: इजरायल ने गाजा को तीन तरफ से घेरा, फाइनल जंग के ऐलान की तैयारी
Mon, Oct 16, 2023
तेल अवीव
हमास के खिलाफ जंग के 10वें दिन इजरायल गाजा पट्टी में फुल एंड फाइनल वॉर के लिए तैयार है. गाजा पट्टी में हमले के सायरन बजने लगे हैं. इजरायली फौज कभी भी जमीनी ऑपरेशन शुरू कर सकती है. इजरायल के 1 लाख सैनिक और करीब 2200 टैंकों ने गाजा पट्टी को तीन ओर से घेर कर रखा है. ये सैनिक राजधानी तेलअवीव से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं. आदेश मिलते ही इजरायली सैनिक गाजा शहर में जमीनी हमला शुरू कर देंगे.
उधर, इजरायल और लेबनान में आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह के बीच गोलाबारी जारी है. इजरायल ने 28 शहरों में इजरायल-लेबनान सीमा के 2 किलोमीटर के भीतर रहने वाले इजरायली नागरिकों को निकालने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. इनमें अश्कलोन और सेड्रोट शहर भी शामिल है. जहां से लोगों को हटाना शुरू कर दिया गया. यानी साफ है कि इजरायली सेना कभी भी कार्रवाई कर सकती है.
कार्रवाई से पहले दिया अल्टीमेटम
इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में जमीनी कार्रवाई से पहले वहां के लोगों को अल्टीमेटम दिया है. इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में शहरों को 5 घंटे में खाली करने के लिए कहा है. गाजा में जमीनी हमला छेड़ने से पहले इजरायल ने वहां आसमान से परचे बरसाए हैं. लोगों से कहा गया है कि वे दक्षिण की ओर चले जाएं. इजरायल की चेतावनी के बाद हजारों लोग सुरक्षित जगहों के लिए निकल गए हैं. इजरायल आर्मी चीफ ने कह दिया है कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम गाजा में घुसें. वहां जाएं जहां हमास तैयारी कर रहा है, साजिशें रच रहा है और जहां से साजिशों को अंजाम दे रहा है.
गाजा पट्टी आसमान से बरसते बम और रॉकेट के बीच इजरायली सेना से तीन तरफ से घिर चुका है. इजरायली सेना के लाखों जवान गाजा में घुसने के लिए तैयार हैं. इसके अलावा 2200 टैंक आग के गोले उगलने के लिए तैयार खड़े हैं.
हमास ने लोगों से गाजा पट्टी न छोड़ने के लिए कहा
उधर, हमास ने गाजा पट्टी के लोगों से इजरायल की चेतावनी की ओर ध्यान न देने के लिए कहा है. हमास ने लोगों से अपील की है कि वे गाजा पट्टी में ही रहें. गाजा पट्टी में फिलिस्तिनियों की 20 लाख आबादी रहती है. इसमें महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल है. इसे दुनिया के सबसे घनत्व आबादी वाला क्षेत्र माना जाता है. यही वजह है कि इजराइल ने वहां के नागरिकों को गाजा खाली करने की चेतावनी दी है. उसकी चेतावनी के बाद गाजा पट्टी से करीब 4 लाख 23 हजार पलायन कर चुके हैं. लोग लगातार वहां से निकलने की कोशिश क
र रहे हैं.
जारी है भीषण युद्ध
हमास और इजरायल के बीच 7 अक्टूबर से शुरू हुई जंग का आज 10वां दिन है. हमास के ठिकानों पर इजरायल की एयरस्ट्राइक लगातार जारी है. वहीं, गाजा पट्टी से हमास और लेबनान से हिज्बुल्लाह इजरायल पर लगातार रॉकेट दाग रहा है. अब तक इजराइल के हमलों से गाजा में 2700 फिलिस्तीनियों की मौत हुई है. इनमें 724 से ज्यादा बच्चे और 370 से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं. जबकि 10 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. वहीं, हमास के हमले में करीब 1,400 इजराइली मारे गए हैं.
: इजरायल ने गाजा को तीन तरफ से घेरा, फाइनल जंग के ऐलान की तैयारी
Mon, Oct 16, 2023
तेल अवीव
हमास के खिलाफ जंग के 10वें दिन इजरायल गाजा पट्टी में फुल एंड फाइनल वॉर के लिए तैयार है. गाजा पट्टी में हमले के सायरन बजने लगे हैं. इजरायली फौज कभी भी जमीनी ऑपरेशन शुरू कर सकती है. इजरायल के 1 लाख सैनिक और करीब 2200 टैंकों ने गाजा पट्टी को तीन ओर से घेर कर रखा है. ये सैनिक राजधानी तेलअवीव से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं. आदेश मिलते ही इजरायली सैनिक गाजा शहर में जमीनी हमला शुरू कर देंगे.
