: हमास ने कहा- गाजा में 200-250 इजरायली बंदी
Tue, Oct 17, 2023
गाजा
हमास आतंकवादी समूह की सशस्त्र शाखा अल-कसम ब्रिगेड ने कहा कि गाजा में 200 से 250 इजरायली बंधक हैं, जिन्हें 7 अक्टूबर के हमले के बाद पकड़ लिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को एक टेलीविजन संबोधन में, अल-कसम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने कहा कि हमास ने 200 कैदियों को पकड़ रखा है, जबकि "बाकी को गाजा पट्टी में अन्य प्रतिरोध गुटों ने पकड़ लिया है।"
प्रवक्ता ने कहा कि वे इजरायली बमबारी के कारण घिरे इलाके में बंधकों की सटीक संख्या नहीं बता सकते हैं। ओबैदा ने कहा कि गाजा पर चल रहे इजरायली हमलों में कम से कम 22 इजरायली मारे गए हैं, इनमें तेल अवीव स्थित कलाकार गाइ ओलिव्स भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि गाजा में विदेशी कैदी नहीं हैं और "जमीन पर अवसर आने पर" उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि अल-कसम उनकी रक्षा के लिए "प्रतिबद्ध" है। लेकिन चेतावनी दी कि इजरायली सेना में सेवारत किसी भी विदेशी नागरिक को "प्रत्यक्ष दुश्मन" माना जाएगा। इस बीच, हमास के पूर्व नेता खालिद मेशाल का दावा है कि आतंकवादी समूह के पास इजरायली जेलों में बंद हजारों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा कराने के लिए इजरायली रक्षा बलों के गाजा डिवीजन के उच्च रैंकिंग अधिकारियों सहित "पर्याप्त बंधक" हैं।
सीएनएन ने मेशाल के हवाले से सोमवार को एक लाइव साक्षात्कार में अलाराबी टीवी से कहा, "इस लड़ाई का एक लक्ष्य हमारे अपने लोगों से ज़ायोनी जेलों को खाली कराने के लिए इजरायली सैनिकों और अधिकारियों को बंधक बनाना था।" उन्होंने कहा कि हमास नागरिकों और विदेशी नागरिकों के साथ अलग-अलग व्यवहार करेगा। हमास नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानून के अनुसार बंधकों से निपटेगा।
: हमास ने कहा- गाजा में 200-250 इजरायली बंदी
Tue, Oct 17, 2023
गाजा
हमास आतंकवादी समूह की सशस्त्र शाखा अल-कसम ब्रिगेड ने कहा कि गाजा में 200 से 250 इजरायली बंधक हैं, जिन्हें 7 अक्टूबर के हमले के बाद पकड़ लिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को एक टेलीविजन संबोधन में, अल-कसम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने कहा कि हमास ने 200 कैदियों को पकड़ रखा है, जबकि "बाकी को गाजा पट्टी में अन्य प्रतिरोध गुटों ने पकड़ लिया है।"
प्रवक्ता ने कहा कि वे इजरायली बमबारी के कारण घिरे इलाके में बंधकों की सटीक संख्या नहीं बता सकते हैं। ओबैदा ने कहा कि गाजा पर चल रहे इजरायली हमलों में कम से कम 22 इजरायली मारे गए हैं, इनमें तेल अवीव स्थित कलाकार गाइ ओलिव्स भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि गाजा में विदेशी कैदी नहीं हैं और "जमीन पर अवसर आने पर" उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि अल-कसम उनकी रक्षा के लिए "प्रतिबद्ध" है। लेकिन चेतावनी दी कि इजरायली सेना में सेवारत किसी भी विदेशी नागरिक को "प्रत्यक्ष दुश्मन" माना जाएगा। इस बीच, हमास के पूर्व नेता खालिद मेशाल का दावा है कि आतंकवादी समूह के पास इजरायली जेलों में बंद हजारों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा कराने के लिए इजरायली रक्षा बलों के गाजा डिवीजन के उच्च रैंकिंग अधिकारियों सहित "पर्याप्त बंधक" हैं।
