: रेलवे ने खाटू श्याम प्रेमियों की कर दी मौज
Sun, Jan 7, 2024
जयपुर.
खाटू श्याम (Khatu Shyam) जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे ने खाटू श्याम प्रेमियोंं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली-जैसलमैर-दिल्ली रूणिचा एक्सप्रेस ट्रेन (Runicha Express Train) में तीन कोच बढ़ा दिए हैं। गुड़गांव-रेवाड़ी के रास्ते चलने वाली इस ट्रेन में दो द्वितीय शयनयान और एक थर्ड एसी डिब्बे की स्थायी तौर पर बढ़ोतरी की गई है।
बता दें कि गुड़गांव स्टेशन से एकादशी, नए साल, दिवाली और फाल्गुन माह में रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु खाटू श्याम के लिए जाते हैं। गुड़गांव से जैसलमैर, जयपुर, बिकानेर जाने वाली लगभग सभी ट्रेनों में खचाखच यात्रियों की भीड़ होती है। नए साल पर तो ट्रेन के दरवाजे नहीं खुलने पर यात्रियों ने ट्रेन को ही रोक था। भीड़ ने ट्रेन में तोड़फोड़ भी की थी। ऐसे में रेलवे ने अब गाड़ी संख्या 14087/14088, दिल्ली-जैसलमेर-दिल्ली रूणिचा एक्सप्रेस ट्रेन में दिल्ली से 13 जनवरी से और जैसलमेर से 14 जनवरी से थर्ड एसी डिब्बे की स्थायी बढ़ोतरी की है। बढ़ोतरी के बाद इस ट्रेन में कुल 18 डिब्बे होंगे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि फाल्गुन माह में लाखों की संख्या में श्रद्धालु खाटू श्याम जाएंगे। खाटू श्याम जाने वाले ट्रेनों में कोच की बढ़ोतरी की जा रही है। गौरतलब है कि नए साल के दिन गुड़गांव रेलवे स्टेशन पर रींगस स्थित खाटू श्याम दर्शन करने जाने वाले यात्रियों ने रात में जमकर हंगामा किया था। उन्होंने ट्रेन को करीब 55 मिनट तक रेलवे ट्रैक पर ही रोक कर रखा।
यात्रियों का आरोप था कि दिल्ली सराय रोहिल्ला से उदयपुर सिटी तक जाने वाली चेतक एक्सप्रेस ट्रेन के यात्रियों ने गेटों को अंदर से बंद कर दिया था। इससे गुस्साए कई यात्रियों ने ट्रेन में तोड़फोड़ भी की थी। इसके बाद रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को समझा-बुझाकर ट्रैक से हटाया था। चेतक एक्सप्रेसवे के गेट खुलवाकर कुछ यात्रियों को इस ट्रेन के माध्यम से रींगस स्टेशन भेजा तो कुछ को एक घंटे बाद आई सैनिक एक्सप्रेस ट्रेन से रींगस के लिए रवाना किया। बता दें कि, खाटू श्याम जाने के लिए जनशताब्दी एक्सप्रेस, रूणिचा एक्सप्रेस, सैनिक एक्सप्रेस और चेतक एक्सप्रेस चलती हैं।
: मौसम का ट्रिपल अटैक, कोहरे और शीतलहर की मार के बीच होगी बारिश
Sun, Jan 7, 2024
नई दिल्ली.
उत्तर भारत के तमाम इलाकों में जनवरी के शुरुआती दिनों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कोहरे, शीतलहर की मार के बीच बारिश ने कंपकपी और ज्यादा बढ़ा दी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में दोपहर के वक्त भी ठीक से धूप नहीं हो रही है। यूपी में आज भी मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। आगरा, इटावा, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा और उसके आसपास के इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा पड़ सकता है
इन जिलों में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। राज्य के पूर्वांचल वाले हिस्सों में भी ठंड से बुरा हाल है। आजमगढ़, मऊ, बलिया, बनारस समेत कई जिलों में कोहरे का प्रकोप है और सर्यू की रोशनी कभी-कभार ही नजर आ रही है।
राजधानी दिल्ली में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। गंभीर शीतलहर के बाद शनिवार को कुछ राहत जरूर मिली। हालांकि, आज सुबह से ही शीतलहर का अहसास हो रहा है। वीकेंड पर भी ज्यादातर लोग अपने घरों में हीटर जलाकर बैठे हुए हैं। मॉर्निंग वॉक पर भी कम ही लोग बाहर निकल रहे हैं। मौसम विभाग ने रविवार को आसमान साफ रहने का पूर्वानुमान लगाया है। अगले 5-6 दिन तक अधिकतम तापमान 15 से 16 डिग्री के आसपास रह सकता है। राजधानी में 9 जनवरी को हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। शहर में शनिवार को न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक है। अधिकारियों के मुताबिक, कोहरे के कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं और दिल्ली आने वाली 14 ट्रेनें देरी से चल रही हैं।
मध्य प्रदेश में कई जगहों पर वर्षा का अनुमान
मध्य प्रदेश में वर्षा और कोहरे के बीच कई दिनों से कड़ाके की ठंड जारी है। आज भी राज्य के शहडोल और जबलपुर संभाग में आने वाले जिलों में बारिश के आसार हैं। राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर संभाग में आने वाले जिले में बीते 24 घंटों के दौरान कहीं-कहीं हल्की वर्षा दर्ज की गई। जबलपुर, शहडोल, सागर संभागों के जिले में अनेक स्थानों पर और नर्मदापुरम व रीवा संभागों के जिलों में वर्षा दर्ज की गई। अशोक नगर, आगर, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर जिले में मध्यम से घना कोहरा देखा गया। प्रदेश की राजधानी में शनिवार को मौसम शुष्क रहा और आकाश में बादल छाए रहे। यह स्थित अगले चौबीस घंटे के दौरान रहने की संभावना है।
