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: शिक्षक अपने मेधा का उपयोग कर छात्रों में वैज्ञानिक सोच उत्पन्न करें

Admin

Mon, Jul 22, 2024
रमेश बत्रा रामानुजनगर | रामानुजनगर विकास खंड के प्राथमिक शाला एवम माध्यमिक शाला जगतपुर में गुरुपूर्णिमा का आयोजन किया गया। सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार साहू एवम सीएसी लक्ष्मी तिवारी ने मां सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण एवम दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुरुआत किया। सभी छात्र अपने शिक्षको को तिलक लगाकर, पुष्पहार पहना, पैर छूकर आशीर्वाद लिए। शिक्षको ने गुरुपूर्णिमा पर गुरु शिष्य परंपरा का महत्व बताया। शिक्षिका हेमलता चंद्रा ने अपने अनुभव शेयर करते हुए बताया कि इसी विद्यालय में पहला पोस्टिंग 15 वर्ष पहले हुआ हमारे प्रधान पाठक 10 मिनट लेट आने पर कैसे गेट बंद करते थे। शुरू में थोड़ा अलग लगा किंतु नियमितता मेरे जीवन का अंग बन गया, उनके मार्गदर्शन में मैने काम करना सीखा। मुझे जिला स्तरीय कई पुरस्कार मिले। आप सभी छात्रों को जीवन में अनुशासन अपनाना होगा। सीएसी लक्ष्मी तिवारी ने अपने गुरुओं को याद करते हुए गुरु का शिष्य के जीवन में महत्व को रेखांकित किया। एबीओ मनोज कुमार साहू ने अपने उद्बोधन में कहा भारत की गुरु शिष्य परंपरा गरिमामय रही। भारत में गुरुओं का स्थान भगवान से भी ज्यादा माना गया है हमारे देश में भगवान राम ने अपने गुरु विश्वामित्र और भगवान कृष्ण ने अपने गुरु संदीपनी मुनि से शिक्षा प्राप्त किया। यहां नालंदा, तक्षशिला विक्रमशिला जैसे वैश्विक और उत्कृष्ट स्तर के विश्वविद्यालय थे, जहां गुरुजी अपने शिष्यों को ज्ञान,विज्ञान, चिकित्सा, जीवन जीने की कला की शिक्षा देते थे। चरक , श्रुषुत, कड़ाद, नागार्जुन जैसे शिक्षको ने भारत को विज्ञान के शिखर पर पहुंचाया। आरूणी की गुरु भक्ति और एकलव्य का गुरु दक्षिणा बड़े आदर से स्मरण किए जाते हैं। हम सभी शिक्षकों को उन गुरुओं से प्रेरित होकर अपने मेधा का उपयोग कर छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना होगा। ताकि हमारी उच्च सांस्कृतिक परंपरा बनी रहे। प्राथमिक शाला जगतपुर में शिक्षा सप्ताह अंतर्गत प्रथम दिवस में एफ एल एन कीट के माध्यम से टीएलएम का भी उपयोग किया गया। छात्र टीएलएम सामग्री के माध्यम से छोटा बड़ा, ऊपर नीचे ,लंबाई चौड़ाई ,पतला मोटा, आगे पीछे, और 1 2 3 4 5 की अवधारणा का प्रदर्शन किए। आज के कार्यक्रम में शिक्षक मनहरण लाल तोमर, अजय साहू ,घनश्याम नेताम, हेमलता चंद्रा, प्रभा सिंह एवं वंश बहादुर सिंह उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक विजय कश्यप ने किया।

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