उधर, इजरायल और लेबनान में आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह के बीच गोलाबारी जारी है. इजरायल ने 28 शहरों में इजरायल-लेबनान सीमा के 2 किलोमीटर के भीतर रहने वाले इजरायली नागरिकों को निकालने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. इनमें अश्कलोन और सेड्रोट शहर भी शामिल है. जहां से लोगों को हटाना शुरू कर दिया गया. यानी साफ है कि इजरायली सेना कभी भी कार्रवाई कर सकती है.
कार्रवाई से पहले दिया अल्टीमेटम
इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में जमीनी कार्रवाई से पहले वहां के लोगों को अल्टीमेटम दिया है. इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में शहरों को 5 घंटे में खाली करने के लिए कहा है. गाजा में जमीनी हमला छेड़ने से पहले इजरायल ने वहां आसमान से परचे बरसाए हैं. लोगों से कहा गया है कि वे दक्षिण की ओर चले जाएं. इजरायल की चेतावनी के बाद हजारों लोग सुरक्षित जगहों के लिए निकल गए हैं. इजरायल आर्मी चीफ ने कह दिया है कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम गाजा में घुसें. वहां जाएं जहां हमास तैयारी कर रहा है, साजिशें रच रहा है और जहां से साजिशों को अंजाम दे रहा है.
गाजा पट्टी आसमान से बरसते बम और रॉकेट के बीच इजरायली सेना से तीन तरफ से घिर चुका है. इजरायली सेना के लाखों जवान गाजा में घुसने के लिए तैयार हैं. इसके अलावा 2200 टैंक आग के गोले उगलने के लिए तैयार खड़े हैं.
हमास ने लोगों से गाजा पट्टी न छोड़ने के लिए कहा
उधर, हमास ने गाजा पट्टी के लोगों से इजरायल की चेतावनी की ओर ध्यान न देने के लिए कहा है. हमास ने लोगों से अपील की है कि वे गाजा पट्टी में ही रहें. गाजा पट्टी में फिलिस्तिनियों की 20 लाख आबादी रहती है. इसमें महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल है. इसे दुनिया के सबसे घनत्व आबादी वाला क्षेत्र माना जाता है. यही वजह है कि इजराइल ने वहां के नागरिकों को गाजा खाली करने की चेतावनी दी है. उसकी चेतावनी के बाद गाजा पट्टी से करीब 4 लाख 23 हजार पलायन कर चुके हैं. लोग लगातार वहां से निकलने की कोशिश क
र रहे हैं.
जारी है भीषण युद्ध
हमास और इजरायल के बीच 7 अक्टूबर से शुरू हुई जंग का आज 10वां दिन है. हमास के ठिकानों पर इजरायल की एयरस्ट्राइक लगातार जारी है. वहीं, गाजा पट्टी से हमास और लेबनान से हिज्बुल्लाह इजरायल पर लगातार रॉकेट दाग रहा है. अब तक इजराइल के हमलों से गाजा में 2700 फिलिस्तीनियों की मौत हुई है. इनमें 724 से ज्यादा बच्चे और 370 से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं. जबकि 10 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. वहीं, हमास के हमले में करीब 1,400 इजराइली मारे गए हैं.
: इजरायल को सुपर पावर बनाते है ये पांच सीक्रेट
Mon, Oct 16, 2023
तेल अवीव
इजरायल और हमास के बीच युद्ध (Israel-Hamas War) लगातार जारी है और इसमें दोनों ओर से हजारों की संख्या में जानें जा चुकी हैं. हमास के हमले का करारा जवाब देते हुए इजरायल ने गाजा पट्टी (Gaza Patti) में ऐसी बमबारी की, कि हर ओर चीख-पुकार, टूटी इमारतें, रोते-बिलखते लोग नजर आ रहे हैं. यहां बता दें कि इजरायल की गिनती दुनिया के ताकतवर देशों में की जाती है और बेहद छोटा देश होते हुए भी इसकी आर्थिक स्थिति मजबूत है. आइए पांच प्वाइंट में जानते हैं कि आखिर क्यों और किस लिहाज से इजरायल इतना ताकतवर है.
