: पीएम समेत सभी भक्त ग्रहण करेंगे प्रसाद
Sat, Jan 20, 2024
रायपुर
अयोध्या में भव्य रामलला के दरबार में उनके स्थापना महोत्सव का आगाज हो चुका है। शास्त्रीय पद्धति, द्वादश अधिवास के बाद रामलला के बालस्वरूप प्रतिमा की प्राणप्रतिष्ठा होगी। प्राणप्रतिष्ठा के लिए पौष शुक्ल कूर्म द्वादशी, विक्रम संवत 2080, यानी सोमवार, 22 जनवरी 2024 को दोपहर 12.20 बजे का मुहूर्त तय किया गया है। प्राणप्रतिष्ठा के बाद भगवान राम की विधिवत आरती पूजन किया जाएगा। इस आरती पूजन से पहले जो भोग रामलला को अर्पित होगा उसमें छत्तीसगढ़ से भेजे गए चांवल का इस्तेमाल किया जाया।
श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से मिली जानकारी के मुताबिक रामलला को पहली खीर का जो भोग लगेगा वो उनके ननिहाल छत्तीसगढ़ से भेजे गए जवाफूल चांवल से बनेगा। वहीं उन्हें छत्तीसगढ़ के ही चांवल से बने भात का भोग भी लगेगा। इसके आलावा छत्तीसगढ़ से भेजे गए तीन हजार क्विंटल चांवल से ही राम मंदिर में होने वाले भंडारे की शुरुआत की जाएगी। यही प्रसाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हजारों की संख्या में पहुंचे संत महात्मा समेत स्थापना पर पहुंचे तमाम लोग भी ग्रहण करेंगे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोशिएशन ने राम मंदिर परिसर से 300 मीट्रिक टन चावल अयोध्या भेजा था। चांवल से भरे 11 ट्रकों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 30 दिसंबर को हरी झंडी दिखाकर श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या के लिए रवाना किया था।
ये हमारा सौभाग्य - योगेश अग्रवाल
रामलला के दरबार में छत्तीसगढ़ के चांवल से भोग लगाए जाने की सूचना पर छत्तीसगढ़ राईस मिलर्स एसोशिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने कहा कि ये छत्तीसगढ़ के अन्नदाता, यहां के करोड़ों रामभक्त, हमारे राईस मिलर्स और सभी के लिए सौभाग्य की बात है कि ये अवसर हमें मिला। रामलला के दरबार में हमारे यहाँ से भेजे गए जवाफूल चांवल से खीर बनाई जाएगी, जिसका भोग उन्हें प्राणप्रतिष्ठा के बाद सबसे पहले भोग लगाया जाएगा। वहीं छत्तीसगढ़ के ही चावल से बने भात का भोग उन्हें अर्पित किया जाएगा।
: तीन दिवसीय क्षेत्रीय समीक्षा बैठक शुरू
Sat, Jan 20, 2024
रायपुर
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कल मलेरिया उन्मूलन पर तीन दिवसीय क्षेत्रीय संभागीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। पहले दिन स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और ग्लोबल फंड्स सपोर्टेड सभी 10 राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर छत्तीसगढ़ राज्य में विशेष रूप से मलेरिया के मामलों की समीक्षा की गई।
रायपुर में आयोजित बैठक में संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, भारत सरकार, श्री राजीव मांझी, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छ.ग. शासन, श्री जगदीश सोनकर, संयुक्त सचिव श्रीमती विमला नावरिया (छत्तीसगढ़ शासन) डॉ. तनु जैन निदेशक, एनसीवीबीडीसी (भारत सरकार) डॉ. रिंकू शर्मा संयुक्त संचालक, एनसीवीबीडीसी (भारत सरकार) सलाहकार एनवीबीडीसी डॉ. सी. एस. अग्रवाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिनिधि व छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा के वरिष्ठ क्षेत्रीय संचालक के साथ सभी 10 राज्यों के (मलेरिया) कार्यक्रम अधिकारी व उनकी टीम समीक्षा बैठक में उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मलेरिया उन्मूलन हेतु बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2015 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2030 तक मलेरिया उन्मूलन हेतु जो रोडमैप तैयार किया गया है। उक्त लक्ष्य प्राप्ति हेतु छत्तीसगढ़ राज्य निरंतर प्रयासरत है। वर्ष 2015 में वार्षिक परजीवी सूचकांक 5.21 से कम होकर वर्ष 2023 में 0.98 रिपोर्ट किया गया है। राज्य सरकार के द्वारा ट्राईबल क्षेत्रों में मलेरिया एक्शन प्लान के ऊपर भी कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत