नहीं आई, मम्मी पापा से मुझे यह जानकारी मिली। प्रधानमंत्री ने पूछा कि आपका छोटा भाई क्या करता है। भूमिका ने बताया कि वो कालेज में है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आपके माता-पिता को प्रणाम करता हूं, जिन्होंने आप दोनों बच्चों को पढ़ाया। मैं जानता हूं कि बस्तर की जिंदगी कैसी है। आपके माता-पिता प्रणाम करने योग्य हैं, जिन्होंने बेटी को पढ़ाया और उसे पढ़ने भेजा। मैं यहां बैठी सभी माताओं को कहता हूं कि अपनी बेटियों को पढ़ाएं।
बिरसा मुंडा भगवान की जन्मस्थली से शुरू की पीएम जनमन योजना
प्रधानमंत्री ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पूरी तरह से हो सके, इसके लिए हमने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली से ‘‘पीएम जनमन योजना‘‘ शुरू की है। संभवतः 15 जनवरी को मैं ऐसे समूह के साथ मिलूंगा भी। भगवान बिरसा मुंडा के आशीर्वाद से मुझे आदिवासी भाई-बहनों की सेवा का मौका मिला है।
‘मेरी कहानी मेरी जुबानी'
बता दें विकसित भारत संकल्प यात्रा में जुड़ रहे लाखों लोग केंद्र सरकार की योजनाओं से उठाये लाभ की कहानी ‘‘मेरी कहानी मेरी जुबानी‘‘ के माध्यम से सुना रहे हैं। दिल्ली से बनी योजनाएं बस्तर तक पूरी तरह से पहुंच रही हैं और भानबेड़ा जैसे छोटे गांव की बेटियाँ भी इनसे सशक्त हो रही हैं, जिनके सशक्तिकरण को वर्चुअल संवाद के माध्यम से देशभर ने सुना।
: डी एल एस का सेंट्रल लैब देगा युवाओं को प्रेरणा: प्रो देव डी शर्मा
Tue, Jan 9, 2024
रायपुर
डी एल एस महाविद्यालय में विज्ञान, प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विषय पर अकादमिक परिचर्चा के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया इसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफे. देव डी .शर्मा (प्रेसिडेंट ग्लोबल नॉलेज फाऊंडेशन यू एस ए), विशिष्ट वक्ता प्रोफेसर राकेश कुमार शर्मा (यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड ईस्टर्न शोर, वर्जीनिया) व प्रोफेसर डेनियल ओकेनबोर (फेयतिविल स्टेट् यूनिवर्सिटी यूएसए) रहे। विदित हो कि इन सभी प्रोफेसर्स का अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर में पिछले दिनों सम्पन्न हुए सेमिनार में भारत आगमन हुआ था। डी एल एस में कार्यक्रम का आरंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया गया। उन्होंने सेंट्रल लैब का उद्घाटन किया व स्व बसन्त शर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्राचार्य डॉ रंजना चर्तुवेदी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज का दिन छात्र छात्राओं को सीखने व अंतरराष्ट्रीय मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।चेयरमैन श्रीमति निशा बसंत शर्मा ने कहा कि संस्थापक अध्यक्ष श्रद्धेय बसन्त शर्मा इस महाविद्यालय को एक वैश्विक इकाई के रूप में बनाना चाहते रहे, ऐसे आयोजन उसी उद्देश्य की पूर्ति में सहायक हैं। नैक कोऑर्डिनेटर डॉ. नेहा बेहार ने महाविद्यालय की स्थापना वर्ष से लेकर वर्तमान समय तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।प्रोफेसर डेनियल ओकेनबोर ने कहा के अनुसार डी एल एस का विज़न और सामाजिक योगदान शानदार है।
