: कांग्रेस ने पूर्व राज्यसभा सांसद सहित 9 महिलाओं को दिया मौका
Thu, Oct 19, 2023
रायपुर.
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में 53 प्रत्याशियों के नाम हैं। 7 विधानसभा के प्रत्याशियों का नाम रोका है। कांग्रेस ने अपनी दूसरी लिस्ट में 10 विधायकों के टिकट काट दिया है। कांग्रेस ने अपनी पहली सूची में 30 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की थी, जिसमें 8 विधायकों का टिकट काटा था। कांग्रेस ने एक पूर्व राज्यसभा सांसद सहित 9 महिलाओं को मौका दिया है।
जबकि रायपुर उत्तर, महासमुंद, सरायपाली, कसडोल, बैकुंठपुर, सिहावा और धमतरी सीट पर अभी नाम रोका गया है। प्रत्याशियों के नामों का पेंच फंसा होने की वजह से यहां घोषणा नहीं की गई है।
इन विधायकों का काटा टिकट-
धरसीवां- अनिता शर्मा, बिलाईगढ़- चंद्रदेव राय, रायपुर ग्रामीण- सत्यनारायण शर्मा, जगदलपुर- रेखचंद जैन, मनेंद्रगढ़- विनय जायसवाल, प्रतापपुर- प्रेमसाय सिंह टेकाम, रामानुजगंज- बृहस्पति सिंह, सामरी- चिंतामणी महाराज, लैलूंगा- चक्रधर सिदार, पाली-तानाखार- मोहित केरकेट्टा
पहली सूची में इन विधायकों का कटा था टिकट
कांग्रेस ने पहली सूची में जिन विधायकों का टिकट काटा गया है, उनमें पंडरिया से ममता चंद्राकर, खुज्जी से छन्नी साहू, दंतेवाड़ा से देवती कर्मा, अंतागढ़ से अनूप नाग, कांकेर से शिशुपाल सोरी, चित्रकोट से राजमन बेंजाम, डोंगरगढ़ से भुवनेश्वर बघेल, नवागढ़ से गुरुदयाल बंजारे का नाम शामिल हैं। राजमन बेंजाम की जगह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद दीपक बैज चुनाव लड़ रहे हैं। देवती कर्मा की जगह अब उनके बेटे छविंद्र कर्मा को मौका दिया गया है।
बस्तर की एकमात्र सामान्य सीट पर नया चेहरा
बता दें कि छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव होना है। पहला चरण 7 नवंबर और दूसरे चरण की वोटिंग 17 नवंबर को होगी। पहले चरण के चुनाव के लिए कांग्रेस की एकमात्र सीट जगदलपुर बची थी, जिसमें अब पूर्व महापौर जतिन जायसवाल को टिकट दिया गया है। वर्तमान विधायक रेखचंद जैन का टिकट काट दिया गया है। कांग्रेस की पहली चरण की पूरी सीटें हो गई है। पहले चरण की 20 सीटों पर 7 नवंबर को मतदान होगा। वहीं दूसरे चरण में 70 सीटों पर वोटिंग की जाएगी। परिणाम 3 दिसंबर को आएंगे। कांग्रेस पार्टी ने अभी सात विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों का नाम रोका है। इन सीटों पर पेंच फंसा हुआ है।
: सेंड्रा के सैकड़ों ग्रामीण वोट देने से रहेंगे वंचित
Thu, Oct 19, 2023
बीजापुर.
