: शीला कुमारी व कौशल किशोर को शिक्षा रत्न
Sun, Jan 28, 2024
जमशेदपुर
नवाचारी गतिविधियां समूह ,छतीसगढ़ द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक द्वारा किए गए नवाचार और उनकी अन्य गतिविधि के आधार पर देश भर में सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को दिए जाने वाले शिक्षा रत्न पुरुस्कार 2023 की घोषणा हो गई है। इस बार भी झारखंड से दो शिक्षकों को शिक्षा रत्न पुरुस्कार प्राप्त हुआ है। श्रीमती शीला कुमारी (प्रभारी , राजकीय राजेन्द्र मध्य विद्यालय बागबेड़ा ,जमशेदपुर और श्री कौशल किशोर राय,सहायक को चयनित किया गया है। वर्ष 2022 के लिए इस पुरस्कार हेतु दुमका से सपन कुमार तथा गिरिडीह से वरुण राय का चयन किया गया था।
: सुकमा में तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
Sun, Jan 28, 2024
सुकमा (छत्तीसगढ़).
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में दो महिलाओं समेत तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इनमें से एक महिला नक्सली पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन नक्सलियों ने कहा कि वे ''अमानवीय और खोखली'' नक्सली विचारधारा से निराश थे और शनिवार शाम यहां पुलिस और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 50वीं बटालियन के अधिकारियों के सामने उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान दुधी सुकड़ी (53), दुधी देवे (38) और माड़वी हड़मा (26) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि तुमलपाड़ क्रांतिकारी महिला आदिवासी संगठन (नक्सलियों की एक प्रमुख इकाई) की प्रमुख के रूप में सक्रिय रही देवे पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारी के अनुसार तीनों नक्सलियों ने पुलिस को बताया कि वे जिला पुलिस के नक्सलियों के पुनर्वास अभियान 'पुना नार्कोम' से ''प्रभावित'' हैं।
'पुना नार्कोम' का स्थानीय गोंडी भाषा में अर्थ नई सुबह, नई शुरुआत होता है। उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अनुसार सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। अधिकारियों ने पहले बताया कि पिछले साल राज्य में 384 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। सुकमा राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिलों में से एक है।
: कोरबा में SECL के कोल स्टॉक में पांच दिन से लगी है आग
Sun, Jan 28, 2024
कोरबा.
एसईसीएल मानिकपुर के प्राइवेट स्टार्टिंग के कोल स्टॉक में पांच दिनों से आग लगी हुई है। भारी मात्रा में रखा गया कोयले का स्टॉक धू धू कर जल रहा है लेकिन किसी को इस ओर ध्यान नहीं है। रेलवे स्टेशन के सेकेंड एंट्री के पास है, यह प्राइवेट साइडिंग की घटना है। कोयला परिवहन के दौरान ओवरलोड कोयला एडजस्टमेंट का कोयले का भंडारण किया गया है।
इस आगजनी की घटना के बाद भी एसईसीएल प्रबंधन और न ही रेलवे सुध ले रहा है। राहगीरों की मानें तो कुछ दिनों पहले आग लगने की सूचना पर दमकल वाहन को मौके पर बुलाया गया था। आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसके बावजूद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। तब से धू धू कर कोयले का स्टॉक जल रहा है लेकिन ओर किसी का ध्यान नहीं है। एसईसीएल के कोल साइडिंग पर सुरक्षा पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि वह सीसीएल द्वारा अधीन त्रिपुरा राइफल्स के जवान हैं और उनकी ड्यूटी लगी हुई हैv आज कब कैसे और किन परिस्थितियों में लगी है। इस बात की जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन पिछले कई दिनों से आग लगी हुई है।
आग पर काबू पाने दमकल वाहन को बुलाया गया था। लेकिन उसके बावजूद भी आप पर काबू नहीं पाया जा सका है। कोल स्टॉक में लगी आग रेलवे स्टेशन के करीब है, जहां मालगाड़ी से कुल परिवहन करने के अलावा यात्री ट्रेन कभी परिचालन किया जाता है।