राजस्थान और तेलंगाना में बारिश के आसार
राजस्थान में कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच बारिश को लेकर अलर्ट जारी हुआ है। राज्य में 7 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है, जिसके चलते बदरा बरस सकते हैं। बीते दिनों झालावाड़ जिले में हल्की बारिश हुई थी और आसपास के क्षेत्रों में भी हल्की बूंदाबांदी देखी गई। वहीं, तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर 8 और 9 जनवरी को हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने यह जानकारी दी। राज्य के आदिलाबाद, कोमाराम भीम आसिफाबाद, मंचेरियल, निर्मल, रंगारेड्डी, हैदराबाद, मेडचल मल्काजगिरी, विकाराबाद, संगारेड्डी और मेडक जिलों में अलग-अलग जगहों पर कोहरा छाए रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि अगले 48 घंटों के दौरान और 10-13 जनवरी को राज्य में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
डल झील के ऊपर बनी बर्फ की पतली परत
कश्मीर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। डल झील और कश्मीर के दूसरे जलाशयों की सतह पर बर्फ की पतली परत बन गई है। शुक्रवार रात घाटी के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 0 से 4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया। कश्मीर में फिलहाल 40 दिनों की कठोर सर्दियों की अवधि चिल्ला-ए-कलां चल रही है। इस अवधि में कड़ाके की ठंड पड़ती है और तापमान काफी गिर जाता है, जिससे जलाशयों के साथ ही पाइपों में भी पानी जम जाता है। इस दौरान बर्फबारी की संभावना सबसे अधिक होती है और अधिकांश क्षेत्रों, विशेषकर ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी होती है। कश्मीर के अधिकांश मैदानी इलाकों में बर्फबारी नहीं हुई है, जबकि घाटी के ऊपरी इलाकों में भी दिसंबर अंत तक सामान्य से कम मात्रा में बर्फबारी हुई है।
: एक गुजराती चाय ब्रेक पर भी बिजनेस कर लेता है : जस्टिस चंद्रचूड़
Sun, Jan 7, 2024
नई दिल्ली.
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने एक जिला अदालत भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां के लोग समय के साथ बदलावों को अपनाते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हुए हैं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "सपनों की बात करते हुए मुझे एक मजेदार कहावत याद आती है जो गुजरात की भावना को दर्शाती है।
वे कहते हैं कि जब बाकी दुनिया नई तकनीकियों के पीछे दौड़ती है, एक गुजराती सबसे सरल चीजों को भी नया करने का एक तरीका ढूंढ लेगा। उदाहरण के लिए चाय ब्रेक को एक व्यापार रणनीति बैठक में बदलना सर्वोत्कृष्ट गुजराती ह्यूमर है।'' चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका में तकनीक का अनुकूलन न केवल आधुनिकीकरण से संबंधित है, बल्कि न्याय तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम भी है। उन्होंने प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए वकीलों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने यहां एक नए जिला न्यायालय भवन के उद्घाटन के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इन प्रगतियों का लाभ उठाने से अंतर पाटने एवं दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा यह सुनिश्चित होगा कि न्याय प्रदान करना भौगोलिक और तकनीकी बाधाओं के कारण बाधित न हो। उन्होंने कार्यक्रम स्थल से एआई-आधारित ‘‘टेक्स्ट-टू-स्पीच कॉल-आउट सिस्टम’’ का भी उद्घाटन किया। जिला अदालतों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ‘‘ये अदालतें न्याय का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं और एक ऐसे समाज की कल्पना करने में हमारे संविधान के आदर्शों की आधारशिला हैं जहां प्रत्येक नागरिक को न्याय का अधिकार सुनिश्चित है।’’
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने अदालत परिसर में नवीनतम ऑडियो-वीडियो उपकरणों और प्रणालियों से सुसज्जित एक सम्मेलन कक्ष तथा एक प्रशिक्षण कक्ष के बारे में कहा, ‘‘यह उच्चतम न्यायालय के कक्षों में लागू हाइब्रिड और ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस सिस्टम और बदलते समय के अनुरूप है तथा त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकियों का लाभ उठा रहा है।’’
उन्होंने प्रधान जिला न्यायाधीश से यह सुनिश्चित करने की भी अपील की कि वकीलों को प्रौद्योगिकी के उपयोग में प्रशिक्षित किया जाए और उन्हें उस पहलू में न्यायाधीशों से अलग नहीं किया जाना चाहिए।