भोपालपटनम ब्लॉक के सबसे अंतिम छोर पर बसे सेंड्रा इलाके के सैकड़ों ग्रामीण विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रह जाएंगे। भोपालपटनम ब्लॉक में कुल 62 मतदान केंद्र बनाये गए हैं। इसमें 17 मतदान केंद्र को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इन मतदान केंद्रों को दूसरी जगह शिफ्ट करने प्रस्ताव भेजा गया है। सेंड्रा इलाके के तीन पंचायत हैं, जिनमें बड़ेकाकलेट, सेंड्रा व एडापल्ली शामिल हैं।
यह तीन पंचायतों में 23 गांव आते हैं। इसमें सैकड़ों ग्रामीण रहते हैं। इन तीन पंचायतों के कई ग्रामीण 2005 में शुरू हुए सलवा जुडूम के समय अपना घर, गांव, खेत छोड़कर भोपालपटनम फॉरेस्ट नाके के पास आकर बस गए थे। धीरे-धीरे यह इलाका सेंड्रापारा के नाम से जाना जाने लगा। चुनाव के समय इन तीन पंचायतों के लिए मतदान केंद्रों को भोपालपटनम सेंड्रापारा के पास के स्कूल में लगाया जाता है। यहां बसे लोग मतदान करते हैं, लेकिन तीन पंचायतों के गांवों में जो लोग निवासरत हैं वे अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाते हैं। चूंकि मतदान केंद्र 70 किलोमीटर की दूरी पर विस्थापित किया जाता है। बता दें कि बड़ेकाकलेड, सेंड्रा व एडापल्ली पंचायतों में अभी भी सैकड़ों लोग वहीं रहते हैं। इतनी दूरी तय कर विस्थापित किए गए केंद्रों में ग्रामीण वोट देने नहीं आ पाते हैं। यहां बसे ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पंचायत की कोई सुविधाएं नहीं मिलती सिर्फ राशन दिया जाता है। आवास व किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। उनका कहना है कि वे अधर में लटके हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने नगर पंचायत में शामिल करने के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कहा था। सीएमओ ने उच्च अधिकारियों से बात करने को कहा है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने सड़क, पानी, आवास जैसी समस्याओ की फरियाद तमाम नेताओं को सुनाई मगर इनका कोई हल नहीं निकल पाया। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी गांव में कई एकड़ खेती है। वह सब कुछ छोड़ सलवा जुडूम के बिगड़े हालात में आए थे। उन्होंने बताया कि अब वो यहां पूरी तरह बस चुके है। उनके जीवन यापन का सहारा मजदूरी है, वे कुली मजदूरी कर अपना घर चलाते हैं।
तीन पंचायतों के हैं 23 गांव
सेंड्रा इलाके के बड़ेककलेड पंचायत में 10 गांव हैं। इनमें कानलापर्ती, पीलूर, सप्पीमारक, मारवाड, पेंकुदूर, फूलगुण्डम, बड़ेककलेड, अन्नापुर, छोटेककलेड, टेकमेंट्टा हैं। वहीं, सांड्रा पंचायत में छह गांव आते हैं। इनमें रालापल्ली, जारागुड़ा,सेंड्रा, चिपनपल्ली, चरेपल्ली, फन्दीवाया है। एडापल्ली पंचायत में 7 गांव है। जिसमे इरपागुट्टा, आरेपल्ली, कोक्केरा, गरतुल, गुण्डापुरी, पलसेगुड़ी, एडापल्ली सामिल है। यह सैकड़ों ग्रामीण निवास करते हैं।
17 मतदान केंद्र है अतिसंवेदनशील
ब्लॉक में कुल 62 पोलिंग बूथों में मतदान होना है, जिनमें सत्रह पोलिंग बूथों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का प्रस्ताव भेजा गया है। धुर नक्सल प्रभावित इलाके में मतदान कराना चुनाव आयोग को चुनौती पूर्ण साबित होता है। चुनाव आयोग ने मतदान को लेकर पूरी तैयारियां पूर्ण कर ली है। भोपालपटनम ब्लॉक में 17 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र है। सुरक्षा की दृष्टि से इन मतदान केंद्रों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।
ब्लॉक मुख्यालय में शिफ्ट किए जाएंगे आठ मतदान केंद्र
माओवादी ग्रस्त तीन पंचायतों के मतदाताओं को शिफ्ट करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इनके लिए कन्या हाईस्कूल में तीन व आत्मानंद स्कूल में पांच मतदान केंद्र लगाए जाएंगे। सेंड्रा, चेरपल्ली, अन्नापुर, पीलूर, बड़ेकाकलेड, इरपागुट्टा, एडापल्ली, फलसेगुण्डी मतदान केंद्र शामिल हैं।
सैकड़ों ग्रामीण वोट देने से रहेंगे वंचित
बीएलओ की जानकारी के मुताबिक, एडापल्ली मतदान केंद्र में चार सौ दस मतदाता है। जिनमें 29 लोग भोपालपटनम में रहते हैं और आठ लोग बीजापुर में है। बाकी 373 ग्रामीण गांव में ही रहते है। सेंड्रा मतदान केंद्र में 585 मतदाता हैं। जिनमें 90 लोग भोपालपटनम में रहते हैं। बाकी 495 ग्रामीण गांव में ही रहते हैं।
: असम सीएम का कांग्रेस पर हमला
Thu, Oct 19, 2023
कवर्धा.
