: PM मोदी की लक्षद्वीप यात्रा से मालदीव को जलन, मंत्री ने कही ऐसी बात
Sun, Jan 7, 2024
कावारत्ती.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। लक्षद्वीप की सुंदरता देख लोग अब वहां घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं। इस बीच, मालदीव के एक मंत्री के एक्स पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया है। मंत्री अब्दुल्ला महजूम माजिद ने भारत पर मालदीव को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत को समुद्र तट पर्यटन में मालदीव को टक्कर देने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
इसे लेकर भारतीय इंटरनेट यूजर्स भड़क गए और #boycottmaldives ट्रेंड होने लगा। लोग मंत्री को अपडेट रहने की सलाह दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि भारत के पास मालदीव से खूबसूरत सी-बीच लक्षद्वीप में हैं और अब हमें विदेश जाने की जरूरत नहीं है। पीएम मोदी ने हाल ही में लक्षद्वीप की यात्रा के दौरान समुद्र के नीचे के जीवन का पता लगाने के लिए 'स्नॉर्कलिंग' का लुत्फ उठाया था। उन्होंने समुद्र के नीचे का जीवन पता लगाने संबंधी तस्वीरें सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कीं। उन्होंने अरब सागर में स्थित द्वीपों में प्रवास के अपने उत्साहजनक अनुभव को साझा किया। उन्होंने लिखा, 'जो लोग रोमांचकारी अनुभव लेना चाहते हैं, लक्षद्वीप उनकी सूची में जरूर होना चाहिए। मेरे प्रवास के दौरान मैंने स्नॉर्कलिंग की भी कोशिश की। यह कितना उत्साहजनक अनुभव था!' मोदी ने लक्षद्वीप के समुद्र तटों पर सुबह की सैर और समुद्र तट के किनारे कुर्सी पर बैठे फुर्सत के कुछ क्षणों की तस्वीरें भी साझा कीं। ये फोटोज इंटरनेट पर वायरल हो गईं।
चीन से बढ़ रही मालदीव की नजदीकी
मालूम हो कि पीएम मोदी की लक्षद्वीप यात्रा को लेकर मालदीव के मंत्री का पोस्ट ऐसे समय आया जब दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण चल रहे हैं। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत से अपनी सेना उसके देश से हटाने की मांग की है। मुइज्जू ने कुछ दिनों पहले कहा कि अगर भारत अपनी सेना को नहीं हटाएगा तो यह मालदीव के लोगों की लोकतांत्रिक आजादी का अपमान होगा। यह मालदीव में लोकतंत्र के भविष्य के लिए खतरा होगा। इतना ही नहीं, मुइज्जू 8 से 12 जनवरी तक चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं। मुइज्जू के पूर्ववर्ती भारत के साथ व्यापक द्विपक्षीय संबंधों और मालदीव से निकटता को देखते हुए पहले नई दिल्ली का दौरा किया करते थे, जिसके बाद चीन का नंबर आता था। मगर, हाल के दिनों में चीन ने मालदीव में कुछ प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश कर द्वीपीय राष्ट्र में अपना प्रभाव बढ़ाया है।
: 'जैसे परशुराम ने ली भगवान राम की परीक्षा, वैसे ही...': जयशंकर
Sun, Jan 7, 2024
तिरुवनंतपुरम.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राजनयिक स्थितियों को समझाने के लिए महाकाव्य रामायण से उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रों की परीक्षा उनके पड़ोसी देशों की ओर से ली जा सकती है। ठीक उसी तरह, जैसे कि भगवान राम की परीक्षा परशुराम ने ली थी। विदेश मंत्री ने शनिवार को कहा कि जिस तरह भगवान राम को लक्ष्मण की जरूरत थी, उसी तरह हर देश को मजबूत और भाई समान दोस्त की आवश्यकता है। जयशंकर ने यह बयान तिरुवनंतपुरम में तीसरे पी. परमेश्वरनजी स्मारक व्याख्यान के दौरान दिया।
