: पूर्व मंत्री को कांग्रेस ने थमाया नोटिस
Fri, Dec 15, 2023
रायपुर
अपनी ही पार्टी के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नोटिस थमाते हुए जवाब मांगा हैं कि राज्य सरकार जिसमें आप स्वंय कैबिनेट मंत्री थे और पार्टी की मुखिया के खिलाफ आपने पार्टी फोरम से बाहर जाकर बयान दिया है जो कि अनुशासात्मक दायरे से बाहर हैं आप तीन दिन के भीतर जवाब पेश करें अन्यथा कार्यवाही की जायेगी। गौरतलब है कि हार के बाद अग्रवाल ने सीधे-सीधे भूपेश बघेल और उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल दागा था।
: रानू साहू की याचिका पर सुनवाई की नई तारीख 8 जनवरी
Fri, Dec 15, 2023
रायपुर
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में गुरुवार को कोयला घोटाला कांड में निलंबित चल रही आईएएस रानू साहू की जमानत याचिका पर आज सुनवाई पूरी नहीं होने पर न्यायालय ने 8 जनवरी को सुनवाई की अगली तारीख मुकर्रर की है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल अक्टूबर में ईडी ने छत्तीसगढ़ में कई अफसरों और कारोबारियों के घर-दफ़्तर पर छापामारी की थी और आरोप लगाया था कि राज्य में एक संगठित गिरोह कोयला परिवहन में 25 रुपए प्रति टन की वसूली कर रहा है। ईडी के दस्तावेजों की मानें तो 15 जुलाई 2020 को इसके लिए सरकारी अधिकारियों ने एक सोची-समझी नीति के तहत आदेश जारी किया और उसके बाद ही अवैध वसूली का सिलसिला शुरू हुआ।
ईडी के अनुसार, इस घोटाले में कई कारोबारी, कांग्रेस पार्टी के नेता और अफसर शामिल थे और उन्होंने अब तक इस तरीके से 540 करोड़ रुपए से अधिक की रकम अवैध तरीके से वसूली की। अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों में ईडी ने दावा किया है कि उसने इस संबंध में बड़ी संख्या में डायरी, फोन चैट, लेन-देन के सबूत, करोड़ों रुपए नकद, सोना, अरबों रुपए की संपत्ति के ब्यौरे और दूसरे दस्तावेज जब्त किए।
: रानू साहू की याचिका पर सुनवाई की नई तारीख 8 जनवरी
Fri, Dec 15, 2023
रायपुर
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में गुरुवार को कोयला घोटाला कांड में निलंबित चल रही आईएएस रानू साहू की जमानत याचिका पर आज सुनवाई पूरी नहीं होने पर न्यायालय ने 8 जनवरी को सुनवाई की अगली तारीख मुकर्रर की है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल अक्टूबर में ईडी ने छत्तीसगढ़ में कई अफसरों और कारोबारियों के घर-दफ़्तर पर छापामारी की थी और आरोप लगाया था कि राज्य में एक संगठित गिरोह कोयला परिवहन में 25 रुपए प्रति टन की वसूली कर रहा है। ईडी के दस्तावेजों की मानें तो 15 जुलाई 2020 को इसके लिए सरकारी अधिकारियों ने एक सोची-समझी नीति के तहत आदेश जारी किया और उसके बाद ही अवैध वसूली का सिलसिला शुरू हुआ।
ईडी के अनुसार, इस घोटाले में कई कारोबारी, कांग्रेस पार्टी के नेता और अफसर शामिल थे और उन्होंने अब तक इस तरीके से 540 करोड़ रुपए से अधिक की रकम अवैध तरीके से वसूली की। अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों में ईडी ने दावा किया है कि उसने इस संबंध में बड़ी संख्या में डायरी, फोन चैट, लेन-देन के सबूत, करोड़ों रुपए नकद, सोना, अरबों रुपए की संपत्ति के ब्यौरे और दूसरे दस्तावेज जब्त किए।