सीएनएन ने मेशाल के हवाले से सोमवार को एक लाइव साक्षात्कार में अलाराबी टीवी से कहा, "इस लड़ाई का एक लक्ष्य हमारे अपने लोगों से ज़ायोनी जेलों को खाली कराने के लिए इजरायली सैनिकों और अधिकारियों को बंधक बनाना था।" उन्होंने कहा कि हमास नागरिकों और विदेशी नागरिकों के साथ अलग-अलग व्यवहार करेगा। हमास नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानून के अनुसार बंधकों से निपटेगा।
: जंग में नरम पड़े अमेरिका के तेवर, इजरायल के साथ जॉर्डन भी जाएंगे जो बाइडेन
Tue, Oct 17, 2023
येरुशलम
इजरायल और हमास के युद्ध के बीच अमेरिका का रुख नरम पड़ता दिखाई दे रहा है। किसी तरह युद्ध रोकने के लिए अमेरिका सऊदी आरब और मिस्र से भी बातचीत में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। अमेरिका राष्ट्रपति एंटनी ब्लिंकन पहले हमास को समझाने के लिए सऊदी अरब से बात करने पहुंचे थे। अब राष्ट्रपति जो बाइडेन खुद इजरायल और जॉर्डन का दौरा करने वाले हैं। इजरायल में वह पीएम नेतन्याहू के साथ बातचीत करेंगे और इसके बाद जॉर्डन में इजरायली और अरब लीडरशिप से बात करेंगे। अमेरिका एक तरफ इजरायल के साथ खड़े होने की बात कर रहा है तो दूसरी तरफ अरब देशों से बात करके गाजा में मदद पहुंचाने की भी पहल में जुटा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंक ने बताया है कि गाजा पट्टी में बड़ी तबाही हुई है। वहीं इजरायल अब 367 वर्ग किलोमीटर में जमीनी हमला करने की भी तैयारी कर रहा है। इन सबके लिए हमास के आतंकी जिम्मेदार हैं और उनका खात्मा जरूरी है। अब जो बाइडेन इजरायल और जॉर्ड का साथ में दौरा करके संदेश देना चाहते हैं कि अमेरिका गाजा के आम लोगों की हित चाहता है लेकिन वह इजरायल के साथ खड़ा है। इसके अलावा अमेरिका ईरान को भी कड़ा संदेश देना चाहता है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका इजरायल और यूक्रेन को 2 अरब डॉलर की अतिरिक्त सहायता देने पर भी विचार कर सकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन पहले सऊदी अरब पहुंचे थे। उन्होंने सऊदी प्रिंस से हमास को समझाने को लेकर चर्चा की कि वह इजरायली बंधकों को मुक्त कर दे ताकि इजरायल पर भी गाजा पर हमला रोकने के लिए दबाव बनाया जा सके। इसके बाद ब्लिंकन इजरायल पहुंचे और उन्होंने कई घंटे पीएम नेतन्याहू से बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह इजरायल के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण समय है और इससे पूरी दुनिया प्रभावित होने वाली है।
नरम पड़ा अमेरिका का रुख
ब्लिंकन ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन के दौरे के समय इजरायल की तरफ हमास से लड़ने की पूरी रणनीति सामने रखी जाएगी जिससे कि आम लोगों को कम से कम नुकसान पहुंचे। इसके अलावा गाजा के आम लोगों को मदद पहुंचाने पर भी बात होगी। वाइट हाउस की तरफ से यह भी ऐलान किया गया कि बाइडेन किंग अब्दुल्लाह से मुलाकात करने के लिए जॉर्डन भी जाएंगे। इसके अलावा उनकी मुलाकात फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी से भी होगी।
बाइडेन ने पोस्टपोन कर दी पूर्व निर्धारित यात्रा
अमेरिकी राष्ट्र्पति पहले प्यूब्लो, कोलोराडो की यात्रा पर जाने वाले थे। हालांकि इजरायल की यात्रा के लिए उन्होंने पूर्व निर्धारित दौरों को स्थगित कर दिया। वह मध्य एशिया के दौरे को ज्यादा वैल्यू दे रहे हैं। बाइडेन ने फोन पर एजिप्ट के राष्ट्रपित और इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शइया अल सुडानी से भी बात की थी। मंगलवार को यूरोप के कई देश भी इस युद्ध को लेकर बड़ी बैठक करने वाले हैं। बता दें कि ब्लिंकन की मुलाकात एजिप्ट के राष्ट्रपति से पहले ही हो चुकी है।