यह कार्यक्रम संघ परिवार के प्रमुख संगठन भारतीय विचार केंद्रम की ओर से आयोजित किया गया। जयशंकर ने महाकाव्य के प्रसंगों का हवाला देते हुए कहा कि भगवान राम ने धनुष तोड़ने जैसी बड़ी परीक्षा उत्तीर्ण की और आज की दुनिया में देश भी इसी तरह की परीक्षाओं से गुजरते हैं। उन्होंने कहा, 'जब राष्ट्रों का उत्थान होता है तो उनके साथ बिल्कुल यही होता है। आइए हम अपने देश पर नजर डालें। मजबूत अर्थव्यवस्था से हम एक परीक्षा में पास हुए। परमाणु परीक्षण और परमाणु शस्त्रागार विकसित कर हमने एक और परीक्षा पास की। यह एक धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने जैसा है जो एक परमाणु धनुष है। यह एक प्रौद्योगिकी परीक्षण हो सकता है।'
विश्व व्यवस्था में बड़ी भूमिका की तैयारी करे भारत: जयशंकर
विदेश मंत्री ने कहा कि जिस तरह राम की परीक्षा परशुराम ने ली थी, उसी तरह हमारी भी परीक्षा ली जा सकती है। इसलिए हमें अन्य स्थितियों में परखा जा सकता है। राष्ट्रों की परीक्षा पड़ोसियों की ओर से ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि आज की विश्व व्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाने के लिए भारत को तैयारी करनी चाहिए और उसे यह काम ऐतिहासिक व सभ्यतागत उत्तरदायित्व के बोध के साथ करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वर्तमान विश्व में परंपरा के पास लोगों को सिखाने के लिए बहुत कुछ है। वैश्वीकरण के इस दौर में इतिहास, परंपरा व संस्कृति के कोण से देखने पर विश्व से संपर्क साधने का ठोस आधार प्राप्त होता है।
: ED पर हुए हमले में TMC के खिलाफ बोल फंसे अधीर रंजन
Sun, Jan 7, 2024
कोलकाता.
पश्चिम बंगाल के संदेशखली में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया था। उनके वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई थी। इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। एक तरफ कांग्रेस ने मोदी जी और दीदी का कनेक्शन मजबूत बताकर तंज कसा, तो वहीं टीएमसी ने घटना की निंदा। अब भाजपा ने पलटवार किया है। उसका कहना है कि यह किस तरह का गठबंधन है, जहां कांग्रेस के सबसे बड़े नेता ही कह रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है।
गौरतलब है, कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को कहा था, 'सत्ताधारी दल उन्हें पीछे से ताकत दे रहे हैं और इस वजह से काका बाबू, खोका बाबू, शाहजहां और नूर की कमी नहीं है। अगर भाजपा के पास हिम्मत है तो उन्हें कुछ करना चाहिए। जब वह मणिपुर में कुछ नहीं कर पाए तो वह बंगाल में कैसे करेंगे? हम अशांत क्षेत्र में राष्ट्रपति शासन चाहते हैं, लेकिन उनके पास हिम्मत नहीं है। वे केवल दावा करते हैं। मोदी जी और दीदी का कनेक्शन मजबूत है और इस वजह से यह नहीं हो सकता है। जो संदेशखाली में हुआ वह भारत के किसी अन्य राज्य में नहीं हुआ होगा। बदमाशों के भीतर आज इतनी हिम्मत आ गई है और यह इसका उदाहरण है। यह घटना राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी और राज्य पुलिस बल के बीच के रिश्ते को दर्शाता है।'
भाजपा का पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के बयान पर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, 'टीएमसी का मतलब तालिबानी मानसिकता और संस्कृति है और इसकी पुष्टि लोकसभा और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े नेता अधीर रंजन चौधरी ने की है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। एक तरफ कांग्रेस टीएमसी के साथ गठबंधन करती है और दूसरी तरफ उनके सबसे बड़े नेता कहते हैं कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है। लेकिन कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी को बताना चाहिए कि वे अधीर रंजन चौधरी से सहमत हैं या नहीं। यह किस तरह का गठबंधन है?'