उन्होंने छात्र छात्राओं को कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। प्रोफेसर राकेश कुमार शर्मा ने अपने व्याख्यान में छात्रों को आश्वासन दिया जो छात्र अमेरिका में जाकर पढ़ाई करना चाहते है उनके सहयोग के लिए वे सदैव व्यक्तिगत रूप से सहयोग प्रदान करेंगे । मुख्य वक्ता प्रोफेसर देव डी शर्मा ने अमेरिका में अपने संघर्षों को स्मरण करते हुए बताया कि जीवन में असम्भव कुछ भी नहीं है, आकाश ही युवाओं की अंतिम सीमा होनी चाहिए। वर्तमान में भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ने काफी विकास किया है, आज युवाओं के लिए आवश्यक है कि वे अपडेट रहें व सम्पूर्ण विश्व में अपनी प्रतिभाओं के नए आयाम ढूंढें। उन्होंने छात्र छात्राओं के प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि हिंदुस्तान में प्रतिभा की कमी नही है। अतिथियों ने महाविद्यालय के ग्रीन कैम्पस और अतिथि सत्कार की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। अतिथियों का शॉल, श्रीफल व स्मृति-चिह्न देकर सम्मान किया गया। परिचर्चा का सफल संचालन डॉ प्रताप पाण्डेय ने किया। राज्य गीत का गायन संस्कृति शास्त्री ने व आभार प्रदर्शन डॉ. गीता ने किया।
इस अवसर पर वित्त नियंत्रक सतीश शर्मा, सचिव उमेश जाधव, सी ई ओ राकेश दीक्षित, सुनीता द्विवेदी, संजय दुबे, डॉ. गीता तिवारी, राजेश ठाकुर, डॉ. प्रीति मिश्रा, वंदना तिवारी, डॉ. स्वाति शर्मा, डॉ. अनीता बघेल, संगीता बंजारे, मुक्ता कुमारी, वीणा राठौर, अर्चना तिवारी, सुष्मिता मिश्रा, डॉ. गीता होता, मिठु अधिकारी, नेहा बेहार , रसिका लोणकर, नाजनीन खान, वर्षा श्रीवास, साक्षी श्रीवास, मिनीगुप्ता, काजल गुुप्ता, अविनाश निर्मलकर, शेख अफरीदी, टीकाराम पटेल, आकांक्षा शर्मा, खुशबू केशरवानी, महिमा जाधव , चैतन्या जाधव, विनिता सराफ, सुधा कश्यप, ओम प्रकाश साहू, नेहा सोनी, अजीत कस्तूरिया, राकेश शर्मा, नीतिश शर्मा, महेश जांगड़े, हितेश जायसवाल, भानुप्रताप सिंह, धरमपाल पोर्ते, पुरुषोत्तम देवांगन, सत्येंद्र कैवर्त्य, आशुतोष साहू, इंद्रकुमार कैवर्त्य, संजय कौशिक आदि स्टाफ, रासेयो स्वयंसेवकगण व छात्रगण उपस्थित रहे।
: सुकमा में 15 किलो का आईईडी सुरक्षाबलों ने किया बरामद
Tue, Jan 9, 2024
सुकमा.
छत्तीसगढ़ के सुकमा में पोटकापल्ली के पास सुरक्षाबलों को 15 किलो का आईईडी बरामद हुआ है। किस्टाराम थाना क्षेत्र के कैंप पोटाकपल्ली से संयुक्त अभियान पर निकले 212 बटालियन सीआरपीएफ और जिला बल के जवानों को यह बड़ी सफलता मिली। किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
छत्तीसगढ़ के सुकमा में पोटकापल्ली के पास सुरक्षाबलों को 15 किलो का आईईडी बरामद हुआ है। जवानों के लिए आईईडी लगाया गया था। एरिया डोमिनेशन के दौरान 212 बटालियन सीआरपीएफ और जिला बल ने मौके पर ही आईईडी को डिफ्यूज कर दिया। बता दें कि 212 बटालियन सीआरपीएफ और जिला बल के जवान किस्टाराम थाना क्षेत्र के कैंप पोटाकपल्ली से संयुक्त अभियान पर निकले थे। एरिया डोमिनेशन के दौरान जवानों ने मौके पर ही आईईडी को डिफ्यूज कर दिया।
संयुक्त कार्यवाही से नष्ट किया आईईडी
अभियान के दौरान के 8 जनवरी को सुरक्षाबलों द्वारा कैम्प पोटकपल्ली से 1 किलोमीटर दूरी के पास 15 किलोग्राम वजनी आईईडी को बरामद किया गया। सुरक्षाबलों द्वारा सुझ-बुझ और सर्तकता से आईईडी को सुरक्षित तरीके से मौके पर ही नष्ट कर दिया गया है। इसमें 212वाहिनी सीआरपीएफ और जिला बलों की संयुक्त कार्यवाही रही।