पहला कारण
इजरायल को आर्थिक रूप से बेहद मजबूत देश माना जाता है. इसकी जीडीपी (Israel GDP) साल 2023 में 564 अरब डॉलर है, वहीं इसकी प्रति व्यक्ति आय की बात करें तो ये लगभग 58,000 डॉलर है. जो अपने आप में काफी ज्यादा है. वहीं इसकी तुलना में फिलिस्तीन कहीं भी नहीं टिकता, क्योंकि इसकी GDP महज 19 अरब डॉलर के करीब है और यहां की प्रति व्यक्ति आय भी इजरायल की तुलना में बहुत कम है, ये आंकड़ा 3,789 डॉलर है.
दूसरा कारण
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल का डिफेंस बजट करीब 2 लाख करोड़ रुपये यानी 23.4 बिलियन डॉलर का है. ये बजट इजरायल की कुल जीडीपी का 4.5 फीसदी है, जबकि ग्लोबली डिफेंस पर जितना खर्च होता है, उसमें इजरायल की हिस्सेदारी करीब एक फीसदी होती है. डिफेंस बजट के मामले में भले ही इजरायल काफी देशों से पीछे हो, लेकिन जीडीपी के आधार पर डिफेंस पर बजट पर खर्च इजरायल को दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश बनाता है. इस मामले में रूस, अमेरिका, भारत और चीन जैसे बड़े देश भी पीछे है.
तीसरा कारण
इजरायल की इकोनॉमी की सबसे बड़ी ताकत की बात करें तो ये निर्यात है. इसके कारोबारी रिश्ते अमेरिका, चीन, भारत, ब्रिटेन, जर्मनी जैसे बड़े देशों के है. इजरायल से मोती, हीरे-ज्वैलरी, फर्टिलाइजर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट और क्रूड ऑयल का एक्सपोर्ट किया जाता है. भारत इजरायल के सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर्स में से एक है और दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात करीब 10 बिलियन डॉलर से भी अधिक का है. इसमें निर्यात 8.5 बिलियन डॉलर का, तो आयात 2.3 बिलियन डॉलर है. न केवल निर्यात के मामले में बल्कि अमेरिका समेत अन्य बिजनेस पार्टनर्स के साथ इजरायल के अन्य सेक्टर्स में भी अच्छे संबंध हैं.
चौथा कारण
इजरायल का डिफेंस सिस्टम काफी मजबूत है और इसका एक बड़ा उदाहरण है Iron Dome, जो कि देश की ओर आने वाली मिसाइलों-रॉकेट को हवा में ही मार गिराने की क्षमता रखता है. इस अत्याधुनिक डिफेंस सिस्टम को देश का सुरक्षा कवच कहा जाता है. आयरन डोम (IRON Dome) की लागत की बात करें तो रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये तकरीबन 3 लाख करोड़ रुपये के आस-पास है. इस हिसाब से देखा जाए तो इसकी लागत फिलिस्तीन की जीडीपी यानी 19.1 अरब डॉलर (1.5 लाख करोड़ रुपये) से कहीं ज्यादा है. इजरायल ने इसे अमेरिका के सहयोग से तैयार किया है. इसे बनाने का विचार इजरायली ब्रिगेडियर जननरल टैनियल गोल्ड को 2004 में आया था.
पांचवां कारण
इजरायल के क्षेत्रफल के बारे में बताएं, तो वैसे तो आबादी और क्षेत्रफल में ये देश बहुत छोटा है. लेकिन सैन्य तौर पर काफी ताकतवर है. जिस वजह से वो हर हमले को मुंहतोड़ जवाब देता है. इस बार भी हमास पर अब कहर बनकर टूटा है. दरअसल, मौजूदा समय इजरायल की आबादी करीब 98 लाख है, आबादी में इजरायल उत्तराखंड (Uttrakhand) से भी कम है. उत्तराखंड की आबादी करीब 1.14 करोड़ है. अगर क्षेत्रफल की बात करें तो इजरायल का क्षेत्रफल 22,145 वर्ग किलोमीटर मीटर है, जबकि इससे ज्यादा भारत में मणिपुर का क्षेत्रफल 22,327 वर्ग मीटर है. इतना छोटा देश होने के बावजूद इजरायल की तरफ कोई आंख उठाकर नहीं देख सकता. इसकी वजह ये है कि इजरायल की सेना और उसकी हाईटेक टेक्नोलॉजी.