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: तीनों सेनाओं को 'आत्मनिर्भर' बनाने में डीआरडीओ की महिला वैज्ञानिकों का अहम योगदान रहा

Admin

Thu, Jan 25, 2024

नई दिल्ली
 गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) नारी शक्ति और महत्वपूर्ण प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करेगा। इस बार डीआरडीओ की झांकी भूमि, वायु, समुद्र, साइबर और अंतरिक्ष जैसे सभी 5 आयामों में रक्षा कवच प्रदान करके राष्ट्र की रक्षा करने में महिला शक्ति पर आधारित है। देश की तीनों सेनाओं को 'आत्मनिर्भर' बनाने में डीआरडीओ की महिला वैज्ञानिकों का भी बहुमूल्य योगदान रहा है।

झांकी में रक्षा अनुसंधान एवं विकास में महिलाओं की भागीदारी को प्रमुखता से उजागर किया जाएगा। उत्कृष्ट वैज्ञानिक सुनीता देवी जेना आकस्मिक कमांडर होंगी। झांकी में मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल प्रदर्शित की गई है। इसके अलावा एंटी सैटेलाइट मिसाइल और सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5, बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली, नौसेना एंटी-शिप मिसाइल शॉर्ट रेंज (एनएएसएम-एसआर), एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल 'हेलिना', त्वरित प्रतिक्रिया सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (क्यूआरएसएएम) एस्ट्रा, हल्का लड़ाकू विमान 'तेजस', 'उत्तम' सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक स्कैन्ड ऐरे राडार, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली 'शक्ति', साइबर सुरक्षा प्रणाली, कमांड कंट्रोल सिस्टम और सेमी कंडक्टर फैब्रिकेशन सुविधा का प्रदर्शन किया जाएगा।

मिशन शक्ति में इस्तेमाल की गई एंटी-सैटेलाइट मिसाइल देश की एंटी-सैटेलाइट तकनीक और सटीक स्ट्राइक क्षमता का प्रदर्शन करने में बड़ी सफलता थी। भारत ऐसी विशिष्ट और आधुनिक क्षमता हासिल करने वाला चौथा देश है। अग्नि-5 सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जो उच्च स्तर की सटीकता के साथ लक्ष्य पर हमला करने में सक्षम है। क्यूआरएसएएम हर मौसम में काम करने वाली वायु-रक्षा प्रणाली है, जो सामरिक युद्ध क्षेत्र में भारतीय सेना के हथियारों की हवाई सुरक्षा करती है। एस्ट्रा, दृश्य सीमा से परे हवा से हवा में मार करने वाली एक अत्याधुनिक मिसाइल है, जो अत्यधिक पैंतरेबाजी वाले सुपरसोनिक हवाई लक्ष्यों को भेदने और नष्ट करने में सक्षम है।

नौसेना एंटी-शिप मिसाइल शॉर्ट रेंज की पहली स्वदेशी वायु प्रक्षेपित एंटी-शिप मिसाइल प्रणाली है। बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली एक मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम है, जो कम दूरी पर कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए है। हेलीकॉप्टर से प्रक्षेपित नाग तीसरी पीढ़ी की 'दागो और भूल जाओ' एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल है, जो सीधे हिट मोड के साथ-साथ टॉप अटैक मोड में भी लक्ष्य पर हमला कर सकती है। इस प्रणाली में सभी मौसम में दिन और रात की क्षमता है और यह युद्धक टैंकों को नष्ट कर सकती है। एलसीए तेजस स्वदेशी रूप से विकसित हल्का वजन और मल्टी रोल 4 पीढ़ी का सामरिक लड़ाकू विमान है, जो लक्ष्य को अत्यधिक नुकसान पहुंचाने के लिए लेजर निर्देशित बम और आधुनिक मिसाइल ले जा सकता है।

 

 

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