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में भाजपा की ओर से कवर्धा व पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के दोनों प्रत्याशियों ने नामांकन जमा करने से पहले आमसभा का आयोजन किया। इस आमसभा में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा शामिल हुए। उन्होंने आमसभा को संबोधित किया। इजरायल-फिलिस्तीन विवाद पर असम के सीएम ने कहा कि राहुल गांधी ने आतंकवादी संगठन हमास का समर्थन किया है, जबकि केन्द्र सरकार इजरायल के साथ खड़ी है। इस देश में जब भी कांग्रेस की सरकार रही है, तब कई आतंकवादी हमला हो चुके है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि केन्द्र की सरकार ने जो वादा लोगों के साथ किया, उसे हमेशा पूरा किया है। असम के सीएम ने आगे कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण का वादा किया था राम मंदिर जनवरी माह में पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। कांग्रेस की सरकार ने कभी भी राम मंदिर निर्माण को लेकर ध्यान नहीं दिया है। उल्टे बाबर, हुमायूं, औरंगजेब, अकबर को बढ़ावा दिया है। इस मौके पर भाजपा के कवर्धा विधानसभा प्रत्याशी विजय शर्मा व पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी भावना बोहरा ने संबोधित किया। कार्यक्रम के बाद दोनों प्रत्याशी समेत भाजपा के दिग्गज नेताओं ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट में नामांकन फार्म जमा किया।
भूपेश सरकार के खिलाफ कसा तंज
आमसभा में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने भूपेश सरकार के खिलाफ जमकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की भूपेश सरकार ने पूरे प्रदेश में शराब बंदी का वादा किया था। आज छत्तीसगढ़ में एक भी शराब दुकान को बंद नहीं किया गया है। यह सरकार शराब को और प्रमोट कर रहीं है। युवाओं को रोजगार न देकर उल्टे बेरोजगारी भत्ता बांट रही है, जबकि भाजपा की सरकार युवाओं को रोजगार देने की काम करती है। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने केन्द्र सरकार की योजनाओं को लोगों तक नहीं पहुंचाया है। केन्द्र सरकार ने करीब 16 लाख पीएम आवास की स्वीकृति दी थी, जिसे राज्य सरकार ने रोक लगाकर रखा है। इसी प्रकार चावल की खरीदी केन्द्र सरकार करती है, जिसे कांग्रेस की सरकार किसानों को गुमराह कर रही है।
असम व छत्तीसगढ़ दोनों दोस्त
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने छत्तीसगढ़ व असम के बीच संबंध को लेकर कहा कि दोनों राज्य आपस में एक अच्छे दोस्त है। क्योंकि, असम के चाय बगान में छत्तीसगढ़ के लगभग 10 लाख श्रमिक काम करते है। असम में छत्तीसगढ़ के लोगों का पूरा ख्याल रखा जाता है। कवर्धा राजघराना की रानी का मायका असम ही है।