प्रदेश में 2020 से 'मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान' का संचालन किया जा रहा है। । बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने सभी 10 राज्यों में मलेरिया की स्थिति की जानकारी के साथ ही छत्तीसगढ़ में मलेरिया अद्यतन स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता व मितानिनों द्वारा मलेरिया नियंत्रण की दिशा में अच्छा कार्य किया जा रहा है। मलेरिया नियंत्रण हेतु उन्होंने गुणवत्तापूर्ण माइक्रोस्कोपिक टेस्टिंग/आरडी टेस्ट बढ़ाने हेतु भी निर्देश दिए साथ ही मलेरिया के मरीजों की मृत्यु न हों इस पर भी जोर दिया। मलेरिया प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच व उपचार के साथ स्क्रीनिंग बढ़ाने के भी निर्देश संबंधितों को दिए।
: कुमार गंधर्व जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव हुए शामिल
Sat, Jan 20, 2024
कालजयी शास्त्रीय गायक पं. कुमार गंधर्व अद्वितीय व्यक्तित्व के धनी - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कुमार गंधर्व जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव हुए शामिल
भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देवास में पद्मविभूषण पं. कुमार गंधर्व जन्म शताब्दी वर्ष को लेकर स्थानीय पं. कुमार गंधर्व प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तीन दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में कलापिनी कोमकली ने पद्मविभूषण पं. कुमार गंधर्व की जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम की रूप रेखा बताई। देवास विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार ने कार्यक्रम में आभार माना।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पं. कुमार गंधर्व संगीत की दुनिया में अद्वितीय थे। हम धन्य है कि हमें जन्म शताब्दी कार्यक्रम में आने का सौभाग्य मिला है। हमनें देवताओं को तो नहीं देखा, न इंद्र की सभा में कभी गए, लेकिन पं. कुमार गंधर्व के माध्यम से समझ सकते हैं कि इंद्र की सभा कैसी होती होगी। कालजयी शास्त्रीय गायक पंडित कुमार गंधर्व अद्वितीय व्यक्तित्व के धनी थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पद्मविभूषण पं. कुमार गंधर्व छाया चित्र की प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में पं. कुमार गंधर्व के जीवन के अलग-अलग काल खंड के चित्र अवलोकन के लिए लगाए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पंडित कुमार गंधर्व के जीवन पर आधारित टेबल कैलेंडर का विमोचन किया।
पं. कुमार गंधर्व देवास के कोहिनूर है। उन्होंने कहा कि प. कुमार गंधर्व छाया चित्र की प्रदर्शनी में दिख रहा है कि उन्होंने बड़े-बड़े कलाकारों के साथ बाल कलाकार के रूप सुंदर प्रस्तुतियां दी है। प्रदर्शनी में पं. कुमार गंधर्व के बाल कलाकार से बडे होने तक का विराट रूप देखा है। पं. कुमार गंधर्व अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव है।
जन्म शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के पहले दिन संगीत सभा की शुरुआत शास्त्रीय गायक भुवनेश कोमकली के गायन से हुई। पं. कुमार गंधर्व की जन्म शताब्दी वर्ष पर तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे जो 21 जनवरी तक चलेंगे। इसमें अलग-अलग कलाकार प्रस्तुतियाँ देंगे।
कार्यक्रम में सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक श्रीमती गायत्री राजे पवार, मनोज चौधरी, आशीष शर्मा, मुरली भंवरा, डॉ राजेश सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटरिया, देवास विकास प्राधिकरण अध्यक्ष राजेश यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अन्य अधिकारी एवं संगीत प्रेमी उपस्थित थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की सौजन्य भेंट
भोपाल
राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट हेतु मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजभवन पहुँचे। राज्यपाल पटेल का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उनके साथ सौजन